चौंकिए मत! मधुमेह के मरीज़ों के लिए फायदेमंद है ये मीठा फल

Picture credit : arditor.com

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आज दुनियाभर में मधुमेह की बीमारी बहुत तेजी से बढ़ रही है और भारत में भी इसके मरीज़ों की संख्‍या में इजाफा हो रहा है। डायबिटीज़ के मरीज़ों में से लगभग 90 प्रतिशत लोग टाइप 2 डायबिटीज़ के शिकार हैं।

इस बीमारी में अग्‍नाश्‍य पर्याप्‍त मात्रा में इंसुलिन का उत्‍पादन करना बंद कर देता है या इंसुलिन को प्रतिक्रिया देने में असक्षम हो जाता है। मधुमेह के लक्षणों के बारे में बात करें तो इसमें आंखों का धुंधला हो, लगातार प्‍यास लगना और घाव आदि का देर से भरना शामिल है।

डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है जिसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है लेकिन संतुलित आहार से इस बीमारी को कंट्रोल जरूर किया जा सकता है। हाल ही में हुई एक स्‍टडी में यह बात सामने आई है अपने आहार में स्‍ट्रॉबेरी को शामिल करने से डायबिटीज़ के मरीज़ों में हाई ब्‍लड शुगर का खतरा कम हो सकता है।

स्‍ट्रॉबेरी खाने से फायदा

स्‍ट्रॉबेरी डायबिटीज़ के मरीज़ों में हाई ब्‍लड शुगर की समस्‍या से बचाने में मददगार साबित हो सकती है। इसमें एंथोसियानिंस नामक यौगिकों का समूह पाया जाता है। ये एंथोसियानिंस स्‍ट्रॉबेरी को गाढ़ा लाल रंग देते हैं लेकिन साथ ही ये मधुमेह से भी बचाता है।

दिन में दो बार 160 ग्राम एंथोसियानिंस खाने से इंसुलिन रेसिस्‍टेंस को 13 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। ज्‍यादा स्‍ट्रॉबेरी खाकर आप फास्टिंग ग्‍लूकोज़ लेवल को 10 पर्सेंट तक कम कर सकते हैं।

क्‍या कहता है शोध

कुछ स्‍टडी में यह बात सामने आई है कि बैरीज़ से डायबिटीज़ के मरीज़ों को कई लाभ होते हें और टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए तो ये बहुत ही ज्‍यादा फायदेमंद है। बैरीज़ विटामिन सी और फाइबर का बेहतरीन स्रोत माना जाता है और इसमें बिलकुल भी कार्बोहाइड्रेट नहीं होता। डायबिटीज़ के मरीज़ों में इसके प्रभाव को लेकर अभी भी रिसर्च चल रही है।

Picture credit : health.com

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इस समय खाएं बैरीज़

नाश्‍ते या डेज़र्ट में बैरीज़ खाना सबसे ज्‍यादा फायदा पहुंचाता है। ये आपको अस्‍वस्‍थ खाने से बचाती हैं और आपके खाने में पोषक तत्‍वों की मात्रा को बढ़ा देती हैं।

एंथोसियानिंस युक्‍त अन्‍य बैरीज़ में ब्‍लूबैरी, चैरीज़, रसभरी और ब्‍लैकबैरी का नाम शामिल है। आप ज्‍यादा से ज्‍यादा बींस खाकर भी डायबिटीज़ के खतरे को कम करते हैं। ये मधुमेह के मरीज़ों के लिए प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं और इनमें घुलनशील फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है जोकि ब्‍लड ग्‍लूकोज़ लेवल को कम करता है।

डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए अपना ब्‍लड शुगर लेवल नियंत्रित रखना बहुत जरूरी होता है क्‍योंकि इसकी वजह से उनमें प्राणघातक समस्‍याएं जैसे ह्रदय रोग, नर्व डैमेज और स्‍ट्रोक आदि हो सकता है।

स्‍ट्रॉबेरी में पोषक तत्‍व

स्‍ट्रॉबेरी में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है लेकिन इसमें सेहत को दुरुस्‍त करने वाले तत्‍व जैसे फाइबर और विटामिन सी की प्रचुरता होती है। बैरी और इसके बीजों दोनों से ही पर्याप्‍त फाइबर मिल जाता है। डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए फाइबर बहुत जरूरी होता है और अगर आप वजन घटा रहे हैं तो आपको इसकी और भी ज्‍यादा जरूरत होती है।

