डायबिटीज़ के मरीज़ हैं तो अपनी डाइट में इन अनाजों को जरूर करें शामिल

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डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए सेहतमंद डाइट और सही पोषण लेना बहुत जरूरी होता है। हैल्‍दी और फिट रहने के लिए सबसे बैस्‍ड फूड्स में से एक अनाज होता है लेकिन हाल ही में एक स्‍टडी में यह बात सामने आई है कि रिफाइंड अनाज खाने से मधुमेह की बीमारी हो सकती है। इस वजह से मधुमेह के मरीज़ों को अपने आहार में अनाजों को शामिल करने से पहले अपने डॉक्‍टर से परामर्श करना चाहिए।

अनाज की जगह ब्राउन राइस, होल व्‍हीट ब्रेड, फ्लेक्‍ड राइस, ओट्स जैसे अन्‍य कई तरह की चीज़ें डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए अच्‍दा विकल्‍प साबित हो सकता है। इनमें से हर चीज़ को सीमित मात्रा में खाया जा सकता है और मधुमेह के मरीज़ों के लिए भी यही नियम लागू होता है। मरीज़ इनमें से हर एक अनाज की 6 से 11 सर्विंग ले सकते हैं।

मार्केट में कई सारे विकल्‍प मौजूद हैं जिनमें से मधुमेह के मरीज़ों के लिए सबसे बेहतर चीज़ को चुनना काफी मुश्किल हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि आप इसके लेबल को पढ़ लें और इनका कितनी मात्रा में सेवना करना है, ये भी जान लें क्‍योंकि अनाज और दूध दोनों में कार्बोहाइड्रेट होता है जोकि ब्‍लड ग्‍लूकोज़ बढ़ा सकता है।

डायबिटीज़ के मरीज़ ले सकते हैं ये अनाज

होल ग्रेन अनाज

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होल ग्रेन अनाज में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है और इसमें किसी भी तरह की शुगर नहीं होती है जोकि ब्‍लड ग्‍लूकोज़ लेवल को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। इस वजह से मधुमेह रोगियों को होल ग्रेन अनाज खाने की सलाह दी जाती है। आप इनस अनाज को नाश्‍ते में भी खा सकते हैं जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ रहता है। इस तरह के अनाज का सेवन करने का सबसे बेहतरीन स्रोत है लो फैट मिल्‍क और योगर्ट। इसमें स्‍वाद बढ़ाने के लिए आप ताजे या सूखे मेवे या नट्स डाल सकते हैं।

चोकर अनाज

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चावल, गेहूं और मक्‍का आदि जैसे अनाजों की बाहरी परत को चोकर अनाज की श्रेणी में रखा गया है। इनमें फाइबर उच्‍च मात्रा में होता है जो कि पाचन तंत्र को दुरुस्‍त रखता है। चोकर अनाज से पर्याप्‍त मात्रा में डायटरी फाइबर्स मिलते हैं जिनसे शरीर की पूरे दिन की जरूरत पूरी हो जाती है। अगर आपकी बॉडी को पर्याप्‍त मात्रा में डायटरी फाइबर्स नहीं मिल पा रहे हैं तो आप एक कप चोकर अनाज के साथ लो फैट मिल्‍क ले सकते हैं।

गर्म अनाज

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अनाज जैसे कि ओटमील आदि को पकाकर दलिये के रूप में खाया जा सकता है। इन्‍हें गर्म अनाज कहा जाता है। इसे आप ब्रेकफास्‍ट या स्‍नैक के तौर पर ले सकते हैं। इसे टेस्‍टी बनाने के लिए आप दही को फेंट कर ले सकती हैं। ये सेहत के साथ-साथ स्‍वाद में भी बढिया है। कई लोगों को मीठा दलिया खाने का शौक होता है इसलिए मधुमेह के मरीज़ आराम से बिना किसी टेंशन के मीठा दलिया खा सकते हैं। इसमें आर्टिफिशियल शुगर की जगह आप शहद, ताजे फल और सूखे मेवे डालकर गर्म अलाज का स्‍वाद दोगुना कर सकते हैं।

डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए रोज़ अनाज लेना थोड़ा बेारिंग हो सकता है। इनको और ज्‍यादा टेस्‍टी और सेहतमंद बनाने के लिए आप इनमें कुछ और चीज़ें भी डाल सकते हैं जोकि आपके ब्‍लड शुगर को नुकसान नहीं पहुंचाएंगीं। इन्‍हें अपने अनाज में डालकर आप स्‍वाद में वैरायटी के साथ सेहत के लिए इसके फायदों को भी बढ़ा सकते हैं।

शकरकंद : डायबिटीज़ मरीज़ों के लिए शकरकंद अच्‍छी होती है। इसे उबालकर छोटे टुकड़ों में काटकर आप अपने अनाज में शामिल कर सकते हैं। ये नैचुरल स्‍वीटनर का भी काम करता है और इससे आपका ब्‍लड ग्‍लूकोज़ लेवल भी नहीं बढ़ता है।

बैरीज़ : आप अपने अनाज से बनी डिश में कई तरह की बैरीज़ जैसे ब्‍लूबैरी, स्‍ट्रॉबेरी, रसभरी या क्रैनबैरी डाल सकते हैं। फल खाले का मन करे तो आप बैरीज़ का सेवन कर सकते हैं।

नट्स :खरोट, फ्लैक्‍स सीड को अनाज में मिलाकर खाने से आपको ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलता है जिससे आपकी सेहत सुधर सकती है। मुट्ठीभुर नट्स को आप एक कप अनाज में डालकर खा सकते हैं।

योगर्ट : अगर आपको दूध लेना पंसद नहीं है तो आप फैट फ्री योगर्ट भी अनाज खासतौर पर ओट्स के साथ खा सकते हैं। ये बहुत स्‍वादिष्‍ट लगेगा।

इसके अलावा रोज़ साबुत अनाज युक्‍त खाद्यों जैसे जौ, ब्राउन राइस, बाजरा, दलिया और राई का सेवन करने से वजन कम होता है और इसके साथ ही ह्रदय रोग और मधुमेह का खतरा भी कम रहता है। मधुमेह से बचने और वजन को कम करने के लिए लोगों को अपने आहार में साबुत अनाज को शामिल करना चाहिए।

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