डायबिटीज़ के साथ हाई कोलेस्‍ट्रॉल के मरीज़ों का ऐसा होना चाहिए – ब्रेकफास्‍ट, लंच और डिनर

Picture credit : dailymirror.lk

Picture credit : dailymirror.lk

डायबिटीज़ के मरीज़ों में ह्रदय रोग का खतरा दो से चार गुना ज्‍यादा होता है। हाई ब्‍लड कोलेस्‍ट्रॉल के बढ़ने पर भी ह्रदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। संतुलित आहार जिसमें न्‍यूट्रिशियस फूड भी हो उसमें थोड़ा बदलाव कर डायबिटीज़ के मरीज़ों में ब्‍लड शुगर को कंट्रोल और ब्‍लड कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम किया जा सकता है।

डायबिटीज़ में क्‍यों बढ़ जाता है कोलेस्‍ट्रॉल   

अभी वैज्ञानिक इस बात का पता नहीं लगा पाए हैं कि कोलेस्‍ट्रॉल किस तरह से डायबिटीज़ को प्रभावित करता है। कुछ रिसर्च में इंसुलिन और कोलेस्‍ट्रॉल के बीच संबंध पाया गया है। साल 2001 में हुई रिसर्च में शोधकर्ताओं ने टीसीएएफ1 नामक जीन जोकि इंसुलिन और कोलेस्‍ट्रॉल के उत्‍पादन को नियंत्रित करता है उसका पता लगाया था। जब ये जीन ठीक तरह से कार्य नहीं कर पाता है जो व्‍यक्‍ति डायबिटीज़ और हाई कोलेस्‍ट्रॉल के खतरे में रहता है।

स्‍टेटिन दवा पर की गई रिसर्च में भी इंसुलिन और कोलेस्‍ट्रॉल के बीच संबंध बताया गया है। स्‍टेटिन कोलेस्‍ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल करने में मददगार होती है और इससे ह्रदय रोगों का खतरा भी घटता है। लेकिन साल 2012 में यू.एस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रिशन ने ये चेतावनी दी है कि स्‍टेटिन डायबिटीज़ का खतर बढ़ा देती है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इसका एक कारण कोलेस्‍ट्रॉल और इंसुलिन के बीच संबंध भी है। जर्नल एडिपोसाइटे में उन्‍होंने बताया कि स्‍टेटिन इंसुलिन के कार्य में बाधा उत्‍पन्‍न करती है। इसकी वजह से मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।

अगर आप ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करते हैं तो आपका एलडीएल कोलेस्‍ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है। हालांकि, दवाओं और बेहतर जीवनशैली से आप इन दोनों ही चीज़ों को नियंत्रित कर सकते हैं।

Picture credit : dlife.com

Picture credit : dlife.com

डाइट से जुड़ी सामान्‍य बातें

ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए खाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा का सबसे ज्‍यादा ध्‍यान रखना चाहिए। फलों, योगर्ट और दूध में कार्बोहाइड्रेट सबसे ज्‍यादा होता है। अपने ब्‍लड शुगर और कैलोरी के हिसाब से ही इनकी मात्रा निर्धारित करें। अमेरिकन डायबिटीज़ एसोसिएशन का कहना है कि आप एक मील पर 45 से 60 ग्राम काबोहाइड्रेट से शुरु कर सकते हैं। ब्‍लड कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने के लिए आापको उच्‍च फाइबर युक्‍त खाद्यों का सेवन करना चाहिए और डाइट में सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट का सेवन कम मात्रा में करें। उच्‍च फाइबर फूड के साथ साबुत अनाज, फल और सब्जियां खाएं। मीट और लो फैट और नॉन फैट डेयरी प्रॉडक्‍ट्स में सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम कर दें। बेक्‍ड फूड में ट्रांस फैट ज्‍यादा पाया जाता है।

नाश्‍ता

ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए रोज़ एक ही समय पर खाना खाने की कोशिश करें। रोज़ उसी समय पर खाएंगें तो इससे वजन भी नियंत्रण में रहेगा। संतुलित वजन बनाए रखने क लिए आपको ब्‍लड शुगर और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को भी कंट्रोल में रखना चाहिए। दिल की सेहत के लिए डायबिटीज़ के मरीज़ों को नाश्‍ते में 1 कप पके हुए ओटमील में 2 चम्‍मच किशमिश  और 1 कप नॉन फैट दूध डालकर खाना चाहिए। इसके अलावा आप दो होलव्‍हीट टोस्‍ट पर 1 से डेढ़ चम्‍मच पीनट बटर लगाकर भी खा सकते हैं। नॉन फैट शुगर फ्री योगर्ट भी खा सकते हैं।

