प्रीडायबिटीज़ से ग्रस्‍त पुरुषों को नहीं लेनी चाहिए हाई कार्ब मील, जानिए क्‍यों

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आमतौर पर डायबिटीज़ के मरीज़ों को डॉक्‍टर अपने खाने में कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करने को कहते हैं। मधुमेह को नियंत्रित करने में खाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा और इसके प्रकार का ध्‍यान रखना पड़ता है। शरीर में इंसुलिन और कार्बोहाइड्रेट के बीच संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी होता है क्‍योंकि इसका सीधा असर ब्‍लड ग्‍लूकोज़ लेवल पर पड़ता है।

जर्नर साइंटिफिक रिसर्च में प्रकाशित हुई एक नई स्‍टडी में यह सलाह दी गई है कि प्री डायबिटिक मध्‍यम आयु वर्ग के पुरुष जिनमें हाई बॉडी मास इंडेक्‍स है उन्‍हें अपने शाम के खाने में हाई कार्ब वाली चीज़ों का सेवन नहीं करना चाहिए क्‍योंकि इसका ब्‍लड ग्‍लूकोज़ के स्‍तर पर नकारात्‍मक असर पड़ता है।

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स्‍टडी के परिणाम से खुलासा हुआ है कि हमारी बॉडी क्‍लॉक कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन के प्रति दिन के अलग-अलग समय पर विभिन्‍न प्रतिक्रिया करती है। वहीं ऐसा स्‍वस्‍थ पुरुषों के शरीर में नहीं होता है बल्कि जो डायबिटीज़ के मरीज़ हैं उनमें ही ऐसा देखा गया है। यद्यपि दिन के दौरान ग्लूकोज सहिष्णुता में सामान्य गिरावट आई थी।

टीम ने एक न्‍यूट्रिशियन स्‍टडी की थी जिसमें उसने 46 साल की उम्र तक के 29 पुरुषों को शामिल किया था जिनका सामान्‍य बीएमआई 27 था। इन प्रतिभागियों को दो विभिन्‍न समूहों में बांटा गया। ग्रुप एक के प्रतिभागियों को कार्बोहाइड्रेट प्रचुर फूड (स्‍टार्च और शुगर) सुबह से दोपहर 1.30 बजे तक दी गई और इसके बाद 4.30 से रात 10 बजे तक इन्‍हें हाई फैट फूड दिया गया। ग्रुप बी के प्रतिभागियों को सुबह हाई फैट फूड और दोपहर और शाम को हाई कार्बोहाइड्रेट फूड दिया गया।

जब दोनों डाइट लेने वाले प्रतिभागियों के ब्‍लड ग्‍लूकोज़ की तुलना की गई तो इनमें ग्रुप ए की तुलना में ग्रुप बी के लोगों का ग्‍लूकोज़ स्‍तर लगभग 7.9 प्रतिशत ज्‍यादा पाया गया। ग्रुप बी में प्रतिभागियों को शाम के समय उच्‍च वसा युक्‍त भोजन दिया गया। इसलिए जिन लोगों का पहले से ही ग्‍लूकोज़ मेटाबॉलिज्‍म बिगड़ा हुआ है उन्‍हें अपने शाम के खाने में हाई कार्बोहाइड्रेट चीज़ों को शामिल नहीं करना चाहिए।

डायबिटीज़ की बीमारी मरीज़ की सेक्‍शुअल हैल्‍थ को भी प्रभावित करती है। संतुलित वजन, नियमित शारीरिक व्‍यायाम और संतुलित आहार द्वारा मधुमेह के खतरे को कम किया जा सकता है।

मधुमेह रोगियों के लिए हैल्‍थ टिप्‍स

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  • डायबिटीज़ की बीमारी को कंट्रोल करने का सबसे आसान तरीका है वजन घटाना। प्रत्‍येक किलो वजन घटाने से मधुमेह का खतरा भी 16 प्रतिशत तक कम हो जाता है। स्‍वस्‍थ जीवनशैली और डाइट के ज़रिए वजन आसानी से घटाया जा सकता है।
  • जिन फूड्स में ट्रांस फैट यानि की हाइड्रोजेनरेटेड फैट, प्रोसेस्‍ड फूड और शुगर ज्‍यादा होता है उनसे दूर रहें।
  • रोज़ाना कम से कम 7-8 गिलास पानी जरूर पीएं। खूब सारे फल खाएं और शरीर को डिहाइड्रेट रखने के लिए हर्बल टी पीएं।
  • एक्‍सरसाइज़ से कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति ज्‍यादा संवेदनशील हो जाती है। आप ब्रिस्‍क वॉक कर सकते हैं। 35-40 मिनट तक रोज़ हल्‍के व्‍यायाम से भी फायदा हो सकता है।
  • तनाव कम करें। मेडिटेशन और शारीरिक व्‍यायाम से तनाव को कम किया जा सकता है।
  • सोने के लिए एक तय वक्‍त रखें और पर्याप्‍त नींद लें। रोज़ाना 7 से 8 घंटे की नींद बहुत जरूरी होती है।
  • नियमित चेकअप करवाते रहें और खुद भी अपने अंदर दिखने वाले लक्षणों पर गौर फरमाएं।
  • प्रोटीन युक्‍त आहार लेने से शरीर में ब्‍लड शुगर लेवल और कोलेस्‍ट्रॉल बेहतर होता है। आपको ऐसे प्रोटीन का सेवन करना चाहिए जिसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो और इस तरह आप अपने शरीर में ब्‍लड शुगर के स्‍तर को नियंत्रित कर सकते हैं।
  • आपको अपने खाने में मक्‍खन और मीट आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए, ऐसा करना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि आप सीमित मात्रा में इनका सेवन कर सकते हैं।
  • अपने नियमित आहार में रेड मीट, मक्‍खन, चीज़ आदि की जगह प्‍लांट बेस्‍ड फूड्स को जगह दें।
  • अगर आप शाकाहारी हैं तो आपको वेगन डाइट लेनी चाहिए और मांसाहारी लोगों को डायबिटीज़ है तो उन्‍हें भी वेगन डाइट लेनी चाहिए। मधुमेह रोगियों के लिए मांसाहारी होना अच्‍छा नहीं है।

अगर आपने अभी मधुमेह को कंट्रोल नहीं किया तो ये आपको और कई अन्‍य भयंकर रोगों का शिकार बना देगी जिसमें कैंसर, ह्रदय रोग और कार्डियोवस्‍कुलर रोग भी शामिल हैं। सबसे अच्‍छी बात ये है कि डाइट और व्‍यायाम से आप डायबिटीज़ को भी कंट्रोल कर सकते हैं इसलिए आपको इन दो चीज़ों पर सबसे ज्‍यादा ध्‍यान देना चाहिए।

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