इस तरह टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ भी बनवा सकते हैं टैटू

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टाइप 2 डायबिटीज़ में खुले घावों में संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। हालांकि, तब भी आप कुछ बातों का ध्‍यान रखकर बॉडी आर्ट और पियर्सिंग आदि करवा सकते हैं।

आजकल फैशन का दौर है और ऐसे में आपका भी मन टैटू बनवाने या कानों में पियर्सिंग करवाने का करता होगा लेकिन टाइप 2 डायबिटीज़ की वजह से ऐसा आप नहीं करवा पाते होंगें। आपको बता दें कि टाइप 1 डायबिटीज़ बच्‍चों में ज्‍यादा होता है और वो कम ही टैटू बनवाते हैं इसलिए टैटू बनवाने या पियर्सिंग से जुड़ी बातें टाइप 2 के मरीज़ों के लिए जानना ज्‍यादा जरूरी है। अकसर सुनने में आता है कि मधुमेह मरीज़ों को पियर्सिंग या टैटू वगैरह नहीं बनवाना चाहिए। इस बात में कितनी सच्‍चाई है ?

क्‍या सच में बॉडी आर्ट से टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों को नुकसान होता है ?

टैटू बनवाने के शौकीन मधुमेह के मरीज़ों के लिए खास बात ये है कि आप भी दूसरे सामान्‍य लोगों की तरह जीवन जी सकते हैं। आपकी जीवनशैली तो दूसरे लोगों की ही तरह होगी लेकिन आपको इस खतरनाक बीमारी को नियंत्रित और बढ़ने से रोकने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्‍यान जरूर रखना पड़ेगा। 2016 में हुए सर्वे में यह बात सामने आई थी कि अमेरिका में लगभग 30 प्रतिशत लोगों के शरीर पर कम से कम एक टैटू तो है।

अगर आपको टैटू बनवाना या पियर्सिंग करवाना पसदं है और आप मधुमेह की वजह से अब तक इससे दूरी बनाए हुए थे तो अब आप अपना ये सपना पूरा कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्‍यान रखना पड़ेगा।

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डायबिटीज़ और संक्रमण

हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग होता है त्‍वचा जोकि पूरे शरीर पर होती है। त्‍वचा हमे बाहरी दुनिया से बचाए रखती है। टैटू और पियर्सिंग के दौरान त्‍वचा में छेद किया जाता है या उसे खोला जाता है। ऐसे में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। टैटू में जिस ईंक का प्रयोग किया जाता है वो हमारी त्‍वचा के अंदर तक जाती है। इससे संक्रमण हो सकता है।

कौन बनवा सकता है टैटू और पियर्सिंग

सबसे पहले तो अपने डॉक्‍टर को अपनी इस चाहत के बारे में बताएं। उनसे पूछें कि क्‍या आपका शरीर पियर्सिंग और टैटू के घाव को भरने के लिए सक्षम है। आप चाहें तो किसी डायबिटीज़ एजुकेटर से भी सलाह ले सकते हैं।

हालांकि, सबसे पहले आपको डायबिटीज़ को नियंत्रित करने पर ध्‍यान देना चाहिए। मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए अपनी डाइट में साबुत अनाज और फल-सब्जियों को शामिल करें। चाय भी मधुमेह में फायदेमंद होती है।

जब आप डॉक्‍टर को टैटू बनवाने की इच्‍छा जाहिर करेंगें तो डॉक्‍टर आपका ए1सी लेवल टेस्‍ट करवाने के लिए कहेंगें। इसमें पिछले तीन महीनों में आपके ब्‍लड शुगर के स्‍तर की जांच की जाती है। आपका ए1सी लेवल 7 से कम होना चाहिए। ए1सी लेवल के उच्‍च स्‍तर पर होने का मतलब है कि आपके घाव धीमी गति से भरेंगें और त्‍वचा को ठीक होने में ज्‍यादा समय लगेगा एवं आपको संक्रमण का खतरा भी ज्‍यादा रहेगा।

