टाइप 2 डायबिटीज़ से आपको मुक्ति दिला सकती है ब्रोकली

 

Picture credit : dole.com

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ब्रोकली को हैल्‍दी डाइट का अहम हिस्‍सा माना जाता है। ब्रोकली के सेहत को कई फायदे मिलते हैं। शोधकर्ताओं की मानें तो ब्रोकली में मौजूद सल्‍फोराफेन ब्‍लड शुगर को कम करता है और ह्रदय को सेहतमंद बनाए रखता है। इसके अलावा ये एंटीऑक्‍सीडेंट्स का भी अच्‍छा स्रोत है जोकि फ्री रेडिकल्‍स से लड़ने में मदद करता है।
आज के आधुनिक समय में डायबिटीज़ की बीमारी बड़ी तेजी से बढ़ रही है और इसकी चपेट में लाखों लोग आ चुके हैं। खराब जीवनशैली को इसका कारण कहा जा सकता है एवं इसमें जींस भी अहम भूमिका निभाते हैं। जींस की प्रतिक्रिया के बारे में जानने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ गोथनबर्ग के शोधकर्ताओ ने टाइप 2 डायबिटीज़ से संबंधित 50 जींस पर रिसर्च की। उन्‍होंने कई तरह के टेस्‍ट किए।
सल्‍फोराफेन नामक यौगिक के प्रभाव पर स्‍टडी करते हुए शोधकर्ताओं ने पाया कि ये उन जींस को धीमा कर बीमारी को पूरी तरह से ठीक करने की ताकत रखते हैं। ये स्‍टडी जर्नल साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसन में प्रकाशित हो चुकी है जिसमें लेखक ने इस बात का खुलासा किया है कि सल्‍फोराफेन ग्‍लूकोज़ के उत्‍पादन को उत्तेजित करता है और हाई फैट और हाई फ्रूक्‍टोज़ डाइट में रोडेंट्स में ग्‍लूकोज़ टॉलरेंस को बेहतर करता है। इस क्‍लीनिकल ट्रायल में सल्‍फोराफेन से युक्‍त ब्रोकली स्‍प्राउट को ओबेसिटी और टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में ग्‍लूकोज़ को बेहतर करने में मददगार पाया गया।
मार्केट में डायबिटीज़ के ईलाज के लिए कई तरह की दवाएं उपलब्‍ध हैं लेकिन इन दवाओं से सभी मरीज़ों को राहत नहीं मिल पाती है और इनमें से अधिकतर दवाओं के हानिकारक प्रभाव भी होते हैं। वहीं टाइप 2 डायबिटीज़ के अधिकतर मरीज़ मोटापे के शिकार होते हैं जिस वजह से उनमें इंसुलिन सेंसिटिविटी हो जाती है जोकि ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करने वाले अंगों को बाधित करती है। डायबिटीज़ के लिए प्रभावी दवा ढूंढ पाना एक बहुत बड़ी चुनौती है।
इसलिए एक नई एंटी-डायबिटीक यौगिक या दवा बनाते समय शोधकर्ताओं ने 3800 दवाओं पर शोध किया जिसमें उन्‍होंने पाया कि सल्‍फोराफेन डायबिटीज़ की बीमारी को पूरी तरह से ठीक करने में सक्षम है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि ब्रोकली डायबिटीज़ के खिलाफ एक सीक्रेट हथियार के रूप में काम कर सकती है। इससे पहले हुए अध्‍ययनों में ये बात सामने आई है कि सल्‍फोराफेन रक्‍त कोशिकाओं को सु‍रक्षित रखने वाले एंजाइम्‍स के उत्‍पादन को बढ़ाती हैं जोकि कार्डियोवस्‍कुलर रोगों जैसे हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक के खतरे को कम करता है। डायबिटीज़ में कार्डियोवस्‍कुलर रोग सामान्‍य हानिकारक प्रभाव में आते हैं।
डायबिटीज़ के मरीज़ों को अपनी डाइट में इन चीज़ों को भी शामिल करना चाहिए -:
करेला
Picture credit : organicpowerfoods.com
