डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए इससे बेहतर एक्‍सरसाइज़ और कोई नहीं है

exer 1

टाइप 2 डायबिटीज़ में शरीर में रक्‍त शर्करा का स्‍तर बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है और इसे नियंत्रित करना बहुत कठिन होता है। इस अवस्‍था में व्‍यक्‍ति को ज्‍यादा प्‍यास लगने लगती है और बार-बार पेशाब आने लगता है। ऐसे में भूख भी बढ़ जाती है।

शरीर में अतिरिक्‍त ग्‍लूकोज़ से छुटकारा पाने के लिए बार-बार मूत्र जाना पड़ता है। इसलिए टाइप 2 डायबिटीज़ के लक्षणों में सामान्‍य से ज्‍यादा यूरिन आना भी शामिल है।

शोधकर्ताओं की मानें तो डायबिटीज़ की बीमारी में ब्‍लड शुगर को लो करने की सबसे बेहतर एक्‍सरसाइज़ साइक्‍लिंग है।

मधुमेह के मरीज़ों को ज्‍यादा से ज्‍यादा साइक्‍लिंग करनी चाहिए क्‍योंकि इससे पैरों पर दबाव कम होता है। मधुमेह के मरीज़ों के साथ-साथ अन्‍य लोगों के लिए भी साइक्‍लिंग बहुत फायदेमंद होती है क्‍योंकि इसे आप बड़ी आसानी से अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।

एक स्‍टडी में यह बात सामने आई है कि टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए पैदल चलने से ज्‍यादा फायदेमंद साइक्‍लिंग होती है। इससे पैरों पर पड़ रहा दबाव कम होता है। नियमित व्‍यायाम से मधुमेह के मरीज़ संतुलित वजन बनाए रख सकते हैं और इससे शरीर में ब्‍लड ग्‍लूकोज़ के स्‍तर को भी बनाए रखने में मदद मिलती है।

इसके साथ ही ये टाइप 2 डायबिटीज़ से जुड़ी मुश्किलों में भी कमी आती है।

exer 2

स्‍वस्‍थ रहने के लिए नियमित व्‍यायाम बहुत जरूरी होता है। इससे आपका वजन संतुलित रहता है और कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर भी नहीं बढ़ता। इसके साथ ही इससे ह्रदय रोगों, टाइप 2 डायबिटीज़, ऑस्‍टियोपोरोसिस और यहां तक कि कैंसर का खतरा भी कम होता है। मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी रोज़ाना एक्‍सरसाइज़ जरूरी होती है।

स्‍वस्‍थ आहार, संतुलित डाइट से आप मधुमेह से बच सकते हैं। अगर आप मोटापे का शिकार हैं तो इससे छुटकारा पाने के लिए आपको शराब से दूर रहना चाहिए। इससे हाई ब्‍लड शुगर का खतरा भी कम होता है। डायबिटीज़ के मरीज़ों में आंखों की रोशनी के कम होने और अंधेपन का खतरा भी रहता है। यहां तक कि मधुमेह किडनी फेल्‍योर और कार्डियोवास्‍कुलर रोग का भी कारण होता है।

डायबिटीज़ में साइक्‍लिंग तो सबसे ज्‍यादा फायदेमंद होती है लेकिन इसके अलावा आप कुछ और एक्‍सरसाइज़ भी कर सकते हैं।

पैदल चलें

ये एक्‍सरसाइज़ आप कभी भी कहीं भी कर सकते हैं। मधुमेह के रोगियों को पैदल चलने वाली एक्‍सरसाइज़ जरूर करनी चाहिए। 30 मिनट से लेकर एक घंटे तक की ब्रिस्‍क वॉक सप्‍ताह में तीन बार जरूर करनी चाहिए।

योग

exer 3

योग से शरीर में संतुलन, लोच और मजबूती आती है। ये कई तरह के खतरनाक रोगों जैसे मधुमेह आदि से भी छुटकारा दिलाता है। ये तनाव कम करता है और इससे शरीर की सभी क्रियाएं बेहतर तरीके से हो पाती हैं। योग से ब्‍लड ग्‍लूकोज़ का स्‍तर बेहतर होता है। कपालभाति से नर्वस सिस्‍टम को एनर्जी मिलती है और मस्तिष्‍क की कोशिकाएं रेजुवनेट होती हैं। मधुमेह रोगियों के लिए ये आसन बहुत लाभकारी है। इससे पेट के अंग उत्तेजित होते हैं। इस प्राणायाम से रक्‍त संचार भी बेहतर हो पाता है। वहीं धनुरासन से अग्‍नाश्‍य को मजबूती मिलती है और ये आसन मधुमेह के रोगियों के लिए अत्‍यंत लाभकारी होता है। इससे पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और तनाव में भी कमी आती है। योग से आपका पाचन तंत्र, संचार और इम्‍युनिटी बेहतर हो पाती है। योग तंत्रिका तंत्र और एंडोक्राइन अंगों के कार्य को बढ़ाता है। योग से कई तरह के घातक रोगों से बचा जा सकता है। इससे पूरे शरीर को स्‍वस्‍थ रखा जा सकता है।

डांस

शरीर के साथ-साथ मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी डांस फायदेमंद होता है। ये ब्रेन पॉवर बढ़ाता है और याद्दाश्‍त को मज़बूत करता है। मधुमेह के रोगियों के लिए ये बहुत मज़ेदार एक्‍सरसाइज़ हो सकती है। महज़ 300 मिनट में ही आप 150 कैलोरी बर्न कर सकते हैं।

तैराकी

तैराकी से मांसपेशियां खिंचती हैं और इन्‍हें आराम मिलता है। इसका असर आपके जोड़ों पर नहीं पड़ता है जोकि मधुमेह रोगियों के लिए बहुत बढिया है। जिन लोगों को मधुमेह का खतरा है उन्‍हें तैराकी जरूर करनी चाहिए। इससे कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर भी बेहतर होता है और कैलोरी बर्न होती है और तनाव के स्‍तर में भी कमी आती है। आपको कम से कम सप्‍ताह में तीन बार दस मिनट के लिए तैराकी जरूर करनी चाहिए। इस दौरान अपने साथ स्‍नैक्‍स और ब्‍लड शुगर मॉनिटर जरूर रखें। लाइफगार्ड की सहायता से ही पूल में जाएं।

Read source

Image source

Image source 2

Image source 3

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *