माइक्रोवेव में प्‍लास्टिक कंटेनर में खाना गर्म करते हैं तो आपको हो सकती है डायबिटीज़ की बीमारी

Picture credit : aol.com

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आजकल शहरी जीवन सुविधाओं से भरा है। गर्मी लगी तो ए.सी चला लिया, भूख लगी तो फोन से खाना ऑर्डर कर लिया और खाना गर्म करने की बात आई तो माइक्रोवेव में गर्म कर लिया। भले ही इन आदतों से आपको आराम मिल जाता हो लेकिन सेहत के लिए ये आदतें नुकसानदायक होती हैं।

आपने भी कई बार प्‍लास्टिक के कंटेनर या बर्तन में खाना रखकर माइक्रोवेव में गर्म किया होगा। अपनी इस आदत को आपको सुधार लेना चाहिए क्‍योंकि ये आपको कोई जानलेवा रोग दे सकती है।

विशेषज्ञों की मानें तो ऐसा करने से शरीर इंफर्टिलिटी, हाई ब्‍लड प्रेशर, आबेसिटी और डायबिटीज़ एवं कैंसर तक का शिकार हो सकता है। शोधकर्ताओं का ये भी कहना है कि प्‍लास्टिक कंटेनर को माइक्रोवेव में गर्म करने से 95 प्रतिशत केमिकल्‍स रिलीज़ होते हैं।

माइक्रोवेव में खाना गर्म करने के फायदों-नुकसान के बारे में कई बार बहस हुई है। न्‍यूट्रिशनिस्‍ट की मानें तो माइक्रोवेव में खाना गर्म करना सेहत के लिए नुकसानदायक है, ये बात अब तक साबित नहीं हुई है। माइक्रोवेव में कम समय के लिए खाना गर्म करना खतरनाक नहीं होता है और इसमें खाना पकाने या गर्म करने के लिए आप सेरेमिक या सामान्‍य कंटेनर का प्रयोग कर सकते हैं।

माइक्रोवेव में प्‍लास्टिक कंटेनर के इस्‍तेमाल को लेकर विशेषज्ञों की एक राय नहीं है। प्‍लास्टिक कंटेनर में सबसे खतरनाक केमिकल होता है बिसफेनॉल ए जिसे सामान्‍य रूप से बीपीए के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा फ्थलेट केमिकल भी नुकसानदायक होता है। बीपीए केमिकल रक्‍त कोशिकाओं में घुसकर इंफर्टिलिटी, हार्मोनल बदलाव, स्‍वभाव में बदलाव आना और कई तरह के कैंसर को जन्‍म देता है। इसका असर जानवरों पर भी पड़ता है जोकि टेस्टिकुलर कैंसर, जननांग विकृतियां, कम शुक्राणुओं की संख्या, और प्रजातियों में बांझपन का कारण बनते हैं। पोलर बियर, व्‍हेल और अन्‍य कई जानवरों पर इस केमिकल का असर होता है।

Picture credit : webmd.com

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रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र के अनुसार आम जनसंख्‍या में 90 प्रतिशत लोगों के शरीर में बिस्‍फेनॉल ए पाया जाता है एवं इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बीपीए के उच्च स्तर के संपर्क के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। प्‍लास्टिक में और भी कई तरह के कार्सिनोजन और पीवीसी, डाइऑक्सिन और सिट्रिन आदि शामिल होता है जोकि कैंसर का कारक बनता है।

सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि प्‍लास्टिक को हीट करने पर केमिकल बड़ी तेजी से खाने में फैलते हैं। जब खाने को गर्म किया जाता है और खाना प्‍लास्टिक को छूता है तो उसमें केमिकल्‍स आने लगते हैं। इन केमिकल्‍स को खाने से कैंसर, बांझपन का खतरा रहता है। यहां तक कि इसकी वजह से यौन अंग और मस्‍तिष्‍क तक निष्क्रिय हो सकता है।

कुकिंग के अलावा अन्‍य सभी जगहों और कामों में प्‍लास्टिक का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। जितना हो सके प्‍लास्टिक का इस्‍तेमाल कम कर दें और खाने को ग्‍लास कंटेनर में पैक करें। ग्‍लास से कभी भी प्‍लास्टिक की तरह केमिकल ट्रांस्‍फर नहीं होते हैं और ये खाने को गर्म करने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। एक रिपोर्ट में सामने आया है कि केमिकल्‍स खासतौर पर बीपीए महिलाओं और पुरुषों दोनों की सेहत पर ही बुरा असर डालता है।

