बेफिक्र ! होकर डायबिटीज़ के मरीज़ भी खा सकते हैं ये 5 चीज़ें, तोड़ दें भ्रम

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डायबिटीज़ एक मेटाबॉलिक रोग है जोकि हाई ब्‍लड शुगर से संबंधित है। इस बीमारी में शरीर में पर्याप्‍त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता है।

डायबिटीज़ और इसकी लंबे चलने वाले ईलाज को लेकर कई भ्रांतियां फैली हुई हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी डाइट और लाइफस्‍टाइल को लेकर सतर्क रहें ताकि डायबिटीज़ की बीमारी को कंट्रोल किया जा सके साथ ही आपको इस बीमारी से जुड़े मिथ और तथ्‍यों के बारे में भी पता होना चाहिए।

आज हम आपको डायबिटीज़ से जुड़े कुछ फूड्स से संबंधित भ्रांतियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

डायबिटीज़ के मरीज़ों को फ्रूट जूस से दूर रहना चाहिए

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डायबिटीज़ के मरीज़ फाइबर युक्‍त ताजा फलों का रस पी सकते हैं। फल खाने की जगह आप जूस भी पी सकते हैं। इससे ब्‍लड शुगर के स्‍तर को भी फायदा होता है। फ्रूट जूस में बहुत ज्‍यादा मात्रा में शुगर होता है और पैकेज्‍ड जूस में खूब शुगर, कैलोरी और कार्ब होता है जोकि आपके शरीर में शुगर की मात्रा को बढ़ा सकता है। जूस तरल होते हैं इसलिए इन्‍हें आसानी से पचाया जा सकता है और इनमें मौजूद शुगर और कार्ब को मेटाबॉलिज्‍म आसानी से पचा लेता है। आप एक दिन में 4 आउंस जूस ले सकते हैं। अंगूर का जूस, अनानास का रस और संतरे का रस मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद रहता है। मधुमेह रोगियों के लिए सभी तरह के सिट्रस फलों के रस सेहतमंद और लाभदायक रहते हैं। इनमें पोषक तत्‍व प्रचुर मात्रा में होते हैं। सिट्रस फलों के रस के अलावा डायबिटीज़ के मरीज़ सेब का रस भी पी सकते हैं। सेब के जूस में फाइबर उच्‍च मात्रा में होता है। नीबू के रस में कार्बोहाइड्रेट कम होता है और टमाटर का रस में शुगर की मात्रा कम होती है और गाजर का जूस भी मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद रहता है। आपको बता दें कि जूस का ये नियम डायबिटीज़ टाइप 1 और टाइप 2 दोनों तरह के मरीज़ों के लिए है।

आलू नहीं खा सकते

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आपको अपनी डाइट से पूरी तरह से आलू को नहीं हटाना चाहिए। आप थोड़ी मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं। फ्रेंच फ्राइज़, विप्‍स आदि में लो क्‍वालिटी के रिफाइंड तेल का प्रयोग होता है जोकि कार्बोहाइड्रेट का खराब स्रोत होते हैं, इनसे आपको दूर रहना चाहिए। आप आलू को उबालकर, मैश करके या बेक करके खा सकते हैं। आलू हाई जीआई फूड हो सकता है लेकिन इसमें विटामिनि वी, फाइबर और पोटाशियम भी खूब होता है और इन चीज़ों को आपकी डाइट में होना बहुत जरूरी है। आलू को खाने में शामिल करने पर आप अपनी डाइट को नॉन-स्‍टार्च सब्जियों जैसे लैटस सलाद, हरी बींस और ब्रोकली से संतुलित कर सकते हैं।

फल नहीं ले सकते

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डायबिटीज़ के मरीज़ फल तो खा सकते हैं लेकिन सिफ्र लो जीआई वाले फल। डायबिटीज़ के मरीज़ों को ऐसे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए जिनमें शुगर की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है। सभी फलों में प्राकृतिक रूप से शुगर होती है जोकि डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है। आपको आम बिलकुल भी नहीं खाने चाहिए। आपको ऐसे फल खाने चाहिए जिनमें प्रचुर मात्रा में फाइबर हो और जो ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स में लो हों जैसे कि सेब, संतरा और आडू। डायबिटीज़ की बीमारी में कैन में बंद फल जिनमें ज्‍यादा शुगर सिरप हो, फ्रूटी रोल्‍स, रेग्‍युलर जैम, जैली और प्रिजर्वेटिव्‍स, मीठी एप्‍पल सॉस, फ्रूट पंच आदि नहीं लेना चाहिए।

चीनी खाने से मधुमेह हो जाता है

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अकेले चीनी खाने से मुधमेह नहीं हो सकता है हालांकि इस बीमारी में चीन अहम भूमिका निभाती है। डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है जिसमें कई चीज़ों से शरीर में ब्‍लड शुगर का स्‍तर बढ़ सकता है। टाइप 1 डायबिटीज़ आनुवांशिक या ऑटो इम्‍यून हो सकती है। वहीं टाइप 2 डायबिटीज़ का कारण खराब जीवनशैली, असंतुलित आहार, हाई ब्‍लड प्रेशर, उम्र बढ़ना या ओवरवेट होना हो सकता है। मधुमेह से बचने के लिए आपकेा शुगरयुक्‍त फूड्स और ड्रिंक्‍स से दूर रहना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है कि ये अकेले ही मधुमेह का कारण है।

डायबिटीज़ के मरीज़ कभी डेज़र्ट नहीं खा सकते

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थोड़ा बदलाव कर डायबिटीज़ के मरीज़ भी डेज़र्ट खा सकते हैं। यहां तक कि विशेषज्ञों का कहना है कि खुद को खाने को लेकर बहुत ज्‍यादा रोकने से बाद में आप और ज्‍यादा खाते हैं। इसलिए स्‍पेशल मौकों पर आप थोड़ा सा डेज़र्ट खा सकते हैं। इसका कुछ ज्‍यादा नुकसान नहीं होगा लेकिन हां इस दौरान आपको अपने खाने में कार्ब की मात्रा का ध्‍यान रखना है। साथ ही ये भी ध्‍यान रखें कि आपको हाई फाइबर और लो जीआई फूड ही लेने हैं।

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