ये 9 बुरी आदतें आपको भी बना सकती हैं डायबिटीज़ का मरीज़

Picture credit : diabeticsweekly.com

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अपने रोजमर्रा के जीवन में हम ऐसी बहुत सारी ग‍लतियां करते हैं जो हमे कई बीमारियों का शिकार बना देती हैं। सब कुछ जानते हुए भी हम अनजान बने रहते हैं और इस गलती की सजा हमें बाद में किसी ना किसी बीमारी के रूप में मिलती है।

खाने में लापरवाही और गलतियां हम शायद सबसे ज्‍यादा करते हैं और इसी वजह से आज दुनियाभर में टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों की संख्‍या बहुत ज्‍यादा है। अगर आप अपनी कुछ बुरी आदतों को छोड़ दें तो आप डायबिटीक होने से बच सकते हैं। एक ब्रिटिश स्‍टडी में यह बात सामने आई है कि 4000 लोगों में उनके खराब लाइफस्‍टाइल की वजह से ब्‍लड शुगर का स्‍तर असंतुलित हो गया जिस कारण उनमें टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा बढ़ गया था। तो चलिए उन आदतों के बारे में जान लेते हैं जो आपको डायबिटीज़ का मरीज़ बना सकती हैं।

शुगरी ड्रिंक पीना

शुगरयुक्‍त ड्रिंक्‍स में कैलोरी बहुत होती है जिस वजह से ये मोटापा बनाने का कारक मानी जाती है। सोड़ा या लैमनेड जैसे ड्रिंक्‍स में कोई पोषण नहीं होता है। प्‍यास लगने पर आपको पानी पीना चाहिए। पानी शरीर के लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी और फायदेमंद होता है। आप ताजा घर पर बना हुआ फ्रूट जूस भी पी सकते हैं।

ब्रेकफास्‍ट ना करना

अकसर सुबह ऑफिस की जल्‍दी में हम नाश्‍ता ठीक तरह से नहीं कर पाते हैं लेकिन आपको बता दें कि ये खाने का सबसे अहम हिस्‍सा होता है। अगर आप डायबिटीज़ से बचना चाहते हैं तो आपको नाश्‍ता स्किप करने की आदत को छोड़ना होगा। अगर आप नाश्‍ता नहीं करेंगें तो लंच टाइम तक आपको ना जाने क्‍या-क्‍या खाने की क्रेविंग उठेगी। लंच तक भूखा रहने से इंसुलिन का स्‍तर बिगड़ने लगता है और ब्‍लड शुगर भी कंट्रोल से बाहर चला जाता है। ब्‍लड शुगर और वजन को कंट्रोल करने के लिए आपको संतुलित आहार लेने की बहुत जरूरत है और इसकी शुरुआत नाश्‍ते से ही होती है। नाश्‍ते में अंडे, ताजे फल, योगर्ट, होलग्रेन ब्रेड आदि खा सकते हैं।

फिश ना खाना

अगर आपको फिश खाना पसंद नहीं है तो अब आपको अपनी पंसद बदल लेनी चाहिए। फिश प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत मानी जाती है। साल्‍मन, ट्यूना, मैकरेल और सारदिंस आदि में ओमेगा 3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होता है जोकि ह्रदय  रोग और हाई ब्‍लडप्रेशर का खतरा कम कर देता है। ये डायबिटीज़ से बचाने में भी मददगार साबित होता है। एक सप्‍ताह में दो बार मछली का सेवन जरूर करें।

Picture credit : healthline.com

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स्‍टार्चयुक्‍त कार्ब का सेवन करना

खाने में पास्‍ता, आलू या व्‍हाइट ब्रेड को शामिल करना आपके ब्‍लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। अगर आप टाइप 2 डायबिटीज़ से बचना चाहते हैं तो आपको इन चीज़ों को अपने खाने से हटा देना चाहिए। इन चीज़ों का सेवन कम मात्रा में करना भी फायदेमंद रहता है। इससे वजन कम करने में भी मदद मिलती है। अपनी प्‍लेट में एक चौथाई हिस्‍सा ही स्‍टार्चयुक्‍त चीज़ों को रखें। व्‍हाइट ब्रेड की जगह होलग्रेन ब्रेड खाएं जिससे ब्‍लड शुगर, डायबिटीज़ और वजन कंट्रोल में रहे।