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करेले में एंटी डायबीटिक गुणों के साथ तीन तत्‍व चैरेंटिन, विसिन और पॉलीपेप्‍टाइड – पी होता है। चैरेंटिन ब्‍लड ग्‍लूकोज़ के स्‍तर को कम करता है और पॉलीपेप्‍टाइड – पी इंसुलिन की तरह एक यौगिक है। ये सभी तत्‍व एकसाथ मिलकर या अलग-अलग ब्‍लड शुगर के स्‍तर को कम करने में मदद करते हैं। करेला मेटाबॉलिज्‍म के ग्‍लूकोज़ की मदद करने वाले एंजाइम्‍स की क्रिया को बढ़ाकर रक्‍त शर्करा का स्‍तर कम कर देता है। ये एंजाइम्‍स ग्‍लूकोज़ और ब्‍लड शुगर को ग्‍लाइकोजन में तब्‍दील करने में मदद करते हैं। ग्‍लाइकोजन लिवर में संग्रहित रहता है और बाद में इसका प्रयोग ऊर्जा के रूप में किया जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो करेला ब्‍लड शुगर के स्‍तर के साथ-साथ कोलेस्‍ट्रॉल के लेवल को भी कम करता है। लेकिन फिर भी अब तक रक्त शर्करा को कम करने में करेले की प्रभावशीलता के ठोस प्रमाण नहीं मिल पाए हैं।
साबुत अनाज
whole grains
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साबुत अनाज जैसे जौ और ओट्स में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है जोकि धीमी गति से पचता है और आपके ब्‍लड शुगर को बढ़ने से रोकता है। नियमित साबुत अनाज का सेवन करने से वजन भी नहीं बढ़ता जोकि डायबिटीज का प्रमुख कारण है। साबुत अनाज के सेवन से वजन को कम किया जा सकता है और ये ओबेसिटी यानि मोटापे का रामबाण ईलाज है। साबुत अनाज ना केवल ऊर्जा प्रदान करते हैं बल्कि ये महत्‍वपूर्ण पोषण का प्रमुख स्रोत भी है। सफेद चावलों की जगह ब्राउन राइस, बाजरा, रागी और मक्‍के का सेवन करना चाहिए।
फ्लैक्‍स सीड और पंपकिन के बीज
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फ्लैक्‍स सीड में प्रचुर मात्रा में अघुलनशील फाइबर्स होते हैं। फ्लैक्‍स सीड ह्रदय संबंधित रोगों और मधुमेह से जुड़े स्‍ट्रोक की संभावना को कम कर देते हैं। फैटी और मीठी चीज़ों को खाने से बचने के लिए अपने हाथ पंपकिन के बीज जरूर रखें ताकि जब कभी भी आपका स्‍नैक खाने का मन करे आप इससे अपनी भूख को शांत कर लें।
अमरूद
Picture credit : up.punjabkesari.in
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अमरूद एक लो ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स फूड है जोकि डायट्री फाइबर से भरपूर होता है। ये कब्‍ज से छुटकारा दिलाने में मदद करता है जोकि मधुमेह के मरीज़ों की सबसे बड़ी समस्‍या रहती है।
टमाटर
Picture credit : acchitips.com
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टमाटर में लाइकोपिन मौजूद होता है और ये ह्रदय की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। साथ ही ये ब्‍लड प्रेशर और मधुमेह से संबंधित ह्रदय रोगों की संभावना को भी कम कर देता है। टमाटर में विटामिन सी, विटामिन ए और पोटाशियम प्रचुर मात्रा में होता है। ये लो कार्ब के साथ-साथ कैलोरी में भी लो होता है और यही खासियत इसे डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए सुपरफूड बनाती है।
चुकंदर
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चुकंदर विटामिंस, मिनरल्‍स, फाइबर और फाइटोन्‍यूट्रिएंट्स का प्रमुख स्रोत है जोकि मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करता है। चुकंदर में मौजूद प्राकृतिक शुगर शरीर में जाकर बड़ी तेजी से ग्‍लूकोज़ में तब्‍दील हो जाती है जोकि मधुमेह के मरीज़ों के लिए फायदेमंद होता है।
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