जानिए कैसे अदरक कर सकती है मधुमेह का ईलाज

Picture credit : livestrong.com

Picture credit : livestrong.com

कुछ साल पहले हुई एक रिसर्च के अनुसार टाइप 2 डा‍यबिटीज़ के मरीज़ों में अदरक से लंबे समय के लिए ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने की बात सामने आई थी।

ऑस्‍ट्रेलिया में सिडनी की यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि बुदेरिम जिंजर यानि ऑस्‍ट्रेलिया में उगने वाली इस किस्‍म की अदरक में जिंजेरॉल्‍स प्रचुर मात्रा में होता है। ये जिंजर राइजोम का प्रमुख क्रियाशील यौगिक है जोकि मांसपेशियों की कोशिकाओं में इंसुलिन  का प्रयोग किए बिना ही ग्‍लूकोज़ की मात्रा बढ़ा देता है। इस वजह से हाई ब्‍लड शुगर नियंत्रित रहता है।

इंसुलिन का स्राव

2009 में यूरोपियन जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी में प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि अदरक के दो विभिन्‍न तत्‍व स्पिसम और एक ऑयली तत्‍व सेरोटोनिन के साथ मिलकर इंसुलिन के स्राव पर प्रभाव डालते हैं। इन तत्‍वों की ट्रीटमेंट से ब्‍लड ग्‍लूकोज़ लेवल को 35 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है और प्‍लाज़मा इंसुलिन लेवल को 10 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।

कैटरेक्‍ट से बचाव

साल 2010 में मॉलेक्‍यूलर विज़न में प्रकाशित हुई एक स्‍टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि रोज़ थोड़ी मात्रा में अदरक का सेवन करने से कैटरेक्‍ट की संभावना या फिर इसे बढ़ने से रोका जा सकता है। डायबिटीज़ की बीमारी में मरीज़ों में कैटरेक्‍ट का खतरा बढ़ जाता है।

वहीं अदरक लो ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स फूड में शामिल है। लो जीआई फूड धीमी गति से टूटकर ग्‍लूकोज़ में बदलते हैं और इसलिए इससे हाई जीआई फूड्स की तरह ब्‍लड शुगर नहीं बढ़ता है।

अदरक के अन्‍य फायदे

चीन, भारत और अरब में अदरक का प्रयोग हर्बल थेरेपी में किया जाता है। ये पाचन, सर्दी-जुकाम और दर्द से राहत दिलाने में कारगर मानी जाती है।

अदरक में जिंजेरॉल नामक एंटी इंफ्लामेट्री यौगिक होता है जोकि दर्द से राहत दिलाता है और दर्द को कम करने एवं अर्थराइटिस की सूजन और मांसपेशियों में अकड़न और सरसराहट से राहत दिलाता है।

इस बात का रखें ध्‍यान

अदरक या किसी भी हर्बल थेरेपी से डायबिटीज़ का खुद से ईलाज करने से पहले अपने डॉक्‍टर से बात जरूर कर लें। डॉक्‍टर से जरूर पूछें कि इसका सेवन मधुमेह की दवाओं के साथ आपके लिए सुरक्षित रहेगा या नहीं।

डायबिटीज़ के मरीज़ों को अदरक से फायदे

Picture credit : healthfulnessguide.com

Picture credit : healthfulnessguide.com

कई सालों से अदरक को ब्‍लड शुगर लेवल कम करने और मधुमेह के मरीज़ों में इंसुलिन की प्रतिक्रिया को ठीक करने में मददगार बताया गया है।

साल 2014 में मधुमेह से ग्रस्‍त चूहों पर की गई एक स्‍टडी में उन्‍हें रोज़ दालचीनी और अदरक का मिश्रण दिया गया। इन चूहों को कई तरह के फायदे हुए जो इस प्रकार हैं :

  • शारीरिक वजन में कमी
  • बॉडी फैट मास में कमी
  • ब्‍लड शुगर कम करना
  • इंसुलिन का स्‍तर बढ़ाना

साल 2015 में हुई एक स्‍टडी के अनुसार अदरक के पाउडर से फास्टिंग ब्‍लड शुगर को सुधारा जा सकता है। इस स्‍टडी में शामिल हुए प्रतिभागियों को रोज़ 12 सप्‍ताह तक 2 ग्राम अदरक का सेवन करने के लिए कहा गया। इस स्‍टडी के अंत में शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रतिभागियों के हीमोग्‍लोबिन ए1सी, एपोलिपोप्रोटीन बी, एपोलिपोप्रोटीन ए1, मलोनडायलडिहाइड का स्‍तर कम हुआ।

