रात में देर से सोते हैं तो आपको हो सकता है डायबिटीज़ का खतरा  

sleep

image source

आधुनिक जीवनशैली के चलते कई लोगों के सोशल और बायोलॉजिकल समय में अंतर आ गया है। इसका मतलब यह है कि अब आधुनिक यानि मॉडर्न जीवनशैली के चलते लोग तय किए गए समय की जगह अपनी सुवधिानुसार खाते, सोते और काम करते हैं। आधुनिक जीवनशैली से योग और व्‍यायाम तो जैसे गायब सा हो गया है।

काम और स्‍कूल जाने के समय पर लोग एक निर्धारित समय पर उठ जाते हैं लेकिन टीवी, कंप्‍यूटर और इंटरनेट की वजह से लोग रात को देर तक जागते हैं।

हाल ही में हुए एक अध्‍ययन में यह बात सामने आई है कि निर्धारित एवं सही समय पर सोने का सेहत पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है। क्‍लीनिकल एंडोक्राइनोलॉजी और मेटाबॉलिजम के जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च में सुबह जल्‍दी उठने और रात को देर से सोने वाले लोगों की सेहत की तुलना की गई। इसके अलावा इसका मेटाबॉलिज्‍म और शरीर में मौजूद वसा पर भी अध्‍ययन किया गया। बिस्‍तर पर जाने के बाद कितनी देर बार नींद ली, इस बात की भी जांच की गई।

PantherMedia 906049

image source 2

रात को देर से सोने के नुकसान

रिपोर्ट की मानें तो जो लोग रातभर जागते हैं या रात को देर से सोते हैं उन्‍हें सुबह जल्‍दी उठने वाले लोगों की तुलना में सेहत संबंधित परेशानियां ज्‍यादा रहती हैं। रात को देर से सोने वाले लोगों को भोजन सबंधी विकार, मूड में बदलाव और नींद में कमी जैसी समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है। अब लोग सामाजिक दायित्‍वों की वजह से रात को देर तक जागते हैं लेकिन सुबह जल्‍दी उठ जाते हैं।

इस बात के कई साक्ष्‍य मिले हैं कि अनिद्रा और नींद की कमी एवं इनसोमनिया की वजह से मोटापे और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। क्‍या सच में रात को देर तक जागने से मेटाबॉलिक समस्‍या पनपने लगती हैं और फिर इस वजह से डायबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है, इस बात की जांच करने के लिए शोधकर्ताओं ने ये अध्‍ययन किया।

क्‍या थे अध्‍ययन के परिणाम

मध्‍यम आयु वर्ग के किशोरावस्‍था के लोग जोकि रात को देर तक जागते हैं उनमें टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा पाया गया। इनमें मेटाबॉलिक सिंड्रोम की समस्‍या भी देखी गई।

जो लोग बेहतर नींद नहीं ले पाते हैं या जो धूम्रपान करते हैं और व्‍यायाम से कोसों दूर रहते हैं और रात को देर से खाना खाते हैं उनमें मेटाबॉलिक से संबंधित विकार पाए गए। अध्‍ययन में यह पाया गया कि ईवनिंग टाइप लाइफस्‍टाइल युवा आयु वर्ग के लोगों में अधिक प्रचलित है। इस वजह से युवाओं में कम उम्र में ही डायबिटीज़ और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा पाया गया।

sleep-disorder-sign

image source 3

आजकल ज्‍यादातर युवा पीढ़ी रात को देर तक जागती है और इसका असर उनकी सेहत पर भी पड़ रहा है। अगर कम उम्र में ही युवा डायबिटीज़ जैसी खतरनाक बीमारी का शिकार हो जाएंगें तो उनके भविष्‍य का क्‍या होगा।

रात को देर तक जागने से महिलाओं में भी गर्भावधि मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। इसमें महिलाओं को गर्भावस्‍था के दौरान इंसुलिन ना बनने की शिकायत रहती है। रात को देर तक जागने और पर्याप्‍त नींद ना लेने का प्रमुख और एकमात्र कारण है आधुनिक जीवनशैली। अब लोग फास्‍टफूड पर ज्‍यादा निर्भर रहने लगे हैं और इस वजह से उनके शरीर में फाइबर की कमी हो जाती है। फाइबर की कमी के कारण शरीर में ठीक तरह से इंसुलिन नहीं बन पाता है।

अगर अपने आहार में फलों और सब्जियों एवं फलों के रस को शामिल किया जाए तो मधुमेह के साथ-साथ बाकी सभी तरह की बीमारियों से निपटा जा सकता है। इकसे अलावा जो लोग अनिद्रा के शिकार हैं या रात को देर से सोते हैं वो सूखे मेवों जैसे बादाम आदि का सेवन जरूर करें।

एक बात जान लें कि डायबिटीज़ कोई छोटी बीमारी नहीं है। अगर एक बार ये किसी को हो जाए तो जीवनभर उसका पीछा नहीं छोड़ती है। मधुमेह की वजह से आंखों की रोशनी भी कम हो जाती है।

अगर आप रात को देर तक जागते हैं या बेहतर नींद नहीं ले पाते हैं और आपको शक है कि कहीं आपको डायबिटीज़ तो नहीं हो गई तो अपने अंदर इन लक्षणों को को जानकर आप स्‍वयं पता लगा सकते हैं कि आपको मधुमेह हुआ है या नहीं…

  • बार-बार मूत्र लगना
  • बहुत प्‍या लगना
  • थकान महसूस होना
  • अचानक वजन में कमी आना
  • घाव या कटने की शिकायत होना

अगर आपको अपने शरीर में ऐसा कोई भी लक्षण दिखाई दे रहा है तो एक बार डॉक्‍टर से जरूर संपर्क कर लें। बेहतर होगा कि आप इस बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ लें।

Read Source

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Bitnami