इस तरह डायबिटीज़ के मरीज़ भी खुलकर जी सकते हैं अपनी जिंदगी

 

टाइप 2 डायबिटीज़ के साथ जीना वाकई में बहुत मुश्किल होता है और ऐसे में आप खुद को अकेला सा महसूस करने लगते हैं। डॉक्‍टर के पास जाना, ग्‍लूकोज़ लेवल मॉनिटर करना और इस बीमारी से जुड़ी अन्‍य दिक्‍कतों के बारे मन उदास सा रहने लगता है लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है कि आप‍की जिंदगी खत्‍म हो गई। अगर अब भी आप अपने मन में उम्‍मीद की एक किरण जलाएं तो फिर से पहले की तरह खुलकर जिंदगी जी सकते हैं।

आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्‍स देने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप टाइप 2 डायबिटीज़ के साथ भी खुलकर जी सकते हैं और स्‍वस्‍थ भी रह सकते हैं।

सांस लें

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आपने इस बारे में पहले भी सुना होगा कि मेडिटेशन करने से तनाव कम हो जाता है लेकिन क्‍या आपको पता है कि ब्‍लड शुगर को भी नियंत्रित करता है। डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए स्‍ट्रेस मैनेजमेंट बहुत जरूरी होता है क्‍योंकि स्‍ट्रेस हार्मोंस ब्‍लड शुगर को बढ़ा सकते हैं। यहां तक कि 2015 में हुई एक स्‍टडी की मानें तो मेडिटेशन से स्‍ट्रेस और ब्‍लड शुगर दोनों को कंट्रोल किया जा सकता है। घर से बाहर निकलें और अपने आसपास की खूबसूरत चीज़ों को देखकर गहरी सांस लें।

मेडिक्‍योर और पेडिक्‍योर बुक करें

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लोकल नेल सैलून पर आपको संक्रमण का खतरा हो सकता है इसलिए बेहतर होगा कि आप पोडिआट्रिस्‍ट ऑफिस से इस सर्विस को लें जहां स्‍पा कैलिबर भी होता है। यहां पर पैरों से संबंधित हाईजीन और थेरेपी का ध्‍यान रखा जाता है। यहां बुकिंग करवाने से पहले ये जरूर सुनिश्चित कर लें कि फुट थेरेपी किसी सर्टिफाइड पोडियाट्रिस्‍ट की ही देखरेख में होगी या नहीं।

खाएं और सैर करें

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मधुमेह में खाने के बाद सैर करने को बहुत जरूरी बताया गया है। इससे पहले भी हम आपको बता चुके हैं कि खाने के तुरंत बाद 10 मिनट वॉक करने से ब्‍लड शुगर के लेवल में सुधार आता है। टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों में 30 मिनट की सैर की तुलना में खाना खाने के बाद 10 मिनट की सैर से ब्‍लड ग्‍लूकोज़ का स्‍तर कम हो जाता है। खाने के तुरंत बाद सैर करने से रक्‍त में ग्‍लूकोज़ का स्‍तर कम करने में मदद मिलती है। इसकी मदद से लोगों की इंसुलिन इंजेक्‍शन पर निर्भरता कम हो सकती है और ये वजन को भी नियंत्रित रख सकता है। तो अगली बार इस बात का ध्‍यान रखें।

हील्‍स से रहें दूर

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डायबिटीज़ की बीमारी के बाद आपको अपनी फेवरेट हील्‍स से दूरी बनानी पड़ सकती है। अगर आपकी डायबिटीज़ कंट्रोल में है और आप पोडियाट्रिस्‍ट से चेकअप करवा चुकी हैं तो आप बेफिक्र होकर हील्‍स पहन सकती हैं लेकिन सिर्फ कभी-कभी। बेहतर होगा कि आप फुट फ्रेंडली फुटवेयर पहनें।

चॉकलेट खा सकते हैं

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अकसर चॉकलेट के शौकीन लोग डायबिटीज़ की वजह से अपनी पसंदीदा चीज़ को नहीं खा पाते हैं लेकिन आपको खुश हो जाना चाहिए कि अब आप ये काम कर सकते हैं क्‍योंकि एक रिसर्च में ये सामने आया है कि कोकोआ पाउडर से ब्‍लड शुगर का लेवल नहीं बढ़ता है बल्कि ये उसे कंट्रोल करने का काम कर सकती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि आप कोई भी कैंडी बार उठाकर खा सकते हैं। आपको सिर्फ कम मीठे वाली चीज़ें ही खानी हैं। आप घर पर ही अपने लिए चॉकलेट तैयार कर सकते हैं। इसके लिए नॉन एल्‍कालाइज्‍ड नैचुरल कोकोआ पाउडर लें और उसमें गर्म पानी डालें। इसमें थोड़ा सा दूध डालकर आवश्‍यकतानुसार मीठा डालें। वहीं कॉफी की बात करें तो कई रिसर्चों में यह भी दावा किया गया है कि कॉफी के सेवन से मधुमेह का खतरा कम होता है लेकिन इसमें शुगर डालने से इसका ब्‍लड शुगर पर उल्‍टा असर पड़ सकता है और ये टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकती है। डायबिटीज़ के मरीज़ आराम से बिना किसी चिंता के कॉफी पी सकते हैं। एक दिन में दो कप कॉफी पीना सामान्‍य है, यहां तक कि इससे शुगर लेवल भी संतुलित रहता है। हालांकि, आपको इस बात का ध्‍यान रखना है कि मधुमेह रोगियों को इसमें चीनी नहीं मिलानी है।

ये बातें बहुत छोटी-छोटी हैं और इन छोटी-छोटी बातों को ध्‍यान में रखकर आप बड़ी आसानी से अपनी  डायबिटीज़ को कंट्रोल में रख सकते हैं। डायबिटीज़ को कंट्रोल करने का सबसे आसान तरीका है एक्‍सरसाइज़ और संतुलित डाइट। ये दोनों चीज़ें डायबिटीज़ को पूरी तरह से ठीक भी कर सकती हैं लेकिन इसके लिए आपको पूरी मेहनत और शिद्दत से ट्राई करना होगा।

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