जिन्‍हें आप एजिंग के साइन समझ रहे हैं वो टाइप 2 डायबिटीज़ के लक्षण हो सकते हैं

Picture credit : jmecc.com.my

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उम्र बढ़ने पर त्‍वचा में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं और सुनने की क्षमता भी कम होती जाती है। ये एजिंग के सामान्‍य लक्षण होते हैं जो कभी-कभी टाइप 2 डायबिटीज़ में भी सामने आते हैं। अमेरिकन डायबिटीज़ एसोसिएशन के अनुसार साल 2030 तक मधुमेह के मरीज़ों की संख्‍या अब से दोगुनी हो जाएगी।

45 साल और इससे अधिक उम्र के लोगों में इसका ज्‍यादा खतरा है। कई लोगों को पता ही नहीं है कि वो प्रीडायबिटीज़ या डायबिटीज़ का शिकार बन चुके हैं। मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे बढ़ती है और इसके कोई भयंकर लक्षण सामने नहीं आते हैं बल्कि इसमें मरीज़ खुद को स्‍वस्‍थ समझ लेता है।

एजिंग के कुछ साइन टाइप 2 डा‍यबिटीज़ के लक्षण भी हो सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ही एजिंग के संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं जो टाइप 2 डायबिटीज़ के लक्षण हो सकते हैं।

कम सुनाई देना और आंखों का कमजोर होना

अगर आपको सुनने में दिक्‍कत हो रही है या पहले से दिखाई देना धुंधला हो गया है और आपको पढ़ने में दिक्‍कत हो रही है तो ये एजिंग का लक्षण हो सकता है। हालांकि, रिसर्च में सामने आया है कि मधुमेह के मरीज़ों में सुनने की क्षमता के कम होने का खतरा दो गुना बढ़ जाता है।

डायबिटीज़ की बीमारी रक्‍तवाहिकाओं, नसों यहां तक कि आंखों और कानों की नसों को भी क्षति पहुंचाती है। जब शरीर में ब्‍लड शुगर की मात्रा सामान्‍य से ज्‍यादा हो जाती है तो ये रक्‍तप्रवाह को प्रभावित करने लगती है। हाई ब्‍लड शुगर की वजह से आंखों के लैंस का आकार बदलने लगता है और इस वजह से आंखों में धुंधलापन छा जाता है। आंखों की संरचना के खराब होने पर फोकस करने में दिक्‍कत आती है। डायबिटीज़ के अलावा कैटेरेक्‍ट और रेटिनोपैथी भी आंखों को प्रभावित करती है।

Picture credit : hypnosishealthinfo.com

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एनर्जी में कमी

उम्र बढ़ने पर अपने आप ही एनर्जी में कमी महसूस होने लगती है और व्‍यक्‍ति को थकान महसूस होती है लेकिन टाइप 2 डायबिटीज़ में कुछ लोगों का मूड बदलता रहता है। डायबिटीज़ में ग्‍लूकोज़ रक्‍त में घुलने की बजाय यूरिन के रास्‍ते से शरीर से बाहर निकल जाता है। ऐसा होने पर शरीर को थकान, भूख और एनर्जी में कमी महसूस होने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि शरीर को एनर्जी देने वाली प्रक्रिया बाधित हो रही होती है।

मई, 2016 में प्रकाशित हुई एक स्‍टडी में सामने आया है कि डिप्रेशन, हाइपरटेंशन, असंतुलित ग्‍लाइसेमिक कंट्रोल, सूजन और कई ह्रदय और मेटाबॉलिक समस्‍याओं का संबंध डायबिटीज़ के बढ़ते खतरे से है।

बार-बार पेशाब आना और प्‍यास लगना

उम्र बढ़ने पर लोगों को ज्‍यादा यूरिन आने लगता है लेकिन इसका कारण डायबिटीज़ भी हो सकती है। मधुमेह में शरीर की कोशिकाओं में जाने की बजाय शुगर रक्‍त वाहिकाओं के अंदर रक्‍त में ही ठहर जाता है। इस शुगर को शरीर से बाहर निकालने का एक ही रास्‍ता है और वो है यूरिन लेकिन इससे शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाती है और ज्‍यादा प्‍यास लगने लगती है।

