बेफिक्र होकर टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ खा सकते हैं एवोकैडो

Picture credit : youtube.com

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फलों में एवोकैडो भी बहुत लोकप्रिय है। इस क्रीमी हरे रंग के फल में प्रचुर मात्रा में विटामिंस, न्‍यूट्रिएंट्स और ह्रदय को फायदा पहुंचाने वाले हैल्‍दी फैट्स होते हैं। इसमें फैट की मात्रा भी ज्‍यादा होती है लेकिन इसमें मौजूद फैट अच्‍छा होता है जोकि टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए फायदेमंद रहता है।

अगर आपको टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी है तो वजन कम करने के लिए आप अपने आहार में एवोकैडो को शामिल कर सकते हैं। ये कोलेस्‍ट्रॉल को कम करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाता है।

आइए जानते हैं डायबिटीज़ में एवोकैडो से होने वाले फायदों के बारे में :

इससे ब्‍लड शुगर नहीं बढ़ता

एवोकैडो में कार्बोहाइड्रेट कम होता है, इसका मतलब है कि इसका ब्‍लड शुगर लेवल पर बहुत कम असर पड़ता है। हाल ही में न्‍यूट्रिशियन जर्नल में प्रकाशित हुई स्‍टडी में ओवरवेट लोगों के लंच में आधा एवोकैडो दिया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि एवोकैडो का ब्‍लड शुगर के स्‍तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

एवोकैडो में कार्ब की मात्रा बहुत कम होती है और इसी वजह से मधुमेह रोगियों के लिए इसे बेहतरीन फल माना जाता है। इसमें फाइबर की मात्रा भी बहुत ज्‍यादा होती है। कई अन्‍य उच्‍च फाइबर युक्‍त खाद्य ब्‍लड शुगर के स्‍तर को बढ़ा सकते हैं लेकिन एवोकैडो ऐसा नहीं करता है।

फाइबर का है अच्‍छा स्रोत

एक छोटे आधे एवोकैडो में 5.9 ग्राम कार्बोहाइड्रेट आर 4.6 ग्राम फाइबर होता है। एवोकैडो खाने की ये सामान्‍य मात्रा है। कई रिसर्च में भी ये बात सामने आई है कि फाइबर का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीजों में ब्‍लड शुगर का लेवल सामान्‍य रहता है। इसके लिए आपको फाइबर के सप्‍लीमेंट्स लेने की जरूरत नहीं है बल्कि फाइबर युक्‍त आहार लें। इसके अलावा ऐसे फल-सब्जियों का सेवन करें जिनमें कार्ब की मात्रा कम हो जैसे कि एवोकैडो, हरी सब्जियां, बैरीज़, चिया के बीज और नट्स।

Picture credit : medicalnewstoday.com

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वजन कम करे और इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाए

वजन कम करने का थोड़ा-बुहत असर इंसुलिन सेंसिटिविटी पर पड़ता है और इससे मधुमेह में होने वाली मुश्किलों से भी बचा जा सकता है।

एवोकैडो में हैल्‍दी फैट्स पाए जाते हैं जोकि लंबे समय तक पेट को भरा हुआ महसूस करवाते हैं। स्‍टडी की मानें तो लंच में आधा एवोकैडो खाने से भोजन से संतुष्टि मिलती है और अधिक खाने की इच्‍छा में 40 प्रतिशत तक कमी आती है।

अगर आपको खाने के बाद भी भूख लगती है तो आपक स्‍नैक में ज्‍यादा कैलोरी खा सकते हैं। एवोकैडो में मौजूद हैल्‍दी फैट को मोनोअनसैचुरेटेड फैट कहा जाता है जोकि शरीर को इंसुलिन का इस्‍तेमाल करने में मदद करता है।

हैल्‍दी फैट्स से होता है भरपूर

कई तरह के फैट्स होते हैं जिनमें हैल्‍दी और अनहैल्‍दी फैट्स शामिल होते हैं। ज्‍यादा मात्रा में सैचुरेटेड फैट या कितनी भी मात्रा में ट्रांस फैट खाने से एलडीएल यानि ब्‍लड कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने लगता है। वहीं उसी समय ट्रांस फैट एचडीएल यानि हैल्‍दी कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम कर देता है। एलडीएल के बढ़ने और एचडीएल के कम होने का संबंध डायबिटीज़ के मरीज़ों और सामान्‍य लोगों में ह्रदय रोगों का खतरा बढ़ा देता है।

गुड फैट्स, मोनोसैचुरेटेड फैट और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट एचडीएल यानि कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को बढ़ा देता है। गुड कोलेस्‍ट्रॉल खून में जाकर बैड कोलेस्‍ट्रॉल को साफ करता है जिससे हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक का खतरा कम होता है।

हैल्‍दी फैट्स के स्रोत हैं :

  • एवोकैडो
  • नट्स जैसे बादाम, काजू और मूंगफली
  • ऑलिव ऑयल
  • ऑलिव, एवोकैडो और फ्लैक्‍स सीड ऑयल
  • सीसम या कद्दू के बीज

एवोकैडो से खतरा

एक एवोकैडो में 250 से 300 कैलोरी होती है। हालांकि, एवोकैडो में अच्‍छी तरह का फैट भी होता है। अगर आप कैलोरी का सेवन ज्‍यादा मात्रा में करते हैं तो एवोकैडो में मौजूद कैलोरी से वजन बढ़ सकता है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो हर चीज़ को नियंत्रित मात्रा में खाने की कोशिश करें। अभी एवोकैडो को अपने आहार में शामिल करने की बजाय ऐसे खाद्य पदार्थों का विकल्‍प चुनें जिनमें सैचुरेटेड फैट ज्‍यादा हो जैसे चीज़ और मक्‍खन

कैसे खाएं एवोकैडो

एक मध्‍यम आकार के एवोकैडो में 50 कैलोरी होती है। हालांकि, एक बारे में आप एक से डेढ़ एवोकैडो खा सकते हैं। एवोकैडो से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है। वजन कम होता है और मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा कम रहता है।

Picture credit : theguardian.com

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इस तरह से खा सकते हैं एवोकैडो

  • एवोकैडो बहुत ही बढिया फल है और आप इसे इस तरीके से खा सकते हैं :
  • काटकर सैंडविच में रखकर
  • सलाद में रखकर
  • मैश करके नीबू पानी या मसालों में डाल लें या इसे डिप के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं
  • टोस्‍ट पर लगाएं
  • इसे काटकर ऑमलेट के ऊपर लगाएं।

एवोकैडो में पोषक तत्‍व

एवोकैडो में मौजूद पोषक तत्‍व इसके आकार पर निर्भर करते हैं। जैसे कि एक पूरे कैलिफोर्निया एवोकैडो से 227 कैलोरी, 11.8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 9.2 ग्राम फाइबर मिलता है जबकि फ्लोरिडा एवोकैडो बड़ा होता है और इसमें 365 कैलोरी, 23.8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 17.0 ग्राम फाइबर होता है। डायबिटीज़ की बीमारी में कार्बोहाइड्रेट खाने से ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ जाता है लेकिन कार्ब में मौजूद स्‍टार्च और शुगर से ही ऐसा होता है, फाइबर से नहीं।

आहार में एवोकैडो

अगर आप एवोकैडो को अपने आहार में शामिल करना चाहते हैं तो अपने खाने में कार्बोहाइड्रेट को सीमित रखने की कोशिश करें। जैसे कि आप सलाद में एवोकैडो की स्‍लाइस खा सकते हैं। प्‍लेन योगर्ट के साथ एवोकैडो खा सकते हैं।

अगर आप कोई ऐसा फल खाना चाहते हैं जिसका असर आपके ब्‍लड शुगर लेवल पर ना पड़े तो आपको अपने आहार में एवोकैडो को शामिल करना चाहिए। इसमें मौजूद पोषक तत्‍व डायबिटीज़ के मरीज़ों को स्‍वस्‍थ रखते हैं और उनके ब्‍लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित बनाए रखते हैं। आप अपनी सुविधा और स्‍वादानुसार एवोकैडो को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के साथ-साथ स्‍वस्‍थ लोग भी इसका सेवन कर इसके फायदों को पा सकते हैं।

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