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मधुमेह में बॉडी आर्ट से नुकसान

दुर्भाग्‍यवश ए1सी के लेवल का 7 से कम होना भी मधुमेह रोगियों को टैटू बनवाने या पियर्सिंग करवाने की पूरी तरह से अनुमति नहीं देता है। ऐसा कोई भी स्‍तर नहीं है जिस पर निश्‍चित रूप से टैटू बनवाने के लिए हां की जाए। इसलिए बेहतर होगा कि ऐसा कुछ करवाने से पहले आप अपने डॉक्‍टर से सलाह लें और उनसे इसे नियंत्रित करने के बारे में पूछें।

कोई ऐसा डॉक्‍टर चुनें जिसे टैटू और पियर्सिंग और इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानकार हो। उदाहरण के तौर पर हो सकता है कि आपका ए1सी लेवल 7.6 है लेकिन आपके डॉक्‍टर ने आपको ईंक लगवाने के लिए हां कर दी हो। ए1सी को आप मधुमेह को नियंत्रित करने के रूप में नहीं देख सकते हैं।

इसके अलावा अपने डॉक्‍टर से ये भी पूछें कि आप शरीर के किस हिस्‍से पर टैटू बनवा या पियर्सिंग करवा सकते हैं। अगर आपकी न्‍यूरोपैथी या पैरों में कोई सर्कुलेशन की समस्‍या है तो आपको उन जगहों पर टैटू नहीं बनवाना चाहिए।

क्‍या करें जब डॉक्‍टर पियर्सिंग और टैटू के लिए हां कर दे

अगर आपको डॉक्‍टर टैटू बनवाने के लिए हां कर दें तो आपको टैटू बनवाने या पियर्सिंग करवाने से पहले कुछ खास बातों का ध्‍यान रखना है। जानिए वो बातें …

  • पियर्सिंग या टैटू किसी अच्‍छी जगह से ही बनवाएं। अपने दोस्‍तों की बताई हुई जगह से भी आप टैटू बनवा सकते हैं।
  • जहां से भी आप टैटू या पियर्सिंग करवा रहे हैं उस आर्टिस्‍ट को अपने डायबिटीज़ के बारे में बताएं। बेहतर होगा कि आप आर्टिस्‍ट को अपनी बीमारी के बारे में बता दें।
  • टैटू बनवाने पर हर किसी को दर्द होता है लेकिन कोई इसे आसानी से बर्दाश्‍त कर लेता है तो किसी को बहुत दर्द होता है। ये आपकी सहनशक्‍ति पर निर्भर करता है। हो सकता है कि टैटू बनवाते समय आप तनाव में आ जाएं और ऐसे में आपका ब्‍लड शुगर का स्‍तर बढ़ जाएगा। मधुमेह में डिप्रेशन सामान्‍य बात है। हो सकता है कि बीच में आपको अपना ब्‍लड शुगर लेवल चैक करने की जरूरत पड़े या ब्रेक लें। आर्टिस्‍ट को पता होना चाहिए कि आपको इतनी दिक्‍कत क्‍यों हो रही है।
  • अगर आप पहली बार टैटू या पियर्सिंग करवा रहे हैं तो आपको नहीं पता कि इसका घाव भरने में कितना समय लगेगा। टैटू पार्लर वाले से पूछें कि आपका टैटू बनने के बाद कैसा दिखेगा, ये क्रस्टिंग होगा या स्‍कैबिंग।
  • टैटू और पियर्सिंग के बाद खुद को संक्रमण से दूर रखने की कोशिश करें। टैटू पार्लर द्वारा बताई गई बातों को नज़रअंदाज़ ना करें और उनका पालन करें। हो सकता है कि आपको दिन में दो से तीन बार एंटीबायोटिक ऑइंटमेंट लगाने के लिए कहा जाए।

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