इन लोगों में ज्‍यादा रहता है मधुमेह का खतरा

Picture credit : diabetesbienestarysalud.com

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डायबिटीज़ एक खतरनाक रोग है जो पूरे शरीर को बंजर बना देता है। इस बीमारी में शरीर इंसुलिन बनने में दिक्‍कत आती है जिस वजह से शरीर में ब्‍लड शुगर लेवल बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है। खाना खाने पर कोशिकाओं में रक्‍त के अंदर ग्‍लूकोज़ बनाने के लिए पैंक्रियाज इंसुलिन हार्मोन बनता है।

जब कोशिकाओं द्वारा इंसुलिन का प्रयोग ठीक तरह से नहीं हो पाता है तो रक्‍त में शुगर जमने लगता है। रक्‍त में बहुत ज्‍यादा शुगर जमने पर ये यूरिन के रास्‍ते बाहर निकलने लगता है।

सभी लोगों में डायबिटीज़ का कारण अलग होता है। मधुमेह बढ़ाने वाले कारक हैं :

ओबेसिटी

अगर आपका वजन बहुत ज्‍यादा है तो आपको टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा सबसे ज्‍यादा रहता है। ओबेसिटी में इंसुलिन रेसिस्‍टेंस बढ़ जाता है क्‍योंकि ऐसे लोगों में फैट शरीर की इंसुलिन प्रयोग करने की क्षमता को प्रभावित करता है। मोटे बच्‍चों में भी मधुमेह का खतरा बना रहता है।

आधुनिक जीवनशैली

आधुनिक जीवनशैली की वजह से ओबेसिटी और टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा रहता है। स्‍वस्‍थ जीवन के लिए नियमित व्‍यायाम और शारीरिक कार्य करते रहना चाहिए। शारीरिक व्‍यायाम से इंसुलिन रेसिस्‍टेंस कम होता है जिससे ब्‍लड शुगर लेवल कम होता है और संतुलित वजन रहता है।

खानपान की गलत आदतें

अगर आप अपनी खानपान की आदतों पर ध्‍यान नहीं देते हैं और कुछ भी अनहैल्‍दी खा लेते हैं तो आप डायबिटीज़ का शिकार हो सकते हैं। इस वजह से लोगों को मोटापा भी घेर लेता है। स्‍वस्‍थ और संतुलित आहार जिसमें कई फल और सब्जियां शामिल हों उससे डायबिटीज़ के मरीज़ों में ब्‍लड शुगर को कंट्रोल और मधुमेह से बचाव किया जा सकता है।

आनुवांशिक कारण

अगर आपके परिवार में किसी सदस्‍य को मधुमेह की बीमारी है तो आपमें भी इसका खतरा बढ़ जाता है। कुछ जेनेटिक वेरिएशन मधुमेह के बढ़ने का कारण बनते हैं। डायबिटीज़ की फैमिली हिस्‍ट्री रखने वाले लोगों में मधुमेह का खतरा ज्‍यादा रहता है। हालांकि, जीवनशैली में स्‍वस्‍थ बदलाव कर आप मधुमेह को बढ़ने से रोक सकते हैं। अगर आपके परिवार में किसी को मधुमेह की बीमारी है तो आपको अपना ज्‍यादा ख्‍याल रखना चाहिए। ऐसे आहार का सेवन करें जिससे मधुमेह का खतरा कम हो।

बढ़ती उम्र

ये बात सच है कि बढ़ती उम्र में भी मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, बढ़ती उम्र में भी अगर आप स्‍वस्‍थ जीवनशैली अपनाते हैं तो मधुमेह की बीमारी से बच सकते हैं।

हाई ब्‍लड प्रेशर और हाई कोलेस्‍ट्रॉल

इन दोनों की परिस्थिति में कई तरह की बीमारियों जैसे हार्ट अटैक, स्‍ट्रोक और मधुमेह का कारण बनता है। स्‍वस्‍थ जीवनशैली और खानपान की हैल्‍दी आदतों से आप ब्‍लड प्रेशर और हाई कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या से निजात पा सकते हैं। साथ ही ये मधुमेह के खतरे से भी बचाता है।

जेस्‍टेशनल डायबिटीज़

गर्भवती महिलाओं में होने वाली डायबिटीज़ को जेस्‍टेशनल डायबिटीज़ कहा जाता है। अगर आपको गर्भावस्‍था में जेस्‍टेशनल डायबिटीज़ रहा है तो आपमें टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा ज्‍यादा रहता है।

अगर आपको उपरोक्‍त बताई गई कोई भी समस्‍या है तो इसका मतलब है कि आप टाइप 2 डायबिटीज़ के खतरे में हैं। हालांकि, स्‍वस्‍थ जीवनशैली और नियमित व्‍यायाम से हर स्‍वास्‍थ्‍य विकार को दूर किया जा सकता है।

डायबिटीज़ के ईलाज के घरेलू नुस्‍खे

  • सुबह खाली पेट करेले का जूस पीएं। दो से तीन करेले लें और उसे काटकर उसमें से बीज निकाल लें। इसका जूस बनाएं। अब इसमें थोड़ा पानी मिलाकर पी लें। रोज़ सुबह इसे खाली पट कम से कम दो महीने तक पीएं। आप चाहें तो करेले की सब्‍जी भी खा सकते हैं।
  • एक से डेढ़ चम्‍मच दालचीनी पाउडर को एक कप गर्म पानी में मिलाएं। रोज़ इस पानी को पीने से ब्‍लड शुगर का स्‍तर सामान्‍य रहता है। इसके अलावा एक बर्तन में 2-4 दालचीनी की डंडियों को 20 मिनट तक उबालें। जब एक कप पानी बच जाए तो गैस बंद कर दें। इसके अलावा आप गर्म बेवरेज में भी दालचीनी को डालकर पी सकते हैं।
  • रातभर के लिए दो चम्‍मच मेथीदाना पानी में भिगोकर रख दें। सुबह खाली पेट इस पानी को छानकर पीएं। कुछ महीने तक बिना रूके इस नुस्‍खे का सख्‍ती से पालन करें। इससे निश्‍चित ही ग्‍लूकोज़ लेवल सामान्‍य स्‍तर पर आएगा। इसके अलावा आप सुबह खाली पेट दूध के साथ मेथीदाने का पाउडर मिलाकर पी सकते हैं। मधुमेह की बीमारी में मेथी के लड्डू भी खा सकते हैं।
  • 2-3 आंवला लें और उसमें से बीज निकाल कर उसे ग्राइंड कर पेस्‍ट तैयार कर लें। अब इस पेस्‍ट को एक कपड़े में डालें और उसे दबाकर उसका रस निकाल लें। एक कप पानी में दो चम्‍मच आंवले का ये रस मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से रक्‍त शर्करा का स्‍तर सामान्‍य रहता है। इसके अलावा आप करेले के जूस में भी एक चम्‍मच आंवले का रस मिलाकर पी सकते हैं। कुछ महीने तक ऐसा करने से आपको खुद ही अपने शरीर में बदलाव महसूस होगा।
  • मधुमेह की बीमारी के ईलाज में आम की पत्तियां भी फायदेमंद होती है। इससे भी रक्‍त में इंसुलिन के स्‍तर को नियंत्रित रखा जा सकता है। इसके अलावा ये ब्‍लड लिपिड प्रोफाइल को भी बेहतर करती है। रातभर के लिए पानी में 10 से 15 आम की पत्तियां भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इस पानी को छान लें और खाली पेट इसे पीएं। इसके अलावा आप आम की पत्तियों को सुखाकर उन्‍हें पीसकर उनका पाउडर भी बना सकते हैं। रोज़ सुबह खाली पेट एक से दो चम्‍मच इस पाउडर को लें।

इन घरेलू नुस्‍खों से डायबिटीज़ के मरीज़ों को राहत मिल सकती है। अगर आप मधुमेह को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं तो इन आसान से नुस्‍खों से ब्‍लड शुगर के लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं। एक बात का ध्‍यान और रखें कि संतुलित आहार और नियमित व्‍यायाम से आप डायबिटीज़ तो क्‍या किसी भी बीमारी को जड़ से खत्‍म कर सकते हैं।

अगर आप ठान लें कि आपको मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए डॉक्‍टर द्वारा बताई गई डाइट का सख्‍ती से पालन करना है तो कुछ ही महीनों में आपको इस गंभीर बीमारी से मुक्‍ति मिल जाएगी।

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