मधुमेह रोगियों के लिए अमृत से कम नहीं हैं कच्‍चे आम की पत्तियां

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प्रकृति में कई सारे रोगों की दवा छिपी है वो भी बिना किसी हानिकारक प्रभाव के। टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी में ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ जाता है क्‍योंकि शरीर में पर्याप्‍त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता है जिससे ग्‍लूकोज़ बनाने में दिक्‍कत आती है। इस मुश्किल में कच्‍चे आम आपकी मदद कर सकते हैं।
आम की पत्तियां कैसे करती हैं काम
प्राचीन चीनी पद्धति में आम की पत्तियों को पीसकर डायबिटीज़ और अस्‍थमा का ईलाज किया जाता था। आम की पत्तियों में फेनोलिक जैसे कैफीक एसिड और पॉलीफेनॉल्‍स जैसे मैंगिफेरिन और गैलिक एसिड, फ्लेवेनॉएड्स, वोलाटाइल यौगिक आदि मौजूद होते हैं। ये सभी चीज़ें मिलकर आम को एंटीडायबिटीक बनाती हैं और ये एंटीऑक्‍सीडेंट से युक्‍त एक बेहतरीन एंटी एलर्जिक फल है।
आइए जानते हैं आम की पत्तियों के फायदे
ब्‍लड शुगर को कंट्रोल में रखे : आम की पत्तियों में टैनिंस होता है जो कि ब्‍लड शुगर कों कंट्रोल में रखने का काम करता है। आम की पत्तियों का एक्‍सट्रैक्‍ट इंसुलिन के उत्‍पादन को बेतहर कर ग्‍लूकोज़ बनाने में मदद करता है और ब्‍लड शुगर के लेवल को नियंत्रित रखता है।
कोलेस्‍ट्रॉल करे कम 
आप जानते ही होंगें कि डायबिटीज़ का असर शरीर के सभी अंगों पर पड़ता है और ये ह्रदय तक को नुकसान पहुंचाता है। हाई कोलेस्‍ट्रॉल लेवल आपके दिल की सेहत को बिगाड़ सकता है और अगर आप डायबिटीज़ के मरीज़ हैं तो आपके साथ और भी ज्‍यादा बुरा हो सकता है। आम की पत्तियों में फाइबर, पेक्टिन और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है और इसी वजह से ये कोलेस्‍ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है साथ ही ये लिपिड लेवल को भी कम रखता है। इसमें मौजूद फ्लेवेनॉएड्स आंतों को मजबूत और सेहतमंद रखते हैं। इससे कोलेस्‍ट्रॉल के साथ-साथ एलडीएल और बैड कोलेस्‍ट्रॉल लेवल भी कम होता है।
डायबिटीक रेटिनोपैथी का खतरा करे कम
आम की तरह ही आम की पत्तियां भी विटामिन ए से युक्‍त होती हैं और विटामिन ए आंखों की सेहत के लिए बहुत अच्‍छा माना जाता है। डायबिटीज़ के मरीज़ों में आम की पत्तियों से ब्‍लड शुगर लेवल को संतुलित कर आंखों को क्षतिग्रस्‍त होने से बचाया जा सकता है।
किडनी और लिवर रखे हैल्‍दी
डायबिटीज़ की बीमारी में किडनी के फेल होने तक का डर रहता है। ब्‍लड शुगर के अनियंत्रित हो जाने पर आम की पत्तियों का सेवन लाभकारी रहता है। इसकी पत्तियां पथरी तक को ठीक करने की क्षमता रखती हैं और किडनी को स्‍वस्‍थ बनाए रखती हैं। लिवर के लिए भी ये फायदेमंद होती हैं।
कैसे करें आम की पत्तियों का सेवन

