टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों को अदरक खाने से हो सकते हैं ये नुकसान

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अपने शीतवर्द्धक गुणों के कारण पेट संबंधित रोगों में अदरक का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही ये एक ऐसी जड़ी-बूटी है ब्‍लड शुगर के स्‍तर को भी नियंत्रित करने का काम करती है।

कुछ रिसर्च में ये बात सामने आई है कि अपनी डाइट में अदरक को शामिल करने से ए1सी को कम करने में मदद मिलती है। ए1सी सामान्‍य ब्‍लड शुगर लेवल को मापने के लिए होता है।

अदरक अपने गहन, मसालेदार फ्लेवर और अरोमा के लिए प्रसिद्ध है लेकिन सदियों से इसे खाने में भी प्रयोग किया जाता है और कई सालों से दुनियाभर के लोग इसका प्रयोग दवा के रूप में भी करते हैं। आधुनिक समय में अदरक को आज भी घरेलू नुस्‍खों के रूप में प्रयोग किया जाता है और ये अपच और पेट खराब होने की प्राकृतिक दवा के तौर पर काम करती है। अदरक की चाय तो सभी को पसंद होगी।

आज हम टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए अदरक के फायदों और नुकसान के बारे में जानेंगें।

टाइप 2 मधुमेह के लिए अदरक के संभावित स्वास्थ्य लाभ

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अदरक एक प्राकृतिक एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी इंफ्लामेट्री यौगिक से युक्‍त होती है जिसके सेहत को कई लाभ मिलते हैं साथ ही ये कैंसर के कई प्रकारों में भी लाभकारी होती है।

आमतौर पर जी मितली, उलटी और पेट खराब होने पर इसका प्रयोग किया जा सकता है लेकिन इस बात के लिए भी प्रमाण मिले हैं कि अदरक मासिक दर्द, गर्भावस्‍था में मॉर्निंग सिकनेस और अर्थराइटिस के दर्द तक से राहत दिलवाती है।

टाइप 2 डायबिटीज़ की बात करें तो सीमित शोध के कारण अब तक इसके स्‍पष्‍ट फायदों के बारे में पता नहीं चल पाया है लेकिन प्राप्‍त किए गए प्रमाणों से पता चलता है कि इस जड़ी-बूटी से डायबिटीज़ का ईलाज संभव है।

मार्च 2015 में प्रकाशित ए‍थनिक फूड के जर्नल में ये बात सामने आई थी कि अदरक के सप्‍लीमेंस से ए1सी लेवल को कम करने में मदद मिलती है और ये टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में सीरम ग्‍लूकोज़ के लेवल को भी तेज कर देती है।

इसके अलावा कई और रिसर्च में ये सामने आया है कि डायबिटीज़ डाइट में अदरक को शामिल करने से इसका बहुत फायदा मिलता है। एक रिसर्च में पाया गया कि प्‍लेसेबो ग्रुप की तुलना में अदरक का पाउडर टाइप 2 डायबिटीज़ के युवा मरीज़ों में ग्‍लाइसेमिक कंट्रोल को बेहतर करने में मदद करती है। ये लोग इंसुलिन नहीं लेते थे, सप्‍लीमेंट के तीन महीने बाद इसका दोगुना असर देखा गया। इससे पता चलता है कि अंदरक ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती है।

अंदरक उन एंजाइम्‍स को रोकती है जो कार्ब को मेटाबोलाइज़ करने में मदद करती है। इससे मांसपेशियां ग्‍लूकोज़ को ज्‍यादा अवशोषित कर लेती हैं। इसके अलावा रिसर्च में ये बात भी सामने आई है अदरक के सेवन से डायबिटीज़ संबंधित मुश्किलें भी कम होती हैं।

मधुमेह और मोटापे की वजह से कोलोन, मूत्राशय ग्रंथि, लिवर और अग्‍नाश्‍य में ट्यूमर बनने का खतरा रहता है। सिर्फ मधुमेह और मोटापे ही इन कैंसर की वजह नहीं हो सकते हैं लेकिन ये इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। साल 2035 तक मोटापे और डायबिटीज़ की वजह से पुरुषों में कैंसर के मामले 20 प्रतिशत और महिलाओं में 30 प्रतिशत बढ़ जाएंगें।

डाइबिटीज़ डाइट में अदरक को शामिल करने के खतरे

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साबुत अदरक और अदरक पाउडर लेना सुरक्षित रहता है लेकिन अपनी डाइट में इसके सप्‍लीमेंट्स को जोड़ने से पहले अपने डॉक्‍टर से परामर्श जरूर कर लें। खासतौर पर अगर आप मधुमेह की दवा ले रहे हैं तो डॉक्‍टर से जरूर सलाह लें। अदरक इंसुलिन के लेवल को प्रभावित करती है इसलिए से डायबिटीज़ की कुछ दवाओं पर असर कर सकती है। अगर आप अदरक के सप्‍लीमेंट्स के साथ मधुमेह की दवा ले रहे हैं तो इस वजह से आपको लो ब्‍लड शुगर यानि हाइपोग्‍लाइसेमिया की शिकायत हो सकती है।

डाइट में कैसे करें शामिल

इस जड़ी बूटी को आप अपने खाने में फ्लेवर देने के लिए इस्‍तेमाल कर सकते हैं। बेवरेज़ेज़ में भी इसे डाल सकते हैं। ब्‍लड प्रेशर बढ़ाने वाले नमक की जगह आप अदरक के पाउडर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

जिंजर बीयर और जिंजर एले में शुगर मिलाई गई होती है इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करें। ये आपको विपरीत प्रभाव दे सकते हैं।

इसके अलावा आप चाय में साबुत अदरक का प्रयोग कर सकता है। बेक्‍ड फूड पर भी अदरक का पाउडर डाल सकजे हैं। अदरक के सप्‍लीमेंट्स की तरह इसके पाउडर के सेहत को नुकसान नहीं होता है।

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