एक स्‍टडी में भी यह बात सामने आई है कि बीपीए का संबंध इंफर्टिलिटी से है। जब खाने को प्‍लास्टिक में पैक या रखा जाता है या माइक्रोवेव किया जाता है तो बीपीए और फ्थलेट्स खाने में लीक हो जाते हैं। मांस और चीज़ जैसे खाने में ये केमिकल्‍स बढ़ जाते हैं।

माइक्रोवेव में क्‍या है सेफ

माना जाता है कि कुछ सिट्रोफोम और अन्‍य पॉलीसिट्रिन कंटेनर माइक्रोवेव के लिए सुरक्षित होते हैं। कोई भी कंटेनर खरीदने से पहले उनका लबेल जरूर चैक कर लें।

इन बातों का रखें ध्‍यान

  • प्‍लास्टिक कंटेनर की जगह ग्‍लास और सेरेमिक कंटेनर का इस्‍तेमाल करें। इन पर माइक्रोवेव ओवन में इस्‍तेमाल करने का लेबल भी देख लें।
  • माइक्रोवेव में खाना गर्म करते समय इस बात का भी ध्‍यान रखें कि खाना प्‍लास्टिक रैप को छूना नहीं चाहिए क्‍योंकि इस दौरान प्‍लास्टिक पिघल सकता है। इसकी जगह आप बर्तन पर वैक्‍स पेपर, किचन पर्चमेंट पेपर, व्‍हाइट पेपर टॉवल और डोम्‍ड कंटेनर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
    Picture credit : rd.com

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  • कई टेक आउट कंटेनर्स, वॉटर बॉटल्‍स और प्‍लास्टिक टब या जार को मारगेरिन, योगर्ट और पतली टॉपिंग और खाने जैसे क्रीम चीज़, मेयॉनीज़ और कस्‍टर्ड रखने के लिए बनाया जाता है। इन्‍हें माइक्रोवेव में रखना सेफ नहीं होता है।
  • माइक्रोवेव टेक आउट डिनर ट्रे को सिर्फ एक बार प्रयोग करने के लिए बनाया जाता है और यही इनके पैकेज पर भी लिखा होता है।
  • प्‍लास्‍टिक स्‍टोरेज बैग या प्‍लास्टिक बैग में खाने को गर्म ना करें।
  • माइक्रोवेव में खाने को गर्म करने से पहले जार का ढक्‍कन जरूर खोल दें।

इस दुनिया में डा‍यबिटीज़, कैंसर और इंफर्टिलिटी से ज्‍यादा खतरनाक बीमारियां और कोई नहीं हैं। अगर आप इनसे बचना चाहते हैं तो माइक्रोवेव में प्‍लास्टिक कंटेनर्स का इस्‍तेमाल कम से कम कर दें।

मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो एक बार लग जाए तो जिंदगीभर साथ रहती है इसलिए बेहतर होगा कि आप पहले से ही बचाव करके चलें। डायबिटीज़ की बीमारी में शरीर में ठीक तरह से इंसुलिन नहीं बन पाता है और इंसुलिन ना बनने पर शरीर को एनर्जी नहीं मिलती है। डायबिटीज़ जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव करना ही समझदारी है क्‍योंकि अगर ये एक बार हो गई तो आपकी पूरी जिंदगी को खराब कर सकती है।

हालांकि, लाइफस्‍टाइल में कुछ बदलाव कर और एक्‍सरसाइज़ से मधुमेह को कंट्रोल किया जा सकता है लेकिन जब आपको पहले ही पता है कि किन बातों का ध्‍यान रखकर आप मधुमेह से बच सकते हैं तो फिर इसके जाल में क्‍यों फंसना।

बहुत छोटी सी बात आज हमने आपको बताई है कि प्‍लास्टिक के कंटेनर और बर्तनों में खाना रखकर माइक्रोवेव में गर्म ना करें। आपकी ये खराब आदतों आपको ना जाने कितनी बीमारियों का शिकार बना सकती है। हमने आपको पहले भी बताया है कि माइक्रोवेव में खाना गर्म करने के लिए आप प्‍लास्टिक की जगह सेरेमिक या ग्‍लास का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। ये सेहत को नुकसान नहीं देता है। इस छोटी सी बात को ध्‍यान में रखकर आप मधुमेह, इंफर्टिलिटी और कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों से बच सकते हैं।

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