जानिए खाने के बाद क्‍यों करता है मीठा खाने का मन

Picture credit : calorie secrets.net

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भारतीय लोगों को मीठा बहुत पसंद होता है। बचपन से ही हम सीखते आए हैं कि खाने के बाद मीठा खाना जरूरी है और मीठा खाने पर ही भोजन पूरा होता है लेकिन आप ये भी जानते हैं कि मीठा आपके शरीर को कितना नुकसान दे सकता है खासतौर पर अगर आप डायबिटीज़ या अन्‍य किसी बीमारी से ग्रस्‍त हैं तो।

आज हम आपको बता रहे हैं कि आखिर खाना खाने के बाद मीठा खाने की ललक मन में क्‍यों उठती है और इसके पीछे क्‍या कारण है।

बहुत ज्‍यादा कार्ब लेना

Picture credit : diet doctor.com

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भारतीय भोजन में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है चाहे वो सिंपल हो या कॉम्‍प्‍लेक्‍स। ये गलत नहीं है लेकिन खाने के बाद मीठा खाने की ललक उठने का ये मुख्‍य कारण है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि अधिक मात्रा में कार्ब खाने से ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और अपने आप ही आपके हाथ मीठे की ओर बढ़ने लगते हैं।

नमकीन फूड

Picture credit : Mail online

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अगर आप कुछ ज्‍यादा ही नमकीन खाना या व्‍यंजन खाते हैं तो आपको मीठा खाने का मन जरूर करेगा। पिज्‍जा, बर्गर या फ्राइज़ के साथ कोक पीने के बाद भी मीठा खाने का मन कर सकता है।

मनोवैज्ञानिक कारण

Picture credit : canadianpharmacymeds.com

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मीठा खाने का मन करना मनोवैज्ञानिक कारण से भी जुड़ा हुआ है। ऐसा इसलिए है कि जब आप खाना खाते हैं तो आपका मूड अपने आप ही बदल जाता है और ये मीठा खाने पर मस्तिष्‍क सेरो‍टोनिन नामक केमिकल रिलीज़ करता है जिससे आप खुश, शांत और रिलैक्‍स महसूस करने लगते हैं।

डिहाइड्रेट

Picture credit : hindi.news18.com

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पाचन खराब होने पर भी मीठा खाने का मन कर सकता है। इसका प्रमुख कारण डिहाइड्रेशन भी है। कुछ भी खाने के बाद पानी ना पीएं क्‍योंकि इससे खाना अच्‍छी तरह से नहीं पच पाता है और आपके मन में मीठा खाने की ललक पैदा होने लगती है।

मीठा खाने की ललक को ऐसे करें कंट्रोल

  • प्‍यास लगने की वजह से भी फूड क्रेविंग होती है। अगर आपको अचानक किसी विशेष फूड को खाने का मन कर रहा है तो आपको एक बड़ा गिलास पानी पीना चा‍हिए। इसके बाद कुछ मिनटों तक रूकें। आपको महसूस होगा कि आपकी भूख शांत हो गई है। किसी विशेष फूड की क्रेविंग होने का कारण प्‍यास भी हो सकती है। खाने से पहले पानी पीने से भूख कम हो जाती है और इससे वजन कम करने में मदद मिलती है।
  • पर्याप्‍त नींद ना लेने से हार्मोंस ठीक तरह से काम नहीं कर पाते हैं और इस वजह से आपको भूख लगने लगती है। भूख लगने पर हार्मोंस का सबसे ज्‍यादा प्रभाव पड़ता है जोकि पूरा दिन बदलते रहते हैं। नींद की कमी की वजह से हार्मोंस में बदलाव आता है और इस वजह से आपको भूख ज्‍यादा लगती है। अगर आप र्प्‍याप्‍त नींद लें तो आपको भूख कम लगेगी।
  • डाइट में एक्‍स्‍ट्रा प्रोटीन शामिल करने से आपको भूख कम लगती है। ज्‍यादा प्रोटीन लेने से भूख कम लगती है और इससे आप ओवरईटिंग से बच सकते हैं। ओवरवेट लोगों में 25 प्रतिशत प्रोटीन से कैलोरी लेने से 60 प्रतिशत क्रेविंग में कमी दर्ज की गई। वहीं रात को स्‍नैक खाने की इच्‍छा में भी 50 प्रतिशत कमी आई।
  • आपको एक सप्‍ताह पहले ही अपना मील प्‍लान तैयार कर लेना चाहिए। अगर आप पहले से ही डाइट प्‍लान कर लेंगें तो अचानक से कुछ भी गलत चीज़ नहीं खाएंगें।
  • तनाव लेने से भी भूख ज्‍यादा लगती है। तनाव में व्‍यक्‍ति ज्‍यादा कैलोरी खाता है और भूख ज्‍यादा लगती है खासतौर पर महिलाओं में ऐसा होता है। तनाव से कोर्टिसोल में ब्‍लड लेवल बढ़ जाता है। इस हार्मोन की वजह से वजन बढ़ता है। तनाव के लक्षणों में दुखी रहना, बेचैनी, परेशान रहना, अपनी पसंद की चीज़ों में दिलचस्‍पी ना रहना, सोशल लाइफ से दूर रहना, फोकस करने में असफल, ऊर्जा में कमी, पाचन का कमज़ोर होना और मानसिक और शारीरिक सुस्‍ती और आत्‍महत्‍या का विचार आना।
  • अगर आप अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट युक्‍त भोजन करते हैं तो आप बहुत जल्‍द टाइप 2 डायबिटीज़ का शिकार हो सकते हैं। वैसे भी साल 2030 तक भारत में 80 मिलियन लोग मधुमेह से ग्रस्‍त होने वाले हैं। बेहतर होगा कि आप खुद को इससे दूर रखें वरना इस बीमारी को नियंत्रित करना आपके लिए मुश्किल हो जाएगा। डायबिटीज़ वो बीमारी है जो एक बार हो जाए तो जीवनभर पीछा नहीं छोड़ती है इसलिए इस मामले में ईलाज से बेहतर बचाव है। इससे बचने के जितना हो सके व्‍यायाम करें और संतुलित आहार लें।

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