कॉफी और चाय पीने वाली महिलाओं की डायबिटीज़ से कम होती है मौत

Picture credit : thediabetescouncil.com

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मधुमेह ग्रस्‍त महिलाएं अगर रोज़ एक कप कॉफी या चाय या कैफीनयुक्‍त पेय का सेवन करती हैं तो इससे उनमें कार्डियोवस्‍कुलर रोग और कैंसर से मृत्‍यु का खतरा कम हो जाता है। लिस्‍बन, पुर्तगाल में स्‍टडी ऑफ डायबिटीज़ वार्षिक बैठक के दौरान यूरोपियन एसोसिएशन ने एक स्‍टडी पेश की है जिसके अनुसार कैफीन का ज्‍यादा सेवन करने वाली महिलाओं में इनका सेवन ना करने वाली महिलाओं की तुलना में मृत्‍यु का खतरा कम पाया गया। इससे पहले हुई एक रिसर्च में भी कॉफी की वजह से टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी के बढ़ने के खतरे को कम पाया गया था।

कॉफी, चाय से मधुमेह का रिश्‍ता

कॉफी में मौजूद कैफीन की वजह से किसी भी बीमारी से मृत्‍यु का खतरा कम हो जाता है। खासतौर पर जो महिलाएं कॉफी और चाय ज्‍यादा पीती हैं उनमें कार्डियोवस्‍कुलर रोग और कैंसर से मरने का खतरा बहुत कम हो जाता है। कॉफी के मुकाबले चाय का असर कम होता है। प्रतिदिन 100 मिलीग्राम से 300 मिलीग्राम कॉफी का सेवन किया जा सकता है, हालांकि इसकी मात्रा उम्र और देश के हिसाब से अलग होती है।

शोधकर्ताओं ने 1999 से 2010 तक के 3000 महिलाओं और पुरुषों में कैफीन के सेवन के स्‍तर और मृत्‍यु की जांच की। इस स्‍टडी के दौरान प्रतिभागियों से दिनभर में चाय, कॉफी और अन्‍य सॉफ्ट ड्रिंक्‍स के सेवन के बारे में पूछा गया।

इस 11 साल की रिसर्च में 618 लोगों की मौत हो चुकी थी। शोधकर्ताओं ने पाया कि डायबिटीज़ से ग्रस्‍त जिन महिलाओं ने प्रतिदिन 100 मिलीग्राम कॉफी या कैफीन का सेवन किया उनमें मृत्‍यु का खतरा 51 प्रतिशत था जबकि 100 से 200 मिलीग्राम प्रतिदिन कैफीन का सेवन कम करने वाली महिलाओं में मृत्‍यु का खतरा 57 प्रतिशत था।

रोज़ 200 मिलीग्राम से ज्‍यादा कैफीन की मात्रा यानि एक दिन में 2 कप कॉफी का सेवन करने वाली महिलाओं में मृत्‍यु का खतरा 66 प्रतिशत कम पाया गया। वहीं चाय का सेवन करने वाली महिलाओं में कैंसर का खतरा चाय ना पीने वाली महिलाओं की तुलना में 80 प्रतिशत कम पाया गया।

Picture credit : hindustantimes.com

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कॉफी और डायबिटीज़

डायबिटीज़ के मरीज़ों में कॉफी के सेवन को लेकर थोड़ी असंमजस की स्थिति है। कॉफी में कुछ ऐसे रसायन होते हैं जो सेहत को फायदा पहुंचाते हैं जबकि कुछ कम फायदेमंद होते हैं जैसे कि कैफीन। उपरोक्‍त बताए गए तथ्‍य के अनुसार कैफीन के सेवन से मधुमेह की महिला मरीज़ों में किसी भी रोग से मृत्‍यु का खतरा कम होता है।

कॉफी, चाय से मधुमेह का खतरा कम

कॉफी के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज़, कैंसर जैसे एंडोमेट्रियल कैंसर और प्रोस्‍टेट कैंसर, कार्डियोवस्‍कुलर रोग, स्‍ट्रोक, अल्‍जाइमर रोग, पार्किंसन रोग आदि से बचाव करता है। कॉफी में मौजूद पॉलीफेनॉल्‍स में एंटीऑक्‍सीडेंट यौगिक होते हैं जोकि सूजन संबंधित बीमारियों जैसे टाइप 2 डायबिटीज़ से बचाता है और ये एंटी कैंसर गुणों से युक्‍त है।

पॉलीफेनॉल्‍स के अलावा कॉफी में मिनरल, मैग्‍नीशियम और क्रोमियम होता है। अधिक मात्रा में मैग्‍नीशियम का सेवन टाइप 2 डायबिटीज़ के खतरे को कम करता है। इन पोषक तत्‍वों से इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है जोकि कैफीन का विपरीत प्रभाव है।

