सुबह देर से नाश्‍ता करने वाले टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में बढ़ सकता है मोटापा

Picture credit : thanhniennews.com

Picture credit : thanhniennews.com

अगर आपको टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी है और आप रात को देर तक जागते हैं और सुबह देर से नाश्‍ता करते हैं तो इससे ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने में दिक्‍कत आ सकती है। पिछले महीने एक स्‍टडी में यह बात सामने आई है कि बॉडी मास इंडेक्‍स या‍नि बीएमआई के ज्‍यादा होने का संबंध ऐसी आदतों से होता है। इसका मतलब है कि अगर आप रात को देर तक जागते हैं और सुबह देर से उठकर नाश्‍ता करते हैं तो आप मोटापे का शिकार बन सकते हैं।

इस स्‍टडी में शोधकर्ताओं ने टाइप 2 डायबिटीज़ के 210 नॉन-शिफ्ट वर्कर्स पर रिसर्च की और उन्‍हें खुद अपनी सुबह और शाम की रिपोर्ट रखने के लिए कहा गया। इसके अलावा प्रतिभागियों से उनके खाने के समय और हर दिन क्‍या खाया, इसके बारे में भी पूछा गया। इससे शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों की खानपान की आदतों और कैलोरी के सेवन के बारे में जाना। साथ ही शोधकर्ताओं ने सभी प्रतिभागियों का वजन के साथ-साथ बीएमआई भी चैक किया जोकि बॉडी फैट होता है और इससे किसी भी बीमारी के खतरे के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है। ओवरवेट या मोटापे की वजह से इंसुलिन रेसिस्‍टेंस, टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा और इसके मरीज़ों में ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।

टाइप 2 डायबिटीज़ में बीएमाई के लिए जरूरी है नाश्‍ता

शोधकर्ताओं ने शाम को नाश्‍ता करने वाले लोगों में बॉडी मास इंडेक्‍स के संबंध के बारे में जानने पर ज्‍यादा जोर दिया। शोधकर्ताओं का कहना है क जो लोग रात को देर से सोते हैं और सुबह देर से उठते हैं उनमें बीमारियों का खतरा ज्‍यादा रहता है। इससे ये लोग खाना भी देर से करते हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसी आदतें मेटाबॉलिक पर उल्‍टा असर डलती हैं। अगर कोई टाइप 2 डायबिटीज़ का मरीज़ रात को देर तक जागता है तो इससे उसमें ग्‍लाइसेमिक कंट्रोल खराब होता चला जाता है।

वहीं एक अन्‍य स्‍टडी में भी यह बात सामने आई है कि इस तरह की खराब आदतों की वजह से शरीर की क्रियाएं बिगड़ने लगती हैं और उसमें टाइप 2 डायबिटीज़, ह्रदय रोग और स्‍ट्रोक का खतरा रहता है।

नाश्‍ते को लेकर हुई इस स्‍टडी में देर से खाने को हैबिट ऑफ लेट क्रोनोटाइप्‍स के नाम से जाना गया है आर इसका संबंध हाई बीएमआई से होता है। समय पर खाना खाने और अपनी बॉडी क्‍लॉक के हिसाब से चलने पर टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में ओबेसिटी को रोका जा सकता है।

डा‍यबिटीज़ के मरीजों में मोटापे का खतरा

Picture credit : thekitchn.com

Picture credit : thekitchn.com

इस स्‍टडी में देर से नाश्‍ता करने पर टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में ओबेसिटी के ज्‍यादा खतरे के बारे में बताया गया है। इस स्‍टडी में थाईलैंड के सिर्फ कुछ लोगों को ही शामिल किया गया था इसलिए शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्‍यादातर लोगों में देर से सोने और देर से नाश्‍ता करने के असर के बारे में जानना अभी बाकी है। हर देश के लोगों की खाने की आदतें और खाने की परंपरा काफी अलग है और इस वजह से टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में ओबेसिटी और अन्‍य किसी बीमारी का खतरा भी अलग हो सकता है।

