पश्चिमी देशों की वजह से भारत में बढ़ रहे हैं मधुमेह के मरीज़, ये फूड्स ना खाएं

Picture credit : everydayhealth.com

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इंटरनेशनल डायबिटीज़ फेडरेशन के प्रेजिडेंट प्रो. नाम हान छो का कहना है कि एशियाई देशों में डायबिटीज़ का प्रमुख कारण पश्चिमीकरण है। ए‍शिया से लेकर मध्‍य पूर्व और दक्षिण अफ्रीका तक मधुमेह का कारण पश्चिमी सभ्‍यता है।

चौथी इंटरनेशनल डायबिटीज़ एंड रमजान कॉन्‍फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्‍होंने ऐसा कहा। उन्‍होंने कहा कि ‘पश्चिमी से मेरा मतलब है कि आधुनिक जीवनशैली और भोजन जिसमें मांस और कार्बोहाइड्रेट ज्‍यादा हो। एशियाई लोग साधारण जीवन जीते के आदी थे और खूब सारी सब्जियों का सेवन किया करते थे लेकिन अब वो मांस ज्‍यादा खाने लगे हैं और आधुनिक जीवन जीते हैं।

प्रो. छो जोकि दक्षिण कोरिया से हैं उनका कहना है कि बाकी क्षेत्रों की तुलना में एशियाई लोग कम इंसुलिन का उत्‍पादन कर पाते हैं और तब वे पश्चिमी संस्‍कृति का पालन करते हुए आधुनिक जीवनशैली के अंतर्गत मांस और अधिक कार्बोहाइड्रेट का सेवन करते हैं तो उनमें बाकी देशों की तुलना में डायबिटीज़ का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।

सेहत विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज़ के मरीज़ों को दांतों से संबंधित रोगों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

दुनियाभर में 425 मिलियन डायबिटीज़ के मरीज़ों में 65 प्रतिशत एशियाई लोग हैं। ये एक खतरे की घंटी है। आज मधुमेह कंट्रोल से बाहर हो चुका है और दुनियाभर में मलेरिया, एड्स और कई अन्‍य बीमारियों की तुलना में मधुमेह मृत्‍यु का सबसे बड़ा कारण है। दुनियाभर में एक साल में 5 मिलियन लोग डायबिटीज़ की वजह से मर जाते हैं।

डायबिटीज़ से बचने के लिए विशेषज्ञ पैदल चलने और कम खाने की सलाह देते हैं। गांवों और शहरों में एक ही बराबर डायबिटीज़ के मामले हैं। इससे पता चलता है कि आधुनिक जीवनैशली देश के हर हिस्‍से में फैल चुकी है।

विशेषज्ञों की मानें तो अगर एशियाई देशों के लोग आधुनिक जीवनशैली छोड़ दें तो वो डायबिटीज़ के अलावा और भी कई तरह की खतरनाक बीमारियों से बच सकते हैं। आधुनिक जीवनशैली में असंतुलित आहार और शारीरिक व्‍यायाम की कमी होती है लेकिन स्‍वस्‍थ जीवनशैली में संतुलित आहार होता है और ज्‍यादा से ज्‍यादा व्‍यायाम शामिल होता है।

इससे पहले एक रिसर्च में ये बात भी सामने आ चुकी है कि तंबाकू जितना ही खतरनाक शुगर होती है। तंबाकू और शुगर, दोनों में ही लत लगने वाली क्‍वालिटी होती है। शुगर के स्‍वास्‍थ्‍य पर कई प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं जिनमें से एक मोटापा भी है और आपको बता दें कि मोटापा, डायबिटीज़ का प्रमुख कारण है इसलिए अगर आप मधुमेह से बचना चाहते हैं तो अपने खाने में चीनी का सेवन कम करें। यहां तक कि खाद्य उत्‍पाद बनाने वाली कंपनियों को भी अपने प्रॉडक्‍ट्स में चीनी का इस्‍तेमाल सीमित कर देना चाहिए। इसका मतलब है कि कंपनियों को सिर्फ ऐसे ड्रिंक्‍स और खाने की चीज़ें बनानी चाहिए जिनमें नैचुरल स्‍वीटनर हो और कैलोरी की मात्रा जीरो हो।

ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए इन बातों का ध्‍यान रखें

Picture credit : tiresandparts.net

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  • टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों को अपने खाने से व्‍हाइट राइस को पूरी तरह से हटा देना चाहिए। एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि जो लोग सप्‍ताह में पांच बार या इससे ज्‍यादा बार व्‍हाइट राइस खाते हैं उनमें टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा ज्‍यादा पाया गया है जबकि जिन लोगों को व्‍हाइट की जगह ब्राउन राइस दिए गए उनमें इस बीमारी का खतरा 16 प्रतिशत तक कम पाया गया।
  • अगर आप रोज़ व्‍हाइट ब्रेड खाते हैं तो आपको सबसे ज्‍यादा डायबिटीज़ का खतरा है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि रिफाइंड आटे से बनी चीज़ें जैसे व्‍हाइट ब्रेड आदि को शरीर बहुत जल्‍दी पचा लेता है और जल्‍दी पचने की वजह से ये ब्‍लड शुगर को बढ़ा सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने होलग्रेन ज्‍यादा और थोड़ा रिफाइंड अनाज जिसमें व्‍हाइट ब्रेड भी शामिल था, खाया है उनका ब्‍लड शुगर लेवल ज्‍यादा पाया गया।
  • ब्‍लड शुगर को सामान्‍य स्‍तर पर रखने के लिए सोडा और शुगरयुक्‍त ड्रिंक्‍स से दूर रहना चाहिए। एक रिसर्च में शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग एक दिन में एक या दो बार शुगरयुक्‍त ड्रिंक पीते हैं उनमें टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा 26 प्रतिशत ज्‍यादा पाया गया। रेगुलर सोडा या शुगरी ड्रिंक की जगह आप पानी या नीबू पानी आदि पी सकते हैं। ये वजन कम करने में भी मदद करता है।
  • पूरी तरह से अपनी डाइट से रेड मीट को निकालना नहीं चाहिए लेकिन स्‍टडी कहती है बहुत ज्‍यादा रेड मीट और प्रोसेस्‍ड मीट खाने जैसे बैकन और कोल्‍ड कट जिनमें सैचुरेटेड फैट ज्‍यादा होता है, उनसे टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा ज्‍यादा रहता है। प्रोसेस्‍ड मीट जैसे हॉट डॉग, सॉसेज और 2 स्‍लाइस बैकन एक दिन में खाने से डायबिटीज़ का खतरा दोगुना हो जाता है। रेड मीट और प्रोसेस्‍ड मीट की जगह प्रोटीन के स्रोत जैसे नट्स और लो फैट डेयरी प्रोडक्‍ट्स खा सकते हैं।

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