Picture credit : acs.org

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मधुमेह पर चाय या कॉफी का प्रभाव

टाइप 2 डायबिटीज़ में कॉफी के प्रभाव को लेकर कई बार रिसर्च की जा चुकी है। इन अध्‍ययनों की मानें तो कॉफी पीने वाले लोगों में टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा कम पाया गया।

साल 2009 में 40,000 प्रतिभागियों में पाया गया कि जो एक दिन में 3 कप कॉफी पीते थे उनमें 40 प्रतिशत टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा कम था।

चाय या कॉफी पीकर लंबे जी सकता है डायबिटिक्‍स

जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया कि एक स्‍टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि कॉफी का सेवन करने वाली महिलाओं में डायबिटीज़ के कारण मृत्‍यु का खतरा कम पाया गया। इसका मतलब है कि डायबिटीज़ से ग्रस्‍त जो महिलाएं एक दिन में 2 से 3 कप कॉफी रोज़ पीती हैं उनकी मौत इस बीमारी की वजह से कम होती है।

मधुमेह रोगियों के लिए हैल्‍दी पेय

Picture credit : diabeticlivingonline.com

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चॉकलेट मिल्‍क

वर्कआउट या व्‍यायाम के बाद लो फैट चॉकलेट मिल्‍क पीना बेहतर रहता है लेकिन बाज़ार में मिल रहे पैक्‍ड ब्रांडेड चॉकलेट मिल्‍क में शुगर होता है जोकि आपके लिए खतरनाक हो सकता है। इसे कुछ इस तरह आप घर पर भी बना सकते हैं। 1 गिलास दूध में 3 चम्‍मच कोकोआ पाउडर, 2 टेबलस्‍पून आर्टिफिशयल स्‍वीटनर डालें। इससे 70 प्रतिशत कैलारी लेने से बचा सकता है। वहीं बाज़ार में मिलने वाले चॉकलेट मिल्‍क की तुलना में इसमें 16 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 2 ग्राम फैट भी कम होता है। अपने चॉकलेट मिल्‍क में आप कुछ बादाम भी डाल सकते हैं।

मीठी चाय

शुगर फ्री आईस्‍ड टी और आईस्‍ड टी क्रिस्‍टल कार्बोहाइड्रेट से मुक्‍त होती हैं। घर पर बड़ी आसानी से आप इसे बना सकते हैं। चाय में अपने पसंदीदा फल को क्रश कर के डाल दें। थोड़ी देर उबलने के बाद इसे छान लें और इसमें अपना पसंदीदा स्‍वीटनर डालें। इस हैल्‍दी चाय को पीने से आप तरोताज़ा महसूस करेंगें।

ऑरेंज जूस – संतरे का रस

ऑरेंज जूस का स्‍वाद बहुत बढिया होता है लेकिन एक कप संतरे के रस में 26 ग्राम कार्बोहाइड्रेट  होता है। इससे तो बेहतर होगा कि आप एक पूरा संतरा ही खा लें। इसमें मौजूद फाइबर से पेट भरा हुआ रहता है। किसी ऐसे ब्रांड का ऑरेंज जूस चुनें जिसमें 3 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 15 कैलोरी और रोज़ाना की विटामिन सी की 100 % जरूरत की पूर्ति करता है।

नींबू का रस – लैमनेड

गर्मी के मौसम में मधुमेह के मरीज़ों के लिए नीबू पानी से अच्‍छा और सेहतमंद और कुछ नहीं हो सकता। रेस्‍टोरेंट में परोसे गए 16 आउंस के लैमनेड में 60 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। इससे बेहतर होगा कि आप घर पर ही लैमनेड तैयार कर लें। पानी में नीबू का रस डालें और इसमें जीरो कैलोरी आर्टिफिशल स्‍वीटनर भी मिलाएं। इसमें कार्बोहाइड्रेट और कैलारी 0% रहेगा।

अगर आप मधुमेह की बीमारी में बेवरेज़ेज के शौकीन हैं तो आपको इन पेय पदार्थों को ट्राई करना चाहिए लेकिन ध्‍यान रहे इन्‍हें घर पर बनाना ज्‍यादा सेहतमंद रहता है। मार्केट में उपलब्‍ध ब्रांडेड बेवरेज को तो हाथ भी ना लगाएं।

डायबिटीज़ के मरीज़ अगर हैल्‍दी डाइट जैसे अपने आहार में साबुत अनाज को शामिल करें तो वो इस बीमारी से छुटकारा भी पा सकते हैं। आपको फास्‍टफूड से बिलकुल दूर रहना चाहिए वरना ये आपकी परिस्थिति और भी ज्‍यादा खराब कर सकती है। हालांकि, इसमें भी कुछ बदलाव कर इसे खाया जा सकता है।

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