आधी रात को खाना

डिनर करने के बाद सोने से पहले या आधी रात को भूख लगने पर कुछ खा लेने की वजह से भी आप डायबिटीज़ के शिकंजे में आ सकते हैं। अगर आप रोज़ाना ऐसा करते हैं तो इस वजह से आपका ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ सकता है जिससे इंसुलिन के स्राव में दिक्‍कत आती है। ये सब आपको टाइप 2 डायबिटीज़ का मरीज़ बना सकता है। पूरा दिन में तीन बार भोजन करना जरूरी है क्‍योंकि इससे ब्‍लड शुगर कंट्रोल में रहता है। आप डिनर के बाद स्‍नैक ले सकते हैं लेकिन इसमें चिप्‍स, डोनट्स आदि ना खाएं। इनकी जगह आप कोई हैल्‍दी चीज़ जैसे फल या फ्रूट आदि खा सकते हैं।

मक्‍खन खाना

मक्‍खन में सैचुरेटेड फैट बहुत ज्‍यादा होता है जिसका सीधा संबंध इंसुलिन रेसिस्‍टेंस से होता है जोकि टाइप डायबिटीज़ का प्रमुख कारण है। इसकी जगह आप वेजिटेबल ऑयल का प्रयोग कर सकते हें जिनमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट होता है। अगर आपको मधुमेह का खतरा है तो आपको अपने खाने में एक्‍स्‍ट्रा वर्जिन ऑयल का इस्‍तेमाल करना चाहिए। वजन कम करने के लिए ऑलिव ऑयल यूज़ कर सकते हैं।

Picture credit : prevention.com

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बिना लिस्‍ट के शॉपिंग

अगर आप बिना लिस्‍ट बनाए ही सुपरमार्केट में शॉपिंग करने निकल जाते हैं तो इसका मतलब है कि आप अपने शॉपिंग कार्ट में कई सारी बीमारियां भी साथ लेकर आ रहे हैं। डायबिटीज़ और वजन बढ़ने जैसी मुश्किलों से बचने के लिए आपको लिस्‍ट बनाने की सख्‍त जरूरत है। इससे आप सेहत के लिए खराब और जंक चीज़ों की खरीदारी करने से बच पाएंगें। हरी सब्जियों से भरपूर डाइट लेने से ब्‍लड शुगर और डायबिटीज़ दोनों ही कंट्रोल में रहती हैं।

इमोशनल ईटिंग

कुछ लोग जब दुखी या इमोशनल होते हैं तो ज्‍यादा खाने लगते हैं और इस वजह से उनका वजन बढ़ जाता है। मोटापे को भी टाइप 2 डायबिटीज़ का प्रमुख कारण माना गया है। एक स्‍टडी में भी यह बात सामने आई है कि डिप्रेशन में लोग अपने खाने और ब्‍लड शुगर एवं डायबिटीज़ को कंट्रोल करने पर बहुत कम ध्‍यान देते हैं। अगर आप खुद को डिप्रेशन में जाता महसूस कर रहे हैं तो अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें। तनाव से दूर रह कर आप खुद को कई बीमारियों से बचा सकते हैं।

रात में जागना

अगर आप पर्याप्‍त नींद नहीं ले पाते हैं तो भी आपको डायबिटीज़ की बीमारी हो सकती है। 6 घंटे से कम नींद लेने पर ब्‍लड ग्‍लूकोज़ को कंट्रोल करने वाले हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं और भूख बढ़ने लगती हैं। इससे वजन भी बढ़ने का खतरा रहता है। अनिद्रा के कारण टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा भी बढ़ जाता है इसलिए बेहतर होगा कि आप पर्याप्‍त नींद लें। खर्राटे लेना स्‍लीप एप्‍निया का एक लक्षण है जोकि ब्‍लड शुगर को प्रभावित करता है। ये भी डायबिटीज़ का कारण बन सकता है।

याद रखिए अगर एक बार आप डायबिटीज़ के चंगुल में फंस गए तो फिर इससे निकल पाना आपके लिए असंभव सा हो जाएगा इसलिए बेहतर है कि आप पहले से ही इसका कारण बनने वाली बुरी आदतों को छोड़ दें।

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