ये 8 चीजें ब्‍लड शुगर पर डालती हैं असर, डायबिटीज़ के मरीज़ रहें बचकर

Picture credit : sepalika.com

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टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी को नियंत्रित रखने में ब्‍लड ग्‍लूकोज़ लेवल को संतुलित रखना बहुत जरूरी होता है। अगर ब्‍लड शुगर बहुत ज्‍यादा हो जाए तो मधुमेह मरीज़ की मुश्किलें बढ़ जाती हैं और अगर इसका ईलाज ना किया जाए तो मरीज़ कोमा तक में जा सका है।

हाई ब्‍लड शुगर की वजह से मधुमेह मरीज़ों को कई तरह की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है जैसे ह्रदय रोग, किडनी रोग और नर्व डैमेज।

वहीं अगर ब्‍लड शुगर बहुत ज्‍यादा गिर जाए तो कपकपी होना, नर्वस महसूस करना, बेचैनी, कंफ्यूज़ रहना और मरीज़ अपने होश ही खो बैठता है। खाने को स्किप करने की वजह से मधुमेह के मरीज़ों में ब्‍लड शुगर लेवल गिर सकता है और बहुत ज्‍यादा कार्ब का सेवन करने पर ब्‍लड शुगर बढ़ सकता है लेकिन इसके अलावा ब्‍लड शुगर के बढ़ने और घटने के कई और भी कारण हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए। इन्‍हें जानने के बाद आप आसानी से मधुमेह को कंट्रोल कर सकते हैं।

शराब

सोडा, फ्रूट जूस या मारगेरिटा मिक्‍स के साथ शराब पीने से ब्‍लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है। वहीं शराब का अधिक मात्रा में सेवन करना ब्‍लड शुगर लेवल को खतरनाक तरीके से नीचे गिरा सकता है। शराब ब्‍लड शुगर को किसी भी तरह से प्रभावित कर सकती है। मधुमेह से ग्रस्‍त महिला मरीज़ों को एक दिन में एक ड्रिंक और पुरुषों को दो ड्रिंक से ज्‍यादा शराब नहीं पीनी चाहिए। इसके अलावा अगर आप किसी और बीमारी की दवा भी ले रहे हैं तो उसमें भी शराब हानिकारक साबित होगी। अपने डॉक्‍टर से परामर्श कर लें कि आपको कितनी ड्रिंक पीनी चाहिए।

स्‍ट्रेस

स्‍ट्रेस का असर भी ब्‍लड शुगर पर पड़ता है। स्‍ट्रेस का सीधा असर ब्‍लड शुगर पर पड़ता है और इसका लेवल बहुत बढ़ जाता है। इकसे अलावा खाना ना खाने या ज्‍यादा शराब पीने की वजह से भी स्‍ट्रेस होता है जोकि ब्‍लड शुगर को प्रभावित करता है। अगर आप तनाव में हैं तो थोड़ी देर सैर करें। स्‍ट्रेस को कम करने के लिए योग, ध्‍यान की मदद भी ले सकते हैं।

Picture credit : onlymyhealth.com

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मौसम में बदलाव

अगर आपको इंफेक्‍शन हुआ है या आप बीमार हैं या हाल ही में आपकी सर्जरी हुई है तो इसका असर भी आपके ब्‍लड शुगर पर पड़ सकता है। बीमारी की वजह से शरीर पर स्‍ट्रेस पड़ता है जिससे ब्‍लड शुगर घट या बढ़ सकता है। बीमारी से लड़ने के लिए पैदा होने वाले हार्मोंस भी ब्‍लड शुगर लेवल को गिरा सकते हैं। डॉक्‍टर से पूछें कि बीमारी में आप किस तरह डायबिटीज़ को ट्रीट और मॉनिटर कर सकते हैं। बीमारी में अपने डॉक्‍टर के निर्देशों का पालन करें और उनकी कही हर एक बात को नज़रअंदाज़ ना करें।

दवाएं और सप्‍लीमेंट्स

कई सारी दवाओं का सेवन करने का असर भी ब्‍लड शुगर पर पड़ता है। खांसी की दवा में शुगर और डिकोंजेस्‍टेंट होता है और इसके अलावा जुकाम की दवाएं भी ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ा सकती हैं। अन्‍य दवाएं जैसे स्‍टेरॉएड, डिउरेटिक्‍स और कुछ एंटी ड्रिपेसेंट दवाएं भी ब्‍लड शुगर को प्रभावित करती हैं। अगर आप डायबिटीज़ के मरीज़ हैं तो इन दवाओं के सेवन को लेकर डॉक्‍टर से परामर्श कर लें। इसके अलावा अगर आप कोई सप्‍लीमेंट या विटामिन ले रहे हैं तो भी अपने डॉक्‍टर को जरूर बताएं क्‍योंकि ये सब चीज़ें आपके ब्‍लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती हैं।

रोज़ कॉफी पीना

खाने के बाद दिनभर में एक कप कॉफी भी ब्‍लड शुगर लेवल को प्र‍भावित कर सकती है। कॉफी और चाय में क्रीम और शुगर डालकर पीने से ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। अगर आप टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ हैं तो आपको किसी अच्‍छे डायबिटीज़ एजुकेटर, न्‍यूट्रिशनिस्‍ट या डॉक्‍टर से बात करें कि आप कितनी मात्रा में कैफीन का सेवन कर सकते हैं।

Picture credit : cdn.diabetesselfmanagement.com

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बहुत ज्‍यादा एक्‍सरसाइज़

डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए एक्‍सरसाइज़ करना फायदेमंद होता है इसलिए आप जितना ज्‍यादा एक्‍सरसाइज़ करेंगें आपको उतना ही फायदा मिलेगा लेकिन आराम से। ज्‍यादा तेजी वाले या कड़े व्‍यायाम आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। एक्‍सरसाइज़ करते हैं और स्‍नैक या खाना स्किप कर जाते हैं तो इस वजह से ब्‍लड शुगर लेवल लो हो सकता है। इससे बचने के लिए एक्‍सरसाइज़ से पहले अपना ब्‍लड शुगर लेवल चैक कर लें और वर्कआउट पर जाने से पहले अपने साथ स्‍नैक जरूर लेकर जाएं। इसके अलावा आप अपने डॉक्‍टर से भी पूछ सकते हैं कि आपको कब और कितनी एक्‍सरसाइज़ की जरूरत है।

डाइट सोडा

पहले समझा जाता था कि डाइट सोडा शुगर और कैलोरी फ्री होते हैं और इसलिए ये मधुमेह रोगियों की डाइट में शामिल हो सकते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं है। डाइट सोडा की वजह से भी ब्‍लड शुगर संबंधित दिक्‍कतें बढ़ सकती हैं। डाइट सोडा में आर्टिफिशियल स्‍वीटनर पाया जाता है और इसमें शुगर के कई प्रकार भी मौजूद होते हैं जोकि टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए खतरा बन सकता है और इससे ग्‍लूकोज़ के प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ सकती है। अगर आप बहुत ज्‍यादा डाइट सोडा का सेवन करते हैं और शुगर को कंट्रोल नहीं रखते तो इसे पीने के बाद अपना ब्‍लड शुगर लेवल जरूर चैक करें।

हार्मोनल बदलाव

माहवारी और मेनोपॉज के दौरान हार्मोंस में बहुत बदलाव आता है और इसका असर भी ब्‍लड शुगर लेवल पर पड़ता है। सभी महिलाओं में ऐसा होना जरूरी नहीं है लेकिन अगर आपमें ऐसा होता है तो आपको अपने डॉक्‍टर से इस बारे में जरूर परामर्श करना चाहिए वरना आपके लिए परिस्थिति और भी घातक हो सकती है।

ये 8 चीज़ें किसी ना किसी तरह ब्‍लड शुगर लेवल को प्रभावित करती हैं और अगर आप टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ हैं तो आपको इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि आपको अपने आहार में किन चीज़ों को शामिल करना है और किन्‍हें नहीं, साथ ही अपनी आदतों पर भी कंट्रोल रखें।

आप तो ये बात जानते ही होंगें कि डायबिटीज़ की बीमारी में आहार कितना जरूरी होता है और अगर आप सही डाइट नहीं लेते हैं तो मधुमेह की बीमारी आपके शरीर के अन्‍य अंगों को भी प्रभावित करना शुरु कर देती है। आपको इन सब बातों का ध्‍यान रखकर स्‍वस्‍थ रहना है।

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