लंच

लंच में घुलनशील फाइबर वाले खाद्य पदार्थों जैसे नाशपाती और संतरे को जरूर शामिल करें। ये ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने और पाचन को धीमा करने में मदद करता है जिससे रक्‍त कोशिकाओं में शुगर धीरे से घुलता है। डायबिटीज़ के मरीज़ों के लंच में ब्‍लड कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने के लिए 3 आउंस ग्रिल्‍ड ट्यूना पर 2 कप मिक्‍सड ग्रीन के साथ सेवन वॉल्‍नट चॉप्‍ड डालकर खाना चाहिए। रोज़ एक फल जरूर खाएं। इसके अलावा संतरे और गाजर और किसी भी तरह के साबुत अनाज को भी आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

डिनर

ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्‍त फूड जैसे साल्‍मन, ट्यूना और अखरोट आदि का सेवन करें। इससे ब्‍लड कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कंट्रोल में रहता है। डिनर में 3 आउंस उबली हुई साल्‍मन के साथ 1 कप ब्राउन राइस और 1 कप उबली हुई ब्रोकली खा सकते हैं। इसके अलावा आप डिनर में उबली हुई शकरकंद के साथ 1 कप ब्रूसेल्‍स स्‍प्राउट्स और 1 आउंस होलव्‍हीट डिनर रोल भी खा सकते हैं।

Picture credit : pritikin.com

Picture credit : pritikin.com

डाइट में इन बातों का रखें ध्‍यान

साबुत अनाज खाएं

कई तरह के पास्‍ता और ब्रेड साबुत अनाज से बने होते हैं इसलिए रेगुलर पास्‍ता की जगह होलग्रीन पास्‍ता खाएं। व्‍हाइट राइस की जगह ब्राउन राइस खाएं।

फल और सब्जियां

फल और सब्जियां खाने से कोई बीमारी आपको छू भी नहीं सकती है। फल और सब्जियों में फाइबर होता है जोकि कोलेस्‍ट्रॉल को कम करता है इसलिए दिन में एक या दो बार तो फल जरूर खाएं।

आप नाश्‍ते में योगर्ट में कोई फल मिलाकर भी खा सकते हैं। स्‍नैक में रोज़ कोई सब्‍जी भी खा सकते हैं।

ऑलिव ऑयल में खाना पकाएं

वेजिटेबल ऑयल में खाना पकाने की जगह ऑलिव ऑयल चुनें जिसमें हैल्‍दी फैट होता है। ऑलिव ऑयल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है जोकि सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट से ज्‍यादा सेहतमंद होता है।

कोलेस्‍ट्रॉल फूड कम करें

जब भी कोई फूड खरीदें तो उसके लेबल को भी जरूर चैक करें। ऐसे खाद्य पदार्थ चुनें जिसमें कोलेस्‍ट्रॉल कम हो। न्‍यूट्रिशन लेबल के ज़रिए आप जान सकते हैं कि किस फूड में कितना कोलेस्‍ट्रॉल है।

अगर आप डायबिटीज़ के मरीज़ हैं और इसके साथ ही आपको हाई कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या है तो ऊपर बताई गई चीज़ों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

आपको बता दें कि संतुलित आहार और व्‍यायाम से हर बीमारी को जड़ से खत्‍म किया जा सकता है और डायबिटीज़ और हाई कोलेस्‍ट्रॉल में भी यही नियम लागू होता है। अगर आप हाई कोलेस्‍ट्रॉल से ग्रस्‍त हैं तो आपको ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिनमें कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल कम हो या ना के बराबर हो। डायबिटीज़ के मरीज़ों को हाई कोलेस्‍ट्रॉल में अपना ज्‍यादा ध्‍यान रखना चाहिए क्‍योंकि डायबिटीज़ और हाई कोलेस्‍ट्रॉल दोनों ही ह्रदय रोग का प्रमुख कारण है। अगर आप ह्रदय रोगों से बचना चाहते हैं तो आहार और व्‍यायाम से डायबिटीज़ और कोलेस्‍ट्रॉल दोनों को ही कंट्रोल कर सकते हैं।

Read source

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *