डायबिटीज़ के मरीज़ इन चीज़ों से ले सकते हैं कैल्शियम और विटामिन डी

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डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए स्‍वस्‍थ और संतुलित आहार बहुत जरूरी होता है लेकिन इसके साथ ही उन्‍हें इस बात का भी ध्‍यान रखना पड़ता है कि उन्‍हें कौन सा खाद्य कब, कैसे और कितनी मात्रा में खाना है। डाइट को लेकर इनके नियम इतने सख्‍त होते हैं कि कई बार ये जरूरी पोषक तत्‍वों से वंचित हो जाते हैं।

शरीर के विकास के लिए विटामिन और डी और कैल्शियम बहुत जरूरी होता है। अगर आप इन दोनों पोषक तत्‍वों का सेवन नहीं करते हैं तो आपकी ये बीमारी और भी ज्‍यादा भयंकर रूप ले सकती हैं।

आज हम आपको बताएंगें‍ कि मधुमेह रोगी किस तरह विटानिम डी और कैल्शियम को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं और स्‍वस्‍थ लोग भी किस तरह इनका सेवन कर टाइप 2 डायबिटीज़ के खतरे से बच सकते हैं।

डायबिटीज़ से लड़ने में है मददगार

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कैल्शियम और विटामिन से टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा कम होता है और प्री डायबिटीज़ से ग्रस्‍त लोगों को भी फायदा मिलता है। हाल ही में हुई एक स्‍टडी में प्रीडायबिटीज़ के मरीज़ों को प्रतिदिन 700 आईयू और 500 मिलीग्राम विटामिन डी की खुराक 3 सालों तक दी गई। इसका सेवन करने वाले प्रतिभागियों के ब्‍लड ग्‍लूकोज़ लेवल में प्‍लेसेबो लेने वाले लोगों की तुलना में कम वृद्धि दर्ज की गई।

विटामिन डी और कैल्शियम का पैंक्रियाटिक बीटा कोशिकाओं पर सीधा असर होता है जिससे इंसुलिन का प्रवाह होता रहे। इसका सकारात्‍मक प्रभाव इंसुलिन रेसिस्‍टेंस पर भी पड़ता है।

इस स्‍टडी की मानें तो अगर टाइप 2 डायबिटीज़ के खतरे में रहने वाले लोग विटामिन डी और कैल्शियम युक्‍त आहार का सेवन करें तो वो इस बीमारी से बच सकते हैं। ऐसे लोगों को 800 आईयू विटामिन डी और 1200 मिलीग्राम कैल्शियम का सेवन करना चाहिए। इन दोनों पोषक तत्‍वों से युक्‍त खाद्य हमेशा फायदा ही देते हैं। हालांकि, इतनी मात्रा में इन्‍हें अपनी डाइट में शामिल करना थोड़ा मुश्किल होता है। इसके लिए आप अपने डॉक्‍टर या डाइटिशियन की मदद ले सकते हैं।

डेयरी प्रॉडक्‍ट्स का इस्‍तेमाल

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डेयरी प्रॉडक्‍ट्स से टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा कितना कम होता है ये तो पता नहीं लेकिन हां इतना जरूर है कि इससे पाचन दुरुस्‍त रहता है। हडिडयों की सेहत और ब्‍लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी ये जरूरी होती हैं।

अपने डायबिटीज़ डाइट प्‍लान में आपको एक दिन में 3 सर्विंग डेयरी प्रॉडक्‍ट्स की शामिल करनी चाहिए। दूध या योगर्ट चुनते समय बेहतर होगा कि आप लो फैट और चीनी से रहिति विकल्‍पों को चुनें। 1 कप फैट फ्री या 1 पर्सेंट दूध या 6 से 8 आउंस नॉनफैट प्‍लेन या लाइट योगर्ट का सेवन कर सकते हैं।

अपनी डाइट में विटामिन डी को शामिल करने से कैंसर, डायबिटीज़ आदि से सुरक्षा मिलती है और इससे हड्डियों और इम्‍युनिटी भी बेहतर रहती है। लेकिन आपको ज्‍यादा मात्रा में इनका सेवन नहीं करना है। रोज़ाना फूड और सप्‍लीमेंट्स से कुल 2,000 यूआई की मात्रा तक ही विटामिन डी को सीमित रखें। विटामिन डी एक फैट सॉल्‍यूबल विटामिन होता है जोकि शरीर में जमा रहता है और अगर आप इसका ज्‍यादा सेवन कर लें तो ये नुकसान तक पहुंचा सकता है।

इन चीज़ों को करें शामिल

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बींस -: सलाद, सूप या चिली आदि में बींस को शामिल करें। कई तरह की बींस आपको मिल जाएंगीं जिनका सेवन आप सप्‍ताह में हर रोज़ कर सकते हैं।

डेयरी प्रॉडक्‍ट्स -: खाने के साथ सोडा और शुगरयुक्‍त जूस की जगह दूध का सेवन करें। स्‍नैक और डेज़र्ट में योगर्ट और कॉटेज चीज़ का सेवन करें। ओटमील और सूप में भी दूध इस्‍तेमाल करें।

साल्‍मन -: डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए साल्‍मन मछली भी बहुत फायदेमंद होती है। डिनर में मीट और चिकन की जगह साल्‍मन मछली का सेवन कर सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्‍यान

  • डेयरी प्रॉडक्‍ट्स में फैट फ्री चीज़ों को वरीयता दें।
  • योगर्ट की सिंगल सर्विंग 4 से 8 आउंस तक रखें और 14 से 45 ग्राम कार्ब वाला खाद्य चुनें।
  • ऐसे उत्‍पाद चुनें जिनमें आपकी प्रतिदिन कैल्शियम की जरूरत का 20 प्रतिशत हो।
  • विटामिन डी दो तरीकों से ले सकते हैं – एक फूड और दूसरा सप्‍लीमेंट्स।

अगर आपको डायबिटीज़ की बीमारी है और आप समझ रहे हैं कि आप बिना किसी जानकारी के कुछ भी खा सकते हैं तो आप गलत हैं। मधुमेह के मरीज़ों का अपनी डाइट में बहुत सारी बातों और नियमों का ध्‍यान रखना जरूरी होता है।

अगर आप प्री डायबिटीज़ के मरीज़ हैं तो विटामिन डी और कैल्शियम की मदद से आप टाइप 2 डायबिटीज़ का मरीज़ बनने से बच सकते हैं।

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