क्‍या मधुमेह मरीज़ों की डाइट में संतरा हो सकता है शामिल ?

Picture credit : everydayhealth.com

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सिट्रस फलों में शामिल संतरे में शुगर की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है और इस वजह से डायबिटीज़ के मरीज़ों को इससे दूर रहने के लिए कहा जाता है क्‍योंकि ये उनके ब्‍लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। संतरे में एक ऐसा यौगिक भी मौजूद होता है जो इसे डायबिटीक डाइट का हिस्‍सा बना सकता है। इस वजह से डायबिटीज़ के मरीज़ भी इसे अपने खाने में हैल्‍दी फूड्स के साथ शामिल कर सकते हैं।

टाइप 2 डायबिटीज़

टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी में मरीज़ के शरीर में ब्‍लड शुगर का स्‍तर बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है जिसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी में मरीज़ को बहुत ज्‍यादा प्‍यास लगती है, बार-बार मूत्र आना और लगातार भूख आदि जैसी समस्‍याएं सामने आती हैं। टाइप 2 मधुमेह की बीमारी में शरीर में इंसुलिन ठीक तरह से नहीं बन पाता है।

डा‍यबिटीक डाइट में फल का होना

डायबिटीज़ के मरीज़ों को अपने नियमित आहार में एक फल को जरूर शामिल करना चाहिए। डायबिटीज़ के जो मरीज़ रोज़ 1600 से 2000 कैलोरी का करते हैं उन्‍हें एक दिन में तीन बार फल जरूर खाने चाहिए। 1200 से 1600 के बीच कैलोरी का सेवन करने वाले मरीज़ों को दो बार फल खाने चाहिए। फलों में फाइबर और विटामिन और मिनरल्‍स प्रचुर मात्रा में होता है जोकि सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। फलों में कार्बोहाइड्रेट भी होता है इसलिए आपको इनके साथ कुछ प्रोटीन या फैटयुक्‍त खाद्य लेना चाहिए।

डायबिटीज़ में संतरा

संतरे में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है जोकि पाचन के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। वहीं इसमें मौजूद विटामिन सी इम्‍यून सिस्‍टम को दुरुस्‍त करता है। एक संतरे में 10 से 15 ग्राम तक कार्बोहाइड्रेट होता है। आप अपनी आवश्‍कतानुकसार एक दिन में संतरे का सेवन कर सकते हैं। संतरे का जीआई लेवल भी बहुत कम होता है। इसमें जीआई सिर्फ 5 होता है और इसीलिए ब्‍लड शुगर पर इसका असर बहुत कम पड़ता है। संतरे में मौजूद फाइबर रक्‍त कोशिकाओं में अवशोषण को धीमा कर ब्‍लड शुगर को सामान्‍य रखता है।

Picture credit : express.co.uk

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इस बात का रखें ध्‍यान

कई मधुमेह के मरीज़ एक बार के ही भोजन में 60 ग्राम तक कार्बोहाइड्रेट का सेवन कर लेते हैं इसलिए आपको अपने हर बार के भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा का ध्‍यान रखना है। आप सप्‍ताह में 2-3 बार अपनी डाइट में संतरे को शामिल कर सकते हैं। संतरा कई तरह के पोषक तत्‍व प्रदान करता है।

संतरे का रस

संतरे का रस स्‍वाद में बहुत बढिया होता है। ये सेहत कोई कई फायदे पहुंचाता है और इसमें कई तरह के पोषक तत्‍व भी मौजूद होते हैं जोकि कोलेस्‍ट्रॉल और सूजन को भी कम करने में मदद करते हैं। ये ब्‍लड प्रेशर को बेहतर करता है और डायबिटीज़ को नियंत्रित रखता है। संतरे के रस से शरीर को डिटॉक्सिफाई भी किया जा सकता है। ये बढ़ती उम्र के निशानों को दूर कर मेटाबॉलिज्‍म को दुरुस्‍त रखता है। संतरे को जूस के रूप में लेने पर इसकी फाइबर की मात्रा घट जाती है इसलिए जल्‍दी-जल्‍दी ज्‍यादा ऑरेंज जूस का सेवन मधुमेह के मरीज़ों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