  • कच्‍चे आम की पत्तियों को तोड़ लें। इनका आकार छोटा होना चाहिए। इन्‍हें अच्‍छी तरह से धोने के बाद छोटे टुकड़ों में तोड़ लें। अब इन्‍हें चबाकर खाएं।
  • कच्‍चे आम की पत्तियों को तोड़कर उन्‍हें रातभर कंटेनर में पानी में भरकर भिगोने के लिए रख दें। सुबह इसका सारा पानी छानकर खाली पेट पिएं।
  • आम की पत्तियों को धोकर धूप में सुखा लें और इसका पाउडर पीस लें। इसका एक चम्‍मच पाउडर लें और गिलास में पानी के अंदर घोलकर पी लें। रोज़ सुबह और शाम एक चम्‍मच ये पाउडर पीने से ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

कच्‍चे आम के फायदे
आपने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि कच्‍चे आम से शरीर को एनर्जी भी मिलती है। सेहत विशेषज्ञों की मानें तो खाने के बाद कच्‍चा आम खाने से दोपहर के बाद होने वाली थकान को दूर किया जा सकता है। साथ ही कच्‍चा आम लिवर को भी मजबूत करता है। ये आंतों को साफ करता है।
कच्‍चे आम रक्‍त विकारों के लिए भी फायदेमंद होता है क्‍योंकि इसमें विटामिन सी पाया जाता है। कच्‍चे आम खाने से रक्‍त वाहिकाओं का लचीलापन बढ़ जाता है और ये नई रक्‍त कोशिकाएं बनाने में मदद करती हैं। अगर आपको कब्‍ज की समस्‍या है तो आपको कच्‍चे आम खाने शुरु कर देने चाहिए। कच्‍चे आम काटकर उस पर नमक या शहद डालकर खाएं।
वजन कम करने में मददगार कच्‍चे आम में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है जोकि शरीर में जमा एक्‍स्‍ट्रा फैट को घटाता है। इस तरह वजन कम करने में मदद मिलती है। अगर आप वेट लॉस डाइट पर हैं तो आपको अपने आहार में कच्‍चे आम को शामिल करना चाहिए।
क्‍या डायबिटीज़ में आम फायदेमंद है
एक स्‍टडी में यह बात सामने आई है रोज़ाना आम खाने से कोलस्‍ट्रॉल और ब्‍लड शुगर का लेवल कम किया जा सकता है। हालांकि, इस बात को लेकर शोधकर्ताओं के बीच एक मत नहीं है। अन्‍य शोधकर्ताओं का कहना है कि वो आम को डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए गलत नहीं मानते हैं लेकिन इसमें सिर्फ एक ही चीज़ खराब होती है और वो है आम में मौजूद शुगर। अगर आप शुगर लेवल बहुत ज्‍यादा है तो आपको आम से बिलकुल दूर रहना चाहिए। हालांकि बॉर्डरलाइन मामलों में कभी-कभी आम का एक टुकड़ा खाया जा सकता है।
आम में लगभग शुगर की मात्रा 30 प्रतिशत होती है, ये शुगर फ्रूक्टोज़ है जो यकृत में चयापचय को नियंत्रित करती है और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ा सकती है। इसी वजह से मधुमेह रोगियों की डाइट से आम को दूर ही रखा जाता है। आम में शुगर की मात्रा 30 प्रतिशत होती है। अगर इसका सेवन अधिक मात्रा में किया जाए तो ये फायदे की जगह नुकसान पहुंचाता है। इससे गले में खराश, फोड़े-फुंसी, वजन बढ़ना, गठिया और साइनस, ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या भी हो सकती है।
अगर आप डायबिटीज़ के मरीज़ हैं तो इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप ये तो समझ ही गए होंगें कि आप सीमित मात्रा में आम का सेवन कर इसके फायदे उठा सकते हैं और आम की पत्तियां भी आपके लिए फायदेमंद होती हैं।
फलों में शुगर की मात्रा बाकी चीज़ों से थोड़ी ज्‍यादा होती है और इसी वजह से मधुमेह रोगियों को फलों का सेवन करने में डर सताता है लेकिन आपको बता दें कि अगर आप किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं तो वो आपको नुकसान ही पहुंचाएगा इसलिए आपको फलों का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना है तभी ये आपको फायदा पहुंचाएंगें।
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