टाइप 1 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए फायदेमंद है ग्रीन टी

ग्रीन टी के अनगिनत फायदे हैं क्‍योंकि ये न्‍यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्‍सीडेंट्स का महत्‍वपूर्ण स्रोत है और इसे टाइप 1 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह दुनियाभर में उपलब्ध तीन प्रकार की चाय में से एक है, जो बाकी की तुलना में प्रसंस्करण की अधिकतम मात्रा में आती है। एडवांस प्रोसेस के कारण इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट पॉलीफेनॉल्‍स के नाम से मौजूद रहते हैं। आज हम आपको टाइप 1 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए ग्रीन टी के कुछ खास फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

ब्‍लड शुगर करे कंट्रोल

Picture credit : thediabetescouncil.com

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ग्रीन टी का सबसे बड़ा फायदा यही है कि ये शरीर में ग्‍लूकोज़ लेवल को नियंत्रित करती है और लो इंसुलिन के हानिकारक प्रभावों को कम करती है। मैरीलैंड मेडिकल सेंटर की यूनिवर्सिटी के अनुसार ग्रीन टी ना केवल टाइप 1 डायबिटीज़ से बचाती है बल्कि अगर पहले से ही आप इसके शिकार हैं तो इसके प्रभाव को कम भी करती है।

हाइपरटेंशन करे कम

Picture credit : healthymagazine.com

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दिन में एक कप ग्रीन टी पीने से हाई ब्‍लड प्रेशर का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। ग्रीन टी रक्‍त कोशिकाओं को आराम देती है और हाई ब्‍लड प्रेशर के लक्षणों को खत्‍म करने में मदद करती है। डायबिटीज़ में ग्रीन टी पीने से लंबे वक्‍त के लिए हाइपरटेंशन से निजात मिलती है।

कोलेस्‍ट्रॉल घटाए

Picture credit : kohraam.com

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टाइप 1 डायबिटीज़ के मरीज़ अगर रोज़ ग्रीन टी का सेवन करें तो इससे कोलेस्‍ट्रॉल के लेवल में कमी आती है। अगर आपको ग्रीन टी का स्‍वाद पसंद ना हो तो आप ग्रीन टी के सप्‍लीमेंट्स भी ले सकते हैं जिनमें प्रचुर मात्रा में पॉलीफेनॉल्‍स होते हैं।

बेहतर परिणाम के लिए क्‍या करें   

Picture credit : myupchar.com

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एक दिन में स्‍ट्रॉन्‍ग ग्रीन टी पीने से टाइप 1 डायबिटीज़ के मरीज़ लंबे समय तक अपनी इस बीमारी को कंट्रोल कर सकते हैं। सालभर रोज़ ग्रीन टी पीने से डायबिटीज़ के मरीज़ों को कई तरह के स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक लाभ होते हैं। वहीं ग्रीन टी ना पीने वाले लोगों में हाइपरटेंशन का खतरा ज्‍यादा रहता है। थोड़ी-बहुत ग्रीन टी पीने से डाइट को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और इससे तनाव कम होता है और हाइपरटेंशन और डायबिटीज़ से बचाव होता है।

ग्रीन टी के एक्टिव एजेंट्स

Picture credit : pakwangali.in

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ग्रीन टी में मौजूद एक्टिव एजेंट्स जैसे कैटेचिन और फ्लेवेनॉएड ईजीसीजी जोकि इंसुलिन एक्टिविटी को नियंत्रित करने में मददगार होते हैं। ये एंटीऑक्‍सीडेंट की तरह भी काम करते हैं

चेतावनी

Picture credit : jagran.com

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रेगुलर कॉफी की तुलना में ग्रीन टी में ज्‍यादा कैफीन होता है इसलिए अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। ये हाइपरटेंशन या अन्‍य किसी स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी बीमारी का कारण बन सकती है जिसमें मधुमेह भी शामिल है। ग्रीन टी में मॉडरेशन करके इसे पीएं और सेहत के लिए जितनी मात्रा जरूरी है उतनी मात्रा में ही इसका सेवन करें और खुद को ओवेरियन कैंसर, हेपेटाइटिस और अन्‍य रोगों से बचाकर रखें।

डायबिटीज़ में चाय पीने के फायदे

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  • चाय से इंसुलिन की संवेदनशीलता को सुधारा जा सकता है लेकिन इसमें दूध का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
  • प्रत्‍येक 10 में से 8 लोगों को उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या और टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी है और 10 में से 3 लोगों को टाइप 1 डायबिटीज़ है। ब्‍लैक और ग्रीन टी से रक्‍तचाप का स्‍तर सामान्‍य रखा जा सकता है।
  • मधुमेह के मरीज़ों में ह्रदय रोगों का खतरा सबसे ज्‍यादा रहता है। डायबिटीज़ के 80 प्रतिशत मरीज़ों की मृत्‍यु ह्रदय रोगों के कारण ही होती है। चाय के सेवन से ह्रदय कई तरह के स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक लाभ होते हैं।
  • जिन लोगों को टाइप 2 डायबिटीज़ होने का खतरा है उन्‍हें एक दिन में तीन से पांच कप ब्‍लैक टी पीनी चाहिए। इससे टाइप 2 डायबिटीज़ का विकास रूक सकता है।
  • डायबिटीज़ कई तरह के कैंसर का भी कारण बन सकता है। इसमें पैंक्रियाटिक कैंसर, लिवर कैंसर और एंडोमेट्रियल कैंसर शामिल है। रिसर्च के अनुसार चाय के सेवन से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

अगर आप मधुमेह के रोगी हैं और चाय पीने का शौक रखते हैं तो आप ब्‍लैक या ग्रीन टी पी सकते हैं। इससे ना केवल आपका शौक पूरा हो जाएगा बल्कि आपकी डायबिटीज़ भी कंट्रोल में रहेगी। मधुमेह रोगी चाय का सेवन दूध के साथ नहीं कर सकते हैं बल्‍कि उन्‍हें ग्रीन टी या ब्‍लैक टी से ही फायदा होता है। उन्‍हें बिना चीनी और दूध की चाय पीनी चाहिए और उन्‍हें हर्बल टी से दूर रहना चाहिए।

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