ज्‍यादा नमक खाने की वजह से बढ़ सकता है डायबिटीज़ का खतरा

Picture credit : careguru.in

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सोडियम का उत्तम स्रोत कहे जाने वाले नमक का सेवन करने से हाई ब्‍लडप्रेशर के साथ-साथ डायबिटीज़ का खतरा भी रहता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि एक दिन में 2.5 ग्राम से ज्‍यादा नमक खाने से टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा 43 प्रतिशत ज्‍यादा बढ़ जाता है।

Picture credit : vanillanews.com

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नमक और टाइप 2 डायबिटीज़

इस रिसर्च के निष्‍कर्ष में खुलासा हुआ कि जिन लोगों ने प्रतिदिन 7.3 ग्राम से ज्‍यादा मात्रा में नमक का सेवन किया उनमें 6 ग्राम से कम नमक खाने वाले लोगों मधुमेह का खतरा 72 प्रतिशत कम पाया गया। शोधकर्ताओं का मानना है कि सोडियम में 40 प्रतिशत नमक होता है जिसका प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष असर इंसुलिन रेसिस्‍टेंस, मोटापे और हाई ब्‍लड प्रेशर पर पड़ता है।

क्‍या नमक की वजह से मधुमेह होता है

सिर्फ नमक खाने से मधुमेह की बीमारी नहीं होती है लेकिन ज्‍यादा मात्रा में नमक खाने से इसका असर हाई ब्‍लड प्रेशर पर पड़ता है जोकि टाइप 2 डायबिटीज़ का प्रमुख कारण है। हाई ब्‍लड प्रेशर की वजह से ह्रदय रोग, स्‍ट्रोक और किडनी रोग का खतरा रहता है। इसलिए नमक का सेवन कम मात्रा में ही करें।

नमक और डायबिटीज़ ब्‍लड शुगर

शरीर को विटामिन और मिनरल्‍स की जरूरत भी होती है और नमक में मौजूद मिनरल शरीर के कई अंगों को सक्रिय रखने में मदद करता है और इसका ब्‍लड शुगर पर कोई असर नहीं पड़ता है। हालांकि, नमकीन फूड्स जैसे आलू के चिप्‍स आदि ब्‍लड शुगर का स्‍तर बढ़ा सकते हैं क्‍योंकि इनमें स्‍टार्च और कार्बोहाइड्रेट भी होता है।

Picture credit : sciencing.com

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डायबिटीज़ और नमक खाने की क्रेविंग

नमक खाने की इच्‍छा होना शरीर में किसी तरह की कमी का लक्षण हो सकता है। डायबिटीज़ की बीमारी में नमक खाने की क्रेविंग नहीं उठती है बल्कि इसका कारण डिहाइड्रेशन, स्‍ट्रेस, प्रीमैंस्‍ट्रूअल सिंड्रोम या प्रेग्‍नेंसी आदि हो सकती है। इसलिए अगर आपको बहुत ज्‍यादा नमक खाने की इच्‍छा हो रही है तो इसका कारण डायबिटीज़ नहीं है।

क्‍या नमक से डायबिटीज़ हो सकती है

शरीर में फ्लूइड के संतुलन को नियंत्रित करना ही सोडियम का काम है और ये सामान्‍य ब्‍लड वॉल्‍यूम और रक्‍तचाप को भी संतुलित रखता है। बहुत ज्‍यादा मात्रा में नमक खाने से ब्‍लडप्रेशर बढ़ जाता है और शरीर में फ्लूइड बनना कम हो जाता है। इसकी वजह से पैरों में सूजन और अन्‍य सेहत संबंधित समस्‍या हो सकती है जोकि मधुमेह के मरीज़ों के लिए बहुत घातक साबित भी हो सकती है।

Picture credit : livestrong.com

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मधुमेह में करें इन चीज़ों का परहेज़

जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि नमक खाने से हाई ब्‍लड प्रेशर की दिक्‍कत सामने आती है और हाई ब्‍लडप्रेशर को टाइप 2 डायबिटीज़ का प्रमुख कारण माना जाता है।

मधुमेह के मरीज़ों को सफेद चीनी, शहद, ठंडी मलाई, गुड़, केक, पैकेटबंद जूस और कुकीज़ आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। इस बीमारी में आप मौसमी फल खा सकते हैं लेकिन कई फल ऐसे भी हैं जिन्‍हें खाने से आपका ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ सकता है जिसमें आम, अंगूर, खरबूजा आदि शामिल है।

तली हुई चीज़ें

खाने को तलने और भूनने की बजाय सेंक कर खाएं या फिर उबले हुए खाद्यों का सेवन करें वरना इन चीज़ों से आपका शुगर लेवल बढ़ सकता है। इसके अलावा डायबिटीज़ को कंट्रोल करने के लिए सोडियम युक्‍त चीज़ें भी ना खाएं। सोया सॉस और नमकीन आदि में नमक की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है। वहीं कुछ तरह के अनाज जैसे पास्‍ता, व्‍हाइट ब्रेड, मैदा और पिज्‍जा भी ना खाएं।

सलाद की ड्रेसिंग

मधुमेह के मरीज़ों को हरी सब्जियां खूब खानी चाहिए लेकिन इस पर सजाई गई ड्रेसिंग, सॉस और मसाले नहीं खाने चाहिए। कार्बोहाइड्रेट युक्‍त सब्जियों का सेवन भी ना करें।

अब तो आप जान ही गए होंगें मधुमेह के मरीज़ों को कितनी मात्रा में नमक का सेवन करना फायदेमंद रहता है। अब अपनी डाइट का ध्‍यान रखें।

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