डायबिटीज़ की बीमारी में प्‍यास को शांत करने के लिए लोग सोडा या अन्‍य शुगरी बेवरेज पीते हैं जो कि उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक होती है। अगर लंबे समय तक हाई ब्‍लड शुगर लेवल रहे तो इसकी वजह से किडनी और माइक्रोवस्‍कुलर डैमेज हो सकता है।

Picture credit : newhealthadvisor.com

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अचानक वजन घटना

उम्र बढ़ने पर वजन घटना सामान्‍य बात है लेकिन अगर आपका वजन अचानक से घटता या बढ़ता है तो ये एजिंग का नहीं बल्कि डायबिटीज़ का लक्षण हो सकता है। अगर आपके बिना कुछ किए ही वजन घट रहा है तो आपको चैकअप करवा लेना चाहिए। डायबिटीज़ के अनियंत्रित होने पर वजन घटने लगता है क्‍योंकि शरीर को खाने से एनर्जी नहीं मिल पाती है और यूरिन के रास्‍ते कैलोरी बाहर निकल जाती है।

असामान्‍य लक्षण

एजिंग होने पर हाथ और पैरों में सनसनाहट होना, त्‍वचा का शुष्‍क होना और खुजली की समस्‍या या घाव देर से भरने जैसे लक्षण सामने नहीं आते हैं। अगर आपको लगता है कि आपके साथ ये सब एजिंग की वजह से हो रहा है तो आप गलत हैं। ये सभी टाइप 2 डायबिटीज़ के लक्षण हैं। अगर लंबे समय से मधुमेह की बीमारी है या आप डायबिटीज़ को कंट्रोल करने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं तो आपको ये बीमारी हो सकती है। शरीर में ग्‍लूकोज़ बहुत ज्‍यादा बढ़ जाने पर रक्‍त वाहिकाएं और नसें क्षतिग्रस्‍त होने लगती हैं और तब ऐसे लक्षण सामने आते हैं।

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आपको डॉक्‍टर के पास जाकर चैकअप जरूर करवाना चाहिए। अगर आपके परिवार में किसी को डायबिटीज़ की बीमारी है या रातोंरात आपका वजन बढ़ गया है या आप अपनी उम्र से ज्‍यादा बूढे लगने लगे हैं या आपको हाई ब्‍लड प्रेशर की बीमारी है या आप नियमित डॉक्‍टर के पास चैकअप के लिए जाते हैं या आपको कोलेस्‍ट्रॉल और फास्टिंग ब्‍लड शुगर बार-बार चैक करवाले की जरूरत पड़ती है तो आपको एजिंग के इन संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए। ये टाइप 2 डायबिटीज़ के लक्षण भी हो सकते हैं।

अगर आप जल्‍द से जल्‍द इस बीमारी का पता लगाकर ईलाज शुरु कर देते हैं तो आप इससे शरीर को होने वाले नुकसान से बच सकते हैं। अपने डॉक्‍टर से परामर्श कर अपनी डाइट और लाइफस्‍टाइल में जरूरी बदलाव कर लें। इससे आपको इस बीमारी के बचाव, नियंत्रण और देरी में काफी मदद मिलेगी।

डायबिटीज़ की वजह से शरीर की कई क्रियाएं और अंग बिगड़ने लगते हैं। टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज़ इस बीमारी के सबसे ज्‍यादा सामान्‍य रूप हैं लेकिन इसके और भी कई प्रकार हैं जैसे गर्भावधि डायबिटीज़ जोकि महिलाओं को गर्भावस्‍था के दौरान होती है। इसके अलावा डायबिटीज़ के कई और भी प्रकार हैं।

टाइप 2 डायबिटीज़ काफी खतरनाक बीमारी है जो मरीज़ को मोटापे का शिकार बना देती है। आनुवांशिक बीमारी होने पर ये और भी ज्‍यादा घातक साबित होती है। लोग टाइप 1 डायबिटीज़ से ज्‍यादा टाइप 2 के शिकार होते हैं।

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