इस तरह डायबिटीज़ के मरीज़ भी खा सकते हैं शकरकंद

Picture credit : youtube.com

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स्‍वीट पोटैटो यानि शकरकंद को डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए बहुत हैल्‍दी और जरूरी माना जाता है। शकरकंद में फाइबर की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है। फाइबर को ना केवल शरीर आसानी से पचा लेता है बल्कि ये कैलोरी बढ़ाए बिना ही पेट को भरा हुआ महसूस करवाता है।

शकरकंद के एक नहीं बल्कि कई फायदे हैं। इसमें एंटी-इंफ्लामेट्री और एंटीऑक्‍सीडेंट गुण पाए जाते हैं जोकि कई रोगों से बचाने में कारगर हैं। शकरकंद के सेवन से ह्रदय रोग से बचा जा सकता है जोकि मधुमेह में मृत्‍यु का सबसे बड़ा कारण है।

इसके अलावा शकरकंद विटामिन ए का भी बेहतरीन स्रोत है। ये विटामिन पैंक्रियाटिक बीटा सेल्‍स को क्रियाशील बनाता है। बीटा सेल्‍स इंसुलिन को रिलीज़, उत्‍पन्‍न और स्‍टोर करने का काम करते हैं और इसीलिए डायबिटीज़ में इसे महत्‍वपूर्ण माना जाता है।

शकरकंद को खाने की बात करें तो एक स्‍टडी में सामने आया है कि आप इसे जब चाहें उबालकर खा सकते हैं। इस स्‍टडी में प्रतिभागियों को शकरकंद को रोस्‍ट कर, बेक, फ्राइड और उबालकर खाने को कहा गया है। उबली हुई शकरकंद में सबसे कम ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स वैल्‍यू पाई गई। इसका मतलब है कि ये ब्‍लड शुगर को प्रभावित नहीं करती है। बेक और रोस्‍ट की गई शकरकंद में सबसे ज्‍यादा ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स वैल्‍यू पाई गई।

डायबिटीज़ के मरीज़ इस तरह बना सकते हैं शकरकंद

अगर आप डायबिटीज़ के मरीज़ हैं तो आप बेफिक्र होकर शकरकंद का सेवन कर सकते हैं। इसे आप अपने खाने में कार्बोहाइड्रेट काउंट से संतुलित कर सकते हैं। शकरकंद कार्बोहाइड्रेट का स्रोत होते हैं जोकि ब्‍लड शुगर बढ़ा सकता है। डायबिटीज़ के मरीज़ कार्ब तो खा सकते हैं लेकिन उन्‍हें इसकी मात्रा का बहुत ध्‍यान रखना पड़ेगा। इसका मतलब है कि आपको एक बार के भोजन या स्‍नैक में सिर्फ आधी शकरकंद ही खानी है। इसके साथ प्रोटीन में आप चिकन ब्रेस्‍ट या अंडे खा सकते हैं जिससे ब्‍लड शुगर लेवल संतुलित रहता है।

चलिए अब जानते हैं कि किन अलग-अलग तरीकों से आप शकरकंद को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं :

Picture credit : projects.ncsu.edu

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स्‍मूदी में शकरकंद डाल सकते हैं

आधे केले में आप पके हुए शकरकंद के कुछ टुकड़े डाल सकते हैं और इसमें प्रोटीन के लिए योगर्ट डालें और थोड़ा सा दालचीनी पाउडर छिड़क दें। इसे एरोमेटिक फ्लेवर देने के लिए आप इसमें अदरक या पंपकिन स्‍पाइस भी डाल सकते हैं।

नट बटर और फल में इस्‍तेमाल

टोस्‍टर या माइक्रोवेव में शकरकंद को आधा बेक कर लें और फिर इस पर पीनट बटर लगाएं और कुछ ताजे अंगूर लें। आप नाश्‍ते में इसे अंडों के साथ खा सकते हैं। इससे आपको खूब प्रोटीन मिलेगा।

स्‍वीट पोटैटो टोस्‍ट

शकरकंद को पतली स्‍लाइस में काट लें और इसे टोस्‍ट करके खाएं। इसके ऊपर आप अपनी पसंदीदा हैल्‍दी हाई प्रोटीन टॉपिंग डाल सकते हैं। आप कॉटेज चीज़, प्‍लेन ग्रीक योगर्ट या अंडे का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