यूएस में 20 से 30 प्रतिशत लोग नाश्‍ता नहीं करते हैं। हम सभी जानते हैं कि नाश्‍ता ना करने से ब्‍लड शुगर कंट्रोल नहीं रह पाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि भले ही हमारी स्‍टडी में नाश्‍ता देर से करने का संबंध ओबेसिटी से पाया गया हो लेकिन सभी लोगों में एक जैसा असर होना संभव नहीं है।

क्‍या है नाश्‍ता करने का सही समय

विदेशों में ही नहीं बल्कि भारत में भी 10 से 30 प्रतिशत युवा, बच्‍चे और किशोर नाश्‍ता नहीं करते हैं और इस वजह से उन्‍हें पर्याप्‍त न्‍यूट्रिशन नहीं मिल पाता है और उनमें ओबेसिटी का खतरा भी रहता है। खाने से सेहत को ज्‍यादा से ज्‍यादा फायदा पाने के लिए नाश्‍ता सही समय पर करना बहुत जरूरी है। नाश्‍ते में शुगरी प्रोसेस्‍ड फूड, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और हाई फैट मीट जैसे हैम और बैकोन को शामिल ना करें। इसकी वजह साबुत अनाज, ताजे फल, लो फैट डेयरी प्रॉडक्‍ट्स और लीन प्रोटीन का सेवन करना फायदेमंद रहता है।

अगर आप सुबह एक्‍सरसाइज़ करते हैं तो आपको नाश्‍ता वर्कआउट शुर करने से 1 से 2 घंटे पहले कर लेना चाहिए। ग्‍लाइकोजन स्‍टोर और ब्‍लड शुगर लेवल के लो होने पर वर्कआउट करने पर आपको जल्‍दी थकान हो सकती है। अगर आप सुबह उठकर वर्कआउट से पहले हैवी ब्रेकफास्‍ट नहीं कर सकते हैं तो इसकी जगह कार्बोहाइड्रेट का हल्‍का स्रोत जैसे फल आदि जरूर खा लें।

अगर आप वजन घटाने के लिए एक्‍सरसाइज़ कर रहे हैं तो आपको सुबह एक्‍सरसाइज़ करने के बाद नाश्‍ता करना चाहिए।

Picture credit : bedrelivsstil.dk

Picture credit : bedrelivsstil.dk

अगर आप एक्‍सरसाइज़ नहीं करते हैं तो आपको सुबह उठने के बाद एक घंटे के भीतर नाश्‍ता कर लेना चाहिए। जल्‍दी नाश्‍ता करने से इंसुलिन और ब्‍लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है और इससे मेटाबॉलिज्‍म भी दुरुस्‍त रहता है। अगर आप सुबह उठने के बाद बहुत देर बाद नाश्‍ता करते हैं तो आपको हाई कैलोरी, लो न्‍यूट्रिएंट फूड खाने पड़ते हैं। नाश्‍ते में साबुत अनाज, फल, हैल्‍दी फैट और कम से कम 10 ग्राम प्रोटीन जैसे उबला अंडा, होल व्‍हीट टोस्‍ट जरूर खाएं।

सुबह आप चाहे जितने बजे भी उठते हों या कुछ भी काम करते हैं लेकिन नाश्‍ता आपको सुबबह 10 बजे से पहले ही कर लेना चाहिए। समय पर नाश्‍ता करने से वजन नहीं बढ़ता है। वहीं अगर आप समय पर नाश्‍ता नहीं करते हैं और रात को देर से सोते हैं और सुबह देर से उठते हैं तो आपमें ओबेसिटी का खतरा बढ़ जाता है। ये खतरा टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में ज्‍यादा रहता है।

अगर आपको पहले से ही टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी है तो ये आर्टिकल पढ़ने के बाद तो आप समझ ही गए होंगें कि सुबह नाश्‍ता ना करने की वजह से आप मोटापे का शिकार हो सकते हैं और मोटापे में डायबिटीज़ को कंट्रोल करना और भी ज्‍यादा मुश्किल हो जाता है।

डायबिटीज़ के मरीज़ों को सुबह बिना कुछ खाए कोई भी काम शुरु नहीं करना चाहिए क्‍योंकि इससे उनका ब्‍लड शुगर लेवल बिगड़ सकता है।

Read source

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *