खाने के बाद सिरदर्द की वजह हो सकता है मधुमेह

 

headache

डायबिटीज़ की बीमारी में रक्‍त शर्करा का स्‍तर काफी बढ़ जाता है और इस वजह से कई अन्‍य तरह की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं होने लगती हैं। सेहत संबंधित इन परेशानियों की वजह से सिरदर्द की शिकायत भी हो सकती है।

कई अध्‍ययनों में भी सिरदर्द और मधुमेह के बीच संबंध के बारे में बताया गया है। इसके अलावा डिप्रेशन और डायबिटीज़ में भी संबंध होता है। आज भारत में बड़ी संख्‍या में लोग डायबिटीज़ के शिकार हो चुके हैं और इनमें अधिकतर लोगों को मधुमेह के कारण सिरदर्द की शिकायत रहती है।

हाई ब्‍लड शुगर, डायबिटीज़ में सिरदर्द का प्रमुख कारण है लेकिन शरीर में रक्‍त शर्करा के स्‍तर के गिरने पर भी मधुमेह रोगियों को सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। जब मरीज़ के शरीर में रक्‍त में इंसुलिन का सामान्‍य स्‍तर बनाए रखने में दिक्‍कत आती है तो रक्‍त शर्करा का स्‍तर नीचे गिर जाता है। इसके अलावा डायबिटीज़ में सिरदर्द के कई और भी कारण हो सकते हैं जो इस प्रकार हैं :

न्‍यूरोपैथी

डायबिटीज़ की बीमारी में मरीज़ की नसों को क्षति पहुंचती है। जब दिमाग की कपाल की नसों को क्षति पहुंचती है तो मरीज को सिर में दर्द रहता है। ऐसा होने पर मरीज़ को गंभीर रूप से सिरदर्द की शिकायत हो सकती है।

2मधुमेह की वजह से तनाव

लंबे समय तक डायबिटीज़ की बीमारी होने की वजह से मरीज़ को तनाव रहने लगता है। ब्‍लड शुगर के लेवल के गिरने से सबसे पहले मरीज़ को थकान महसूस होने लगती है। इसके अलावा डायबिटीज़ के मरीज़ों के स्‍ट्रेस हार्मोंस अन्‍य लोगों की तुलना में अधिक संवेदनशील होते हैं। सामान्‍य लोगों की तुलना में डायबिटीज़ के मरीज़ों पर इसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है।

ग्‍लूकोमा

कई लोगों को डायबिटीज़ की वजह से आंखों में कमज़ोरी या आंखों से कम दिखाई देने की शिकायत रहती है। आंखों से संबंधित समस्‍या में ग्‍लूकोमा भी शामिल है। यह बीमारी आंखों में फ्लूइड के अत्‍यधिक बढ़ जाने पर होती है। फ्लूइड के बढ़ जाने पर आंखों की नसों पर दबाव पड़ता है और ये पूरी तरह से आंखों की नसों को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

ह्रदय रोग

डायबिटीज़ के मरीज़ों में ह्रदय रोग होने का खतरा ज्‍यादा रहता है और कई ह्रदय रोगों का संबंध सिरदर्द से बताया गया है। टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों को ये समस्‍या अधिक आती है जबकि टाइप 1 डायबिटीज़ में मरीज़ों को ह्रदय रोग का खतरा थोड़ा कम रहता है।

स्‍ट्रोक

मधुमेह की बीमारी में स्‍ट्रोक का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। स्‍ट्रोक की वजह से गंभीर रूप से सिरदर्द हो सकता है।

उच्‍च रक्‍तचाप

आमतौर पर मधुमेह के सभी मरीज़ों को बाकी लोगों की तुलना में उच्‍च रक्‍तचाप का खतरा ज्‍यादा रहता है। ऐसे में सिरदर्द होना सामान्‍य लक्षण होता है।

food

सिरदर्द पर डायबिटीज़ का असर इसके टाइप पर भी निर्भर करता है। जब शरीर इंसुलिन बनाने में असफल हो जाता है तो शरीर में कई तरह की समस्‍याएं होने लगती हैं जिनमें से एक सिरदर्द भी है। अगर आपको खाने के तुरंत बाद सिरदर्द की शिकायत रहती है तो ये मधुमेह का संकेत हो सकता है।

डायबिटीज़ एक गंभीर बीमारी है लेकिन इसका ईलाज और नियंत्रण संभव है। अगर आपको खाने के तुरंत बाद सिरदर्द की शिकायत रहती है तो बेहतर होगा कि आप सिरदर्द की दवा लेने से पहले मधुमेह की जांच जरूर करवा लें। खाने के बाद सिर में दर्द होना ब्‍लड शुगर लेवल के बढ़ने का संकेत हो सकता है। हाई ब्‍लड शुगर के कारण मरीज़ को कई तरह की दिक्‍कतें हो सकती हैं, हालांकि अगर मरीज़ नियमित व्‍यायाम करे तो वो मधुमेह को नियंत्रित कर सकता है।

मधुमेह रोगी को इस एक बीमारी की वजह से कई और तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नींद की कमी या रात को देर से सोने के कारण भी डायबिटीज़ की बीमारी हो सकती है। अनिद्रा और नींद की कमी एवं इनसोमनिया की वजह से मोटापे और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा डायबिटीज़ के मरीज़ों को सोडा, फास्‍टफूड आदि चीज़ों से कोसों दूर रहना चाहिए।

मधुमेह से पीडित लोग साबुत अनाज और फाइबरयुक्‍त चीज़ों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। इससे आपके शरीर को एनर्जी मिलेगी और शरीर में इंसुलिन बेहतर तरीके से बन पाएगा। आंखों के अलावा मधुमेह का बुरा असर दांतों पर भी पड़ता है। इस बीमारी के कारण मरीज़ को दंत रोग से संबंधित कई अन्‍य तरह की परेशानियां भी हो सकती हैं जिनमें मसूड़ों से संबंधित रोग, मुंह में सूखापन, स्‍वाद मे बदलाव और संक्रमण आदि शामिल है।

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