मीठा खाने का मन करे तो तुरंत करें ये काम, मिट जाएगी फूड क्रेविंग

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डायबिटीज़ की बीमारी को वजन कंट्रोल करके नियंत्रित किया जा सकता है। कई अध्‍ययनों में भी यह बात सामने आई है कि मोटापे ग्रस्‍त और ओवरवेट लोगों में टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा ज्‍यादा होता है इसलिए अगर आप इस बीमारी से बचना चाहते हैं तो अपने वजन पर कंट्रोल रखें।

साथ ही अगर टाइप 2 के मरीज़ अपना वजन घटा लें तो वो इस बीमारी से पूरी तरह से छुटकारा पा सकते हैं। अगर आप डायबिटीज़ की बीमारी में सुधार या कमी लाना चाहते हैं तो वेट लॉस की प्रक्रिया से जुड़े। ऐसा करने वाले मरीज़ों को डॉक्‍टर भी एंटी डायबीटिक और एंटी हाइपरटेंसिव दवाएं नहीं देते हैं। वजन घटाकर प्रैंक्रियाज़ से अत्‍यधिक फैट को कम किया जा सकता है। इससे इंसुलिन का उत्‍पादन बढ़ जाता है और उनका स्राव भी बेहतर होने लगता है। वजन घटाने का सीधा संबंध मधुमेह की बीमारी से है।

कई लोगों को मीठा खाने का बहुत शौक होता है और अगर आप अपनी डाइट पर कंट्रोल नहीं रखते हैं तो आप वजन कंट्रोल में नहीं रह पाएगा लेकिन कुछ बातों को ध्‍यान में रखकर आप अपनी शुगर और फूड क्रेविंग को रोक सकते हैं।

जी हां, जब कभी भी आपका मन कुछ मीठा खाने का करे तो आपको ये काम करने चाहिए, इससे आपकी शुगर क्रेविंग शांत हो जाएगी।

पानी पीएं

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प्‍यास लगने की वजह से भी फूड क्रेविंग होती है। अगर आपको अचानक किसी विशेष फूड को खाने का मन कर रहा है तो आपको एक बड़ा गिलास पानी पीना चा‍हिए। इसके बाद कुछ मिनटों तक रूकें। आपको महसूस होगा कि आपकी भूख शांत हो गई है। किसी विशेष फूड की क्रेविंग होने का कारण प्‍यास भी हो सकती है। खाने से पहले पानी पीने से भूख कम हो जाती है और इससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

बेहतर नींद

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पर्याप्‍त नींद ना लेने से हार्मोंस ठीक तरह से काम नहीं कर पाते हैं और इस वजह से आपको भूख लगने लगती है। भूख लगने पर हार्मोंस का सबसे ज्‍यादा प्रभाव पड़ता है जोकि पूरा दिन बदलते रहते हैं। नींद की कमी की वजह से हार्मोंस में बदलाव आता है और इस वजह से आपको भूख ज्‍यादा लगती है। अगर आप र्प्‍याप्‍त नींद लें तो आपको भूख कम लगेगी।

कुछ समय पहले हुए एक नए शोध में ये बात सामने आई है कि कम नींद लेने से वजन बढ़ने के साथ-साथ मधुमेह का खतरा भी रहता है। शोध के परिणाम के अनुसार 6 घंटे की नींद लेने वाले लोगों की कमर का माप रात को 9 घंटे की नींद लेने वाले लोगों की तुलना में 3 सेमी ज्‍यादा पाया गया। इसके साथ ही इस रिसर्च में ये बात भी सामने आई है कि कम नींद लेने वाले लोगों में मोटापे के लक्षण भी पाए गए। कुछ अध्‍ययनों में ये बात सामने आई है कि जो लोग कम नींद लेते थे वो पर्याप्‍त नींद लेने वाले लोगों की तुलना में ज्‍यादा मोटे थे। अधिक वजन और मोटापे की वजह से डायबिटीज़ होने का खतरा बढ़ जाता है।

ज्‍यादा प्रोटीन खाएं

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डाइट में एक्‍स्‍ट्रा प्रोटीन शामिल करने से आपको भूख कम लगती है। ज्‍यादा प्रेाटीन लेने से भूख कम लगती है और इससे आप ओवरईटिंग से बच सकते हैं। ओवरवेट लोगों में 25 प्रतिशत प्रोटीन से कैलोरी लेने से 60 प्रतिशत क्रेविंग में कमी दर्ज की गई। वहीं रात को स्‍नैक खाने की इच्‍छा में भी 50 प्रतिशत कमी आई।

शरीर के सही तरीके से काम करने में पर्याप्‍त मात्रा में प्रोटीन लेना बहुत जरूरी होता है। प्रोटीन से शरीर में नए टिश्‍यूज बनते हैं और मांसपेशियों को बनने और उनकी मरम्‍मत होने में मदद मिलती है। प्रोटीन युक्‍त आहार लेने से शरीर में ब्‍लड शुगर लेवल और कोलेस्‍ट्रॉल बेहतर होता है। आपको ऐसे प्रोटीन का सेवन करना चाहिए जिसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो और इस तरह आप अपने शरीर में ब्‍लड शुगर के स्‍तर को नियंत्रित कर सकते हैं।

मील प्‍लान

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आपको एक सप्‍ताह पहले ही अपना मील प्‍लान तैयार कर लेना चाहिए। अगर आप पहले से ही डाइट प्‍लान कर लेंगें तो अचानक से कुछ भी गलत चीज़ नहीं खाएंगें।

तनाव से दूर रहें

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तनाव लेने से भी भूख ज्‍यादा लगती है। तनाव में व्‍यक्‍ति ज्‍यादा कैलोरी खाता है और भूख ज्‍यादा लगती है खासतौर पर महिलाओं में ऐसा होता है। तनाव से कोर्टिसोल में ब्‍लड लेवल बढ़ जाता है। इस हार्मोन की वजह से वजन बढ़ता है। तनाव के लक्षणों में दुखी रहना, बेचैनी, परेशान रहना, अपनी पसंद की चीज़ों में दिलचस्‍पी ना रहना, सोशल लाइफ से दूर रहना, फोकस करने में असफल, ऊर्जा में कमी, पाचन का कमज़ोर होना और मानसिक और शारीरिक सुस्‍ती और आत्‍महत्‍या का विचार आना।

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