टाइप 2 डायबिटीज़ को कंट्रोल करने के लिए जरूरी है न्‍यूट्रिशन क्‍लास

Picture credit : ymcarichmond.org

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टाइप 2 डायबिटीज़ के ईलाज में प्रिस्क्रिप्‍शन दवाएं ही पर्याप्‍त नहीं हैं। हाल ही में हुई एक नई स्‍टडी में डाइट में बदलाव और हर सप्‍ताह टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए न्‍यूट्रिशियन क्‍लासेस के महत्‍व के बारे में बताया गया है। ये स्‍टडी फिजिशियन कमेटी फॉर रिस्‍पॉन्‍सिबल मेडिसन इन वॉशिंगटन के अकेडमी न्‍यूट्रिशन एंड डायटेटिक्‍स जर्नल में प्रकाशित हुई है। इस रिसर्च के लिए टीम ने वॉशिंगटन के ही एक निजी एंडोक्राइनोलॉजी ऑफिस में सेट अप लगाया था।

डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए शोधकर्ताओं ने फ्री न्‍यूट्रिशन क्‍लास दी। इस स्‍टडी में पाया गया कि न्‍यूट्रिशन क्‍लास की मदद से मरीज़ों के वजन, ब्‍लड शुगर लेवल और रक्‍त में कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर में कमी पाई गई। वहीं शोधकर्ताओं ने स्‍टडी के दौरान 20 सप्‍ताह तक डाइट के असर की भी जांच की। इसमें दो डाइट प्रभावी पाई गई जिसमें एक लो फैट वेगन डाइट थी और दूसरी पोर्शन कंट्रोल्‍ड ईटिंग पैटर्न।

इन दोनों ही ग्रुप्‍स के लोगों को मांस, फैट और हाई कोलेस्‍ट्रॉल वालही चीज़ों से दूर रहने के लिए कहा गया। इस स्‍टडी की मानें तो डाइट में बदलाव कर कम पैसों और प्रभावी तरीके से टाइप 2 डायबिटीज़ को नियंत्रित किया जा सकता है। ऐसे कई फूड्स हैं जो प्राकृतिक रूप से ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करते हैं।

आज हम आपको ऐसे 5 फूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्‍हें अपनी डाइट में शामिल कर आप प्राकृतिक तरीके से ब्‍लड शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं।

साबुत अनाज

इसमें घुलनशील और अघुलनशीन फाइबर होता है जो ब्‍लड शुगर को कंट्रोल कर संतुलित वजन पाने में मदद करता है।

नट्स

बादाम, काजू, पिस्‍ता, अखरोट में अनसैचुरेटेड फैट और विटामिंस और मिनरल्‍स होते हैं जो इंसुलिन रेसिस्‍टेंस और इंफ्लामेशन को कम करते हैं।

करेला

भारतीय सब्‍जी करेले में पॉलीपेप्‍टज्ञइड पी होता है जोकि ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है।

आंवला

हाई ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करने का ये घरेलु नुस्‍खा बहुत कारगर साबित होता है।

केला

कुछ स्‍टडी में केले में मौजूद स्‍टार्च से ब्‍लड शुगर को नियंत्रित करने की बात कही गई है।

डायबिटीज़ के मरीज़ों के‍ लिए टिप्‍स

Picture credit : midlandhealth.org

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  • प्रत्‍येक किलो वजन घटाने से मधुमेह का खतरा भी 16 प्रतिशत तक कम हो जाता है। स्‍वस्‍थ जीवनशैली और डाइट के ज़रिए वजन आसानी से घटाया जा सकता है।
  • कई तरह के फल-सब्जियां खाएं, प्रोटीन लें और फैट के बेहतर स्रोतों का सेवन करें। जिन फूड्स में ट्रांस फैट यानि की हाइड्रोजेनरेटेड फैट, प्रोसेस्‍ड फूड और शुगर ज्‍यादा होता है उनसे दूर रहें।
  • रोज़ाना कम से कम 7-8 गिलास पानी जरूर पीएं। खूब सारे फल खाएं और शरीर को डिहाइड्रेट रखने के लिए हर्बल टी पीएं।
  • एक्‍सरसाइज़ से कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति ज्‍यादा संवेदनशील हो जाती है। इसके लिए आप ब्रिस्‍क वॉक कर सकते हैं। 35-40 मिनट तक रोज़ हल्‍के व्‍यायाम से भी फायदा हो सकता है।
  • तनाव की वजह से कई तरह के हार्मोन रिलीज़ होते हैं जिससे ब्‍लड शुगर का स्‍तर बढ़ जाता है। कई अध्‍ययनों में भी ये बात साबित हुई है कि मेडिटेशन करने से तनाव को कम किया जा सकता है। शारीरिक व्‍यायाम और सोशल सपोर्ट से तनाव को कम किया जा सकता है।
  • डायबिटीज़ को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है वो भी तब जब आप पूरी तरह से सावधानी बरतें। नियमित चेकअप करवाते रहें और खुद भी अपने अंदर दिखने वाले लक्षणों पर गौर फरमाएं।
  • अपने भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम रखें और साबुत अनाज, मछली, चिकन और लो फैट डेयरी प्रॉडक्‍ट्स का सेवन करें। वजन को नियंत्रित रखने के लिए हर चीज़ को संतुलित मात्रा में खाएं।
  • दिन में दो बार खाने की बजाय थोड़ी-थोड़ी देर में खाने की आदत डालें। थोड़े-थोड़े समय के अंतराल में स्‍नैक्‍स खाने से ब्‍लड शुगर का स्‍तर संतुलित रहता है।
  • ह्रदय को स्‍वस्‍थ रखने के लिए एरोबिक एक्‍सरसाज़ जैसे जॉगिंग और साइक्‍लिंग आदि करें। इस तरह की एक्‍सरसाइज़ अपने डॉक्‍टर से सलाह लेने के बाद ही करें।
  • समय-समय पर अपने ब्‍लड ग्‍लूकोज़ की जांच करवाते रहें।
  • कुछ लोगों डॉक्‍टर के बताए अनुसार दवाओं का सेवन नहीं करते हैं। समय पर दवा लें और जैसे डॉक्‍टर ने बताया है उसी तरह से दवा लें। दवा के डोज़ और मात्रा का ध्‍यान रखें।
  • टाइप 2 डायबिटीज़ को लेकर नई रिसर्च होती रहती हैं। इनके बारे में जानें और ईलाज की नई तकनीकों के बारे में अपने डॉक्‍टर से परामर्श करें।
  • मधुमेह की वजह से कई मरीज़ों में डिप्रेशन की समस्‍या उभरने लगती है। दवाओं की मदद से डिप्रेशन को कम किया जा सकता है लेकिन बेहतर होगा कि कोई भी दवा लेने से पहले आप अपने डॉक्‍टर को अपने डिप्रेशन और इसकी वजह के बारे में बताएं।

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