वहीं साल 2016 में हुई एक स्‍टडी में सामने आया है कि मधुमेह की वजह से होने वाले ह्रदय रोगों में भी अदरक खाने से कमी आई। अदरक के एंटी इंफ्लामेट्री यौगिक मधुमेह से संबंधित समस्‍याओं से भी बचाने में मददगार होते हैं।

इस तरह डाइट में करें अदरक को शामिल

Picture credit : thesleuthjournal.com

Picture credit : thesleuthjournal.com

  • कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि अदरक से कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम और कार्डियोवस्‍कुलर सेहत को बेहतर किया जा सकता है। वहीं जी मितली में अदरक राहत देती है। मधुमेह के मरीज़ सुरक्षित तरीके से इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
  • इस जड़ी बूटी को आप अपने खाने में फ्लेवर देने के लिए इस्‍तेमाल कर सकते हैं। बेवरेज़ेज़ में भी इसे डाल सकते हैं। ब्‍लड प्रेशर बढ़ाने वाले नमक की जगह आप अदरक के पाउडर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
  • जिंजर बीयर और जिंजर एले में शुगर मिलाई गई होती है इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करें। ये आपको विपरीत प्रभाव दे सकते हैं।
  • इसके अलावा आप चाय में साबुत अदरक का प्रयोग कर सकता है। बेक्‍ड फूड पर भी अदरक का पाउडर डाल सकजे हैं। अदरक के सप्‍लीमेंट्स की तरह इसके पाउडर के सेहत को नुकसान नहीं होता है।
  • अपने आहार में अदरक को शामिल करते समय इन बातों का ध्‍यान रखें :
  • अदरक से बने उत्‍पादों की जगह प्राकृतिक और ऑर्गेनिक अदरक का प्रयोग करें। अदरक के फ्लेवर्ड प्रॉडक्‍ट्स जैसे कि सलाद ड्रेसिंग, ड्रिंक्‍स, मिठाई आदि में पोषण की मात्रा कम होती है।
  • रोज़ नियमित रूप से इसका सेवन करें। 6 सप्‍ताह तक इसका नियमित सेवन करने से डायबिटीज़ कंट्रोल पर इसका सकारात्‍मक असर पड़ता है।
  • इसका अधिक सेवन करने से बचें। कम समय में ज्‍यादा मात्रा में सेवन करने के बजाय लंबे समय तक इसका थोड़ी मात्रा में सेवन करने से ज्‍यादा फायदा होगा।
  • आप जिंजर लैमनेड टी भी सकते हैं।
  • आपके नियमित उपचार की जगह अदरक नहीं ले सकती है। आपको इसके साथ अपने डॉक्‍टर की सलाह भी माननी चाहिए। अगर अदरक का सेवन करने पर आपको कोई खराब लक्षण नज़र आ रहे हैं तो तुरंत इसका सेवन बंद कर दें।

ये भी है तरीका

अगर आप थोड़ा मॉडरेशन कर अदरक का सेवन करते हैं तो इससे मधुमेह के मरीज़ों को फायदा हो सकता है। रोज़ 4 ग्राम अदरक खाने से ब्‍लड शुगर लेवल कम करने में मदद मिलती है और इंसुलिन का उत्‍पादन नियंत्रित रहता है। इसे अपनी ट्रीटमेंट में शामिल करने से पहले अपने डॉक्‍टर से जरूर पूछ लें।

डायबिटीज़ डाइट में अदरक को शामिल करने से इसका बहुत फायदा मिलता है। एक रिसर्च में पाया गया कि प्‍लेसेबो ग्रुप की तुलना में अदरक का पाउडर टाइप 2 डायबिटीज़ के युवा मरीज़ों में ग्‍लाइसेमिक कंट्रोल को बेहतर करने में मदद करती है।  अंदरक उन एंजाइम्‍स को रोकती है जो कार्ब को मेटाबोलाइज़ करने में मदद करती है। इससे मांसपेशियां ग्‍लूकोज़ को ज्‍यादा अवशोषित कर लेती हैं। इसके अलावा रिसर्च में ये बात भी सामने आई है अदरक के सेवन से डायबिटीज़ संबंधित मुश्किलें भी कम होती हैं।

Read source

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *