शरीर को तंबाकू जितना नुकसान पहुंचाती है शुगर

Picture credit : Hindustan Times

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शुगर का कम मात्रा में सेवन करना बहुत जरूरी है वरना ये आपको कई तरह के रोग दे सकता है। हालांकि, आपको सिर्फ अपने खाने में ही चीनी की मात्रा को कम नहीं करना है बल्कि आप जो कुछ भी मार्केट से ला रहे हैं उसमें भी शुगर की मात्रा का ध्‍यान रखें। शोधकर्ताओं का कहना है कि शुगर तंबाकू और शराब जितनी ही नुकसानदायक होती है।
कितनी मात्रा में करें शुगर का सेवन
अमेरिका में लोगों की डाइट में 20 प्रतिशत खाद्यों में शुगर मिली होती है। इनमें हाई फ्रूक्‍टोज़ सिरप और रिफाइंड शुगर भी शामिल है। पिछले 50 सालों में शुगर का उपभोग दोगुना हो गया है। आज कई खाद्य उत्‍पादों में शुगर एक सामान्‍य सामग्री हो गई है। शुगर का सेवन कम कर आप अपने शरीर को कई खतरनाक बीमारियों से बचा सकते हैं जिसमें डायबिटीज़ आदि भी शामिल है।
जी हां, सभी जानते हैं कि शुगर का सेवन ज्‍यादा करने से मधुमेह की बीमारी हो सकती है इसलिए अगर आप इस घातक बीमारी से बचना चाहते हैं तो अपनी डाइट में शुगर का इस्‍तेमाल कम कर दें वरना ये आपको शराब और सिगरेट जितना ही नुकसान पहुंचा सकती है।
तंबाके और शुगर की लत
तंबाकू और शुगर, दोनों में ही लत लगने वाली क्‍वालिटी होती है। शुगर के स्‍वास्‍थ्‍य पर कई प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं जिनमें से एक मोटापा भी है और आपको बता दें कि मोटापा, डायबिटीज़ का प्रमुख कारण है इसलिए अगर आप मधुमेह से बचना चाहते हैं तो अपने खाने में चीनी का सेवन कम करें। यहां तक कि खाद्य उत्‍पाद बनाने वाली कंपनियों को भी अपने प्रॉडक्‍ट्स में चीनी का इस्‍तेमाल सीमित कर देना चाहिए। इसका मतलब है कि कंपनियों को सिर्फ ऐसे ड्रिंक्‍स और खाने की चीज़ें बनानी चाहिए जिनमें नैचुरल स्‍वीटनर हो और कैलोरी की मात्रा जीरो हो।
टाइप 2 डायबिटीज़ और शुगर
टाइप 2 डायबिटीज़ और शुगर के बीच संबंध पाया गया है लेकिन ऐसा तंबाकू के साथ नहीं है। तंबाकू के सेवन से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है जबकि शुगर की वजह से डायबिटीज़ खासतौर पर टाइप 2 डायबिटीज़ की बीमारी हो सकती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि शुगर ही मधुमेह का प्रमुख कारण है।
कई लोग अपनी डाइट में चीनी का सेवन कम कर देते हैं लेकिन मार्केट में ऐसे कई प्रॉडक्‍ट्स हैं जिनमें शुगर मिली होती है और आप इस बात से अनजान होते हैं। अगर आप इन चीज़ों का सेवन करते हैं तो शुगर से दूर रहने का आपका निर्णय विफल रह जाता है।
मैन्‍यूफैक्‍चरर ग्राहकों को बेवकूफ बनाने के लिए शुगर या उन चीज़ों को जिनमें शुगर शामिल हो उन्‍हें सातवें, आठवें या नौंवे स्‍थान पर रखते हैं और वो सोचते हें कि इनमें मिलाए गए शुगर से आपकी सेहत पर कोई ज्‍यादा असर नहीं पड़ेगा। वहीं ग्राहकों को बेवकूफ बनाने के लिए वो शुगर को अलग-अलग नामों से लेबल में चिपका देते हैं।
मीठा खाने का मन करे तो आप कुछ आसान से तरीकों से अपनी इस शुगर क्रेविंग को दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं शुगर क्रेविंग से निपटने के तरीके :

  • मीठा फूड खाने का मन कर रहा है तो आपको एक बड़ा गिलास पानी पीना चा‍हिए।
  • नींद की कमी की वजह से हार्मोंस में बदलाव आता है और इस वजह से आपको भूख ज्‍यादा लगती है। अगर आप र्प्‍याप्‍त नींद लें तो आपको भूख कम लगेगी।
  • यादा प्रोटीन लेने से भूख कम लगती है और इससे आप ओवरईटिंग से बच सकते हैं।
  • आपको एक सप्‍ताह पहले ही अपना मील प्‍लान तैयार कर लेना चाहिए। अगर आप पहले से ही डाइट प्‍लान कर लेंगें तो अचानक से कुछ भी गलत चीज़ नहीं खाएंगें।
  • तनाव लेने से भी भूख ज्‍यादा लगती है। तनाव में व्‍यक्‍ति ज्‍यादा कैलोरी खाता है और भूख ज्‍यादा लगती है खासतौर पर महिलाओं में ऐसा होता है। तनाव से कोर्टिसोल में ब्‍लड लेवल बढ़ जाता है। इस हार्मोन की वजह से वजन बढ़ता है। तनाव के लक्षणों में दुखी रहना, बेचैनी, परेशान रहना, अपनी पसंद की चीज़ों में दिलचस्‍पी ना रहना, सोशल लाइफ से दूर रहना, फोकस करने में असफल, ऊर्जा में कमी, पाचन का कमज़ोर होना और मानसिक और शारीरिक सुस्‍ती और आत्‍महत्‍या का विचार आना।

गुड़ को चीनी का सबसे बेहतर विकल्‍प माना जाता है। इसके अलावा गुड़ के अनेक स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक लाभ होते हैं। चीनी की तुलना में गुड़ कम परिष्‍कृत होता है और इसमें कई पोषक तत्‍व जैसे पोटाशियम, आयरन और कैल्शियम आदि मौजूद होते हैं। लेकिन इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है कि हाई शुगर लेवल वाले लोग गुड़ खा सकते हैं। गुड़ ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस से लड़ने में मदद करता है और इसमें मौजूद आयरन की वजह से रक्‍तचाप भी संतुलित रहता है लेकिन अगर आप मधुमेह रोगी हैं तो आपको अपने खाने में गुड़ को शामिल नहीं करना चाहिए।
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