बेक पोटैटो

आधे बेक पोटैटो पर मीठे और स्‍पाइसी फ्लेवर के लिए चिपोत्‍ले पैपर डाल सकते हैं। रोल बेक्‍ड स्‍वीट में नट्स और बीजों को डाल सकते हैं। पेकंस, अखरोट, हैप्‍म सीड या दालचीनी के मिश्रण का प्रयोग भी कर सकते हैं।

अगर आप शकरकंद में मौजूद शुगर को कम करना चाहते हैं तो आप इसमें डायबिटीज़ फ्रेंडली सीज़निंग जैसे दालचीनी और अदरक पाउडर भी डाल सकते हैं। दालचीनी शकरकंद की सारी शुगर को निकाल देगी। आप शकरकंद को मैश करके उस पर ये पाउडर डालकर खा सकते हैं। नाश्‍ते में इसे योगर्ट, नट्स और नट बटर के साथ खा सकते हैं।

एक कटोरी लें और उसमें आधा पका हुआ शकरकंद डालें और फिर इस कटोरी में ब्‍लैक बींस, आधा कप पका हुआ क्‍यूनोआ और सॉटेड पालक डालें।

आप इसे सूप में डालकर भी खा सकते हैं। सूप से शरीर को बहुत पोषण मिलता है। स्‍वीट पोटैटो को सूप में डालने पर उसमें क्रीमी टेक्‍सचर आ जाएगा और इससे सूप मीठा भी लगेगा। इसके अलावा आप स्‍वीट पोटैटो सूप में लाल दाल, गाजर, प्‍याज़ या कई तरह के मसाले और हर्ब्‍स डाल सकते हैं।

डायबिटीज़ मरीजों के लिए शकरकंद के फायदे

Picture credit : organicsolutionsportal.com

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  • शकरकंद में बीटा कैरोटीन नामक कैरोटीनॉएड मौजूद होता है। ये विटामिन ए का स्रोत होता है। विटामिन ए आंखों की सेहत के लिए अच्‍छा माना जाता है। मधुमेह रोग में आंखों को भी खतरा रहता है इसलिए मधुमेह रोगियों के लिए शकरकंद का सेवन करना अच्‍छा माना जाता है।
  • शकरकंद में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है जोकि इम्‍यून सिस्‍टम को दुरुस्‍त करता है।
  • इसके अलावा शकरकंद आयरन भी देता है जिससे लाल रक्‍त कोशिकाओं को ऑक्‍सीजन बनाने और पूरे शरीर में न्‍यूट्रिएंट्स पहुंचाने में मदद मिलती है।
  • ये सब्‍जी प्रोटीन का भी बहुत बढिया स्रोत मानी जाती है। इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करता है जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है जोकि इंसुलिन सेंसिटिविटी को भी घटाता है।
  • शकरकंद फाइबर का भी स्रोत होता है जिससे पेट भरा हुआ महसूस करता है। ये कब्‍ज और कोलोन कैंसर से भी छुटकारा दिलाने में मदद करता है।
  • डायबिटीज़ के मरीज़ों को ह्रदय रोग का खतरा भी रहता है और शकरकंद में पोटाशियम होता है जोकि इलेक्‍ट्रोलाइट को संतुलित करने और रक्‍तचाप को नियंत्रित करेन में मदद करता है। शकरकंद का सेवन करने से मधुमेह रोगियों में ह्रदय रोगों का खतरा भी कम किया जा सकता है।
  • स्‍वीट पोटैटो में मैग्‍नीशियम और पोटाशियम की प्रचुरता पाई जाती है जोकि शरीर में पानी को संतुलित करता है और स्‍ट्रेस पैदा करने वाले कारकों को प्रभावित करता है। साथ ही ये हार्ट बीट को भी नियंत्रित करता है और शरीर में ऑक्‍सीजन का प्रवाह करता है। इसके अलावा शकरकंद में एंटीऑक्‍सीडेंट्स भी प्रचुर मात्रा में होते हैं जोकि अस्‍थमा, ब्रेस्‍ट कैंसर, अर्थराइटिस को कम कर स्‍ट्रेस को भी घटाता है।
  • इसके अलावा शकरकंद त्‍वचा के लिए भी फायदेमंद होता है और इससे अनीमिया की शिकायत भी दूर होती है। शरीर में मिनरल की कमी को भी इससे पूरा किया जा सकता है। शकरकंद में बीटा कैरोटीन मौजूद होता है कि जोकि बालों की क्‍वालिटी और शेप को बेहतर बनाता है।

अब तो आप जान गए ना कि डायबिटीज़ के मरीज़ भी बेफिक्र होकर शकरकंद खा सकते हैं।

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