ताजा संतरे

संतरा आकार में जितना बड़ा होगा उसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी उतनी ही ज्‍यादा होगी। एक सामान्‍य संतरे में 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। ब्‍लड शुगर और डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखने के लिए आपको आकार में छोटा संतरा खाना चाहिए। अगर आपका टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी है तो आपको ऐसा संतरा खाना चाहिए जिसमें कार्बोहाइड्रेट 15 ग्राम से ज्‍यादा ना हो। आपको ताजे संतरे खाने से ज्‍यादा फायदा होगा।

मधुमेह में फल

ऐसा नहीं है कि मधुमेह रोगी कोई भी फल नहीं खा सकते हैं। फलों में शुगर की मात्रा बाकी चीज़ों से थोड़ी ज्‍यादा होती है और इसी वजह से मधुमेह रोगियों को फलों का सेवन करने में डर सताता है लेकिन आपको बता दें कि अगर आप किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं तो वो आपको नुकसान ही पहुंचाएगा इसलिए आपको फलों का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना है तभी ये आपको फायदा पहुंचाएंगें।

मधुमेह रोगी ना खाएं ये फल

Picture credit : myhealthlives.com

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आजकल मिलने वाले अधिकतर फल साइज़ में बड़े होते हैं जिसका मतलब है कि उनमें प्रति सर्विंग में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी बहुत ज्‍यादा होती है। डायबिटीज़ के मरीज़ों को कार्बोहाइड्रेट का सेवन सामान्‍य मात्रा में करना चाहिए क्‍योंकि कार्बोहाइड्रेट किसी अन्‍य पोषक तत्‍व के मुकाबले ब्‍लड शुगर को ज्‍यादा नुकसान पहुंचाता है। बड़े सेब खाने से बचें क्‍योंकि इनमें कार्बोहाइड्रेट 30 ग्राम होता है इसलिए कार्ब की मात्रा को कम करने के लिए छोटे सेब का सेवन करें। ऐसा ही संतरे और नाशपाती के साथ भी है। अगर आप आम, पपीता या तरबूज खाना चाहते हैं तो आधे कप से ज्‍यादा ना खाएं।

चीकू का जीआई लेवल 55 से ज्‍यादा होता है और इसमें शुगर और कार्बोहाइड्रेट भी बहुत ज्‍यादा होता है लेकिन इसके बावजूद आप कभी-कभी एक चीकू खा सकते हैं। इसके अलावा अंगूर, अन्‍नानास, सीताफल, खुबानी, केला, तरबूज, पपीता और सूखे बेर मधुमेह रोगियों को नहीं खाने चाहिए।

अगर आपको डायबिटीज़ की बीमारी है और अब तक आपको लगता था कि आप इस रोग के कारण फल नहीं खा सकते हैं तो आप गलत हैं। अगर आप मात्रा का ध्‍यान रखें तो आप हर चीज़ को सीमित रूप से अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

संतरे के साथ भी कुछ ऐसा ही है। भले ही संतरे में कार्बोहाइड्रट हो लेकिन एक छोटे आकार के संतरे का सेवन आप कर सकते हैं। इससे आपके ब्‍लड शुगर पर ज्‍यादा असर नहीं पड़ेगा। संतरे में फाइबर और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है जिससे मधुमेह के मरीज़ भी स्‍वस्‍थ रह सकते हैं। साथ ही वजन कंटोल करने वाली डाइट में भी संतरे को जरूर शामिल करना चाहिए। संतरे के जूस की जगह ताजे संतरों का ही सेवन करें। ये सेहत के लिए ज्‍यादा फायदेमंद होता है जबकि जूस बनाने के दौरान फल के कई पोषक तत्‍व कम हो जाते हैं। संतरे का पूरा फायदा पाने के लिए आपको ताजे और आकार में छोटे संतरों का ही सेवन करना है।

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