इससे आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती है और पेट भरा हुआ महसूस करता है। साथ ही ये कब्‍ज से भी बचाता है। आधा कप स्‍ट्रॉबेरी खाने से 25 कैलोरी मिलती है और यही इसकी खास बात है कि स्‍ट्रॉबेरी के फायदे ज्‍यादा हैं और कैलोरी कम। इतनी ही मात्रा में स्‍ट्रॉबेरी से प्रतिरक्षा तंत्र को रोजाना की जरूरत का 80 प्रतिशत विटामिन सी मिल जाता है। स्‍ट्रॉबेरी थोड़ा कैल्शियम और आयरन भी देती हैं। इसमें फोलेट नामक मिनरल होता है जोकि टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस को कम करने में मदद करता है।

Picture credit : diabetesmealplans.com

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इस बात का रखें ध्‍यान

पाइज़ या संडेइज़ जैसी डेज़र्ट में स्‍ट्रॉबेरी का इस्‍तेमाल ना करें। साथ हर शुगरी सिरप वाली स्‍ट्रॉबेरी का सेवन भी ना करें। इन डेज़र्ट में बहुत ज्‍यादा मात्रा में कार्ब, कैलोरी और फैट होता है। फिर भी आप फ्रोजन, कैन में पैक और सूखी स्‍ट्रॉबेरी का सेवन कर सकते हैं। स्‍ट्रॉबेरी की अलग-अलग वैरायटी आपकी डाइट में शामिल हो सकती है और इससे आपको अपना आहार सीमित भी नहीं लगेगा। नाश्‍ते में अनाज बना रहे हैं तो उसमें भी आप स्‍ट्रॉबेरी डाल सकते हैं और स्‍नैक्‍स में भी स्‍ट्रॉबेरी खा सकते हैं।

कैसे करें इस्‍तेमाल

  • स्‍ट्रॉबेरी को धोएं नहीं और इसके ऊपर की कैप भी ना निकालकर रखें। जब आप इसे खाएं तभी स्‍ट्रॉबेरी को धोएं और इसकी कैप निकालें।
  • नट्स से बनी मुसेली या ग्रीक योगर्ट में आप स्‍ट्रॉबेरी टॉपिंग डाल सकते हैं। इससे नाश्‍ते में आपको भरपूर विटामिन सी मिल पाएगा।
  • नट बटर, साबुत मेवे और चीज़ के साथ ये बेहतरीन स्‍नैक है और इसे आप गर्मी में सलाद के ऊपर ड्रेसिंग के रूप में भी डाल सकते हैं।

स्‍ट्रॉबेरी में फिसेटिन भी होता है। फिसेटिन एक प्राकृतिक फ्लेवेनॉएड है जो स्‍ट्रॉबेरी में पाया जाता है। ये फ्लेवेनॉएड शरीर की विटामिन सी को सोखने की क्षमता को बढ़ाता है और रक्‍त वाहिकाओं को ब्‍लॉक होने से बचाता है। शुगर को कंट्रोल करने वाली दवाओं में भी फिसेटिन का इस्‍तेमाल किया जाता है। अगर मधुमेह का लंबे समय तक ईलाज ना किया जाए तो ये किडनी को नुकसान पहुंचाने लगती है। फिसेटिन किडनी को क्षतिग्रस्‍त होने से बचाता है। हालांकि, अभी इसको लेकर वैज्ञानिक शोध होना बाकी है।

अगर आप डायबिटीज़ के मरीज़ हैं और अपने नियंत्रित एवं सीमित आहार को लेकर परेशान हैं तो आपके लिए ये किसी खुशखबरी से कम नहीं है। स्‍ट्रॉबेरी मीठी होती है इसलिए मीठे के शौकीन लोग इसे बेफिक्र होकर खा सकते हैं। सबसे खास बात तो ये है कि मधुमेह के मरीज़ इस मीठे फल को खाकर अपनी मीठे की क्रेविंग को भी शांत कर सकते हैं और इसके भरपूर फायदे भी उठा सकते हैं।

स्‍ट्रॉबेरी ना केवल डायबिटीज़ के मरीज़ों को फायदा पहुंचाती है बल्कि स्‍वस्‍थ लोग भी इसे खाकर मधुमेह के खतरे से बच सकते हैं। आप इसे अपने नाश्‍ते, डेज़र्ट या स्‍नैक में शामिल कर सकते हैं।

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