शुगर को ये 56 नाम देकर आपको बेवकूफ बना रहे हैं Manufacturers !

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आजकल स्‍वस्‍थ काया लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। सेहत को दुरुस्‍त बनाए रखने के लिए आए दिन कई तरह की रिसर्च और अध्‍ययन होते रहते हैं। इनमें लोगों को डाइट से जुड़ी कई तरह की सावधानियां बरतने के लिए भी कहा जाता है लेकिन डायबिटीज़ मरीज़ों के लिए खास टिप्‍स होते हैं।

आपने भी इन अलग-अलग रिसर्चों के बारे में पढ़ा और सुना होगा लेकिन इन सब बातों में एक बात कॉमन है और वो ये है कि सभी डॉक्‍टर और न्‍यूट्रिशनिस्‍ट डाइट में कम शुगर का सेवन करने के लिए कहते हैं।

जी हां  सही सुना आपने कि सभी रिसर्चों में शुगर के कम सेवन पर जोर दिया जाता है। आमतौर पर धारणा है कि शुगर के ज्‍यादा इस्‍तेमाल से टाइप 2 डायबिटीज़ बीमारी के होने का खतरा रहता है और अगर आपके खाने में चीनी की मात्रा जरूरत से ज्‍यादा है आपके ऊपर इस जानलेवा बीमारी का खतरा मंडरा रहा है।

हाल ही में जेम्‍स बीयर्ड फाउंडेशन फूड कॉन्‍फ्रेंस में डॉ. राबर्ट लस्टिग ने बताया कि लोगों को चीनी और इससे जुड़ी चीज़ों के कड़वे सच के बारे में पता होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि मैन्‍यूफैक्‍चर ये नहीं चाहते कि आपको उनके प्रॉडक्‍ट्स में चीनी की मात्रा का पता चल पाए और साथ ही आपको इस बात से भी अनजान रखना चाहते हैं कि कोई भी चीज़ कितनी मात्रा में हानिकारक है क्‍योंकि अगर आपको ये सब बातें पता चल गईं तो दोस्‍तों आपके खाने से अनाज शायद दूसरी दुनिया की बात हो जाएगी। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार ए‍क दिन डाइट में 5 प्रतिशत या 6 चम्‍मच से ज्‍यादा शुगर की मात्रा नहीं होनी चाहिए।

रॉबर्ट का कहना है कि उनके पास जो आंकड़े हैं वो दर्शाते हैं कि स्‍वीटनर और शुगर से डायबिटीज़, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और फैटी लिवर जैसे गंभीर रोग हो सकते हैं। यहां तक शुगर कैंसर और डिमेंशिया तक का कारण बन सकती है। शुगर इंसुलिन रेसिस्‍टेंस का कारण बन सकती है जो कैंसर को जन्‍म देता है लेकिन शुगर का इन बीमारियों से सीधा संबंध दिखा पाना मुश्किल है। रॉबर्ट ने बताया कि ऐसा लगता है जैसे कि कैंसर को आपकी ही तरह शुगर से प्‍यार है।

मैन्‍यूफैक्‍चरर ग्राहकों को बेवकूफ बनाने के लिए शुगर या उन चीज़ों को जिनमें शुगर शामिल हो उन्‍हें सातवें, आठवें या नौंवे स्‍थान पर रखते हैं और वो सोचते हें कि इनमें मिलाए गए शुगर से आपकी सेहत पर कोई ज्‍यादा असर नहीं पड़ेगा। वहीं ग्राहकों को बेवकूफ बनाने के लिए वो शुगर को अलग-अलग नामों से लेबल में चिपका देते हैं।

आज हम आपको शुगर के ऐसे 56 नामों के बारे में बता रहे हैं जो प्रॉडक्‍ट्स के लेबल पर शामिल होती हैं लेकिन आपको मालूम ही नहीं होता कि इनमें शुगर मौजूद है।

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डॉ. राबर्ट कहते हैं कि डाइट से शुगर की मात्रा को कम करना बहुत जरूरी है। उनका कहना है कि कई लोगों को तो ये पता ही नहीं होता कि उन्‍हें कितनी मात्रा में शुगर लेनी चाहिए और वो एक दिन में कितनी मात्रा में इसका सेवन कर रहे हैं साथ वो इसके गंभीर परिणामों से भी अनजान होते हैं।

मीठा खाने का मन करे तो आप कुछ आसान से तरीकों से अपनी इस शुगर क्रेविंग को दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं शुगर क्रेविंग से निपटने के तरीके :

  • मीठा फूड खाने का मन कर रहा है तो आपको एक बड़ा गिलास पानी पीना चा‍हिए।
  • नींद की कमी की वजह से हार्मोंस में बदलाव आता है और इस वजह से आपको भूख ज्‍यादा लगती है। अगर आप र्प्‍याप्‍त नींद लें तो आपको भूख कम लगेगी।
  • यादा प्रोटीन लेने से भूख कम लगती है और इससे आप ओवरईटिंग से बच सकते हैं।
  • आपको एक सप्‍ताह पहले ही अपना मील प्‍लान तैयार कर लेना चाहिए। अगर आप पहले से ही डाइट प्‍लान कर लेंगें तो अचानक से कुछ भी गलत चीज़ नहीं खाएंगें।
  • तनाव लेने से भी भूख ज्‍यादा लगती है। तनाव में व्‍यक्‍ति ज्‍यादा कैलोरी खाता है और भूख ज्‍यादा लगती है खासतौर पर महिलाओं में ऐसा होता है। तनाव से कोर्टिसोल में ब्‍लड लेवल बढ़ जाता है। इस हार्मोन की वजह से वजन बढ़ता है। तनाव के लक्षणों में दुखी रहना, बेचैनी, परेशान रहना, अपनी पसंद की चीज़ों में दिलचस्‍पी ना रहना, सोशल लाइफ से दूर रहना, फोकस करने में असफल, ऊर्जा में कमी, पाचन का कमज़ोर होना और मानसिक और शारीरिक सुस्‍ती और आत्‍महत्‍या का विचार आना।

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