केले की इस वैरायटी को खा सकते हैं डायबिटीज़ के मरीज़

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डायबिटीज़ की बीमारी में ब्‍लड शुगर के लेवल को सामान्‍य स्‍तर पर बनाए रखना बहुत जरूरी होता है। ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने से डायबिटीज़ से संबंधित कई तरह की समस्‍याओं से भी सुरक्षा मिलती है।

इस वजह से आपको ऐसे फूड्स का सेवन कम करना चाहिए जिनसे जरूरत से ज्‍यादा आपका ब्‍लड शुगर बढ़ सकता हो। भले ही केला एक सेहतमंद फल हो लेकिन इसमें कार्ब और शुगर की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है जोकि आपके ब्‍लड शुगर के स्‍तर को बढ़ा सकते हैं।

केले में कार्ब होता है जो ब्‍लड शुगर को बढ़ाता है

डायबिटीज़ के मरीज़ों को पता होना चाहिए के आपको अपनी डाइट में किस तरह के कार्ब को कितनी मात्रा में शामिल करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि अन्‍य पोषक तत्‍वों की तुलना में कार्ब की वजह ब्‍लड शुगर का स्‍तर बहुत तेजी से बढ़ता है।

जब स्‍वस्‍थ लोगों में ब्‍लड शुगर बढ़ता है तो शरीर इंसुलिन का उत्‍पादन करने लगता है। इससे रक्‍त से शुगर को बाहर निकाल कर कोशिकाओं में भेजने में मदद मिलती है जहां इसका प्रयोग या इन्‍हें स्‍टोर करके रखा जाता है।

हालांकि, मधुमेह से ग्रस्‍त मरीज़ों में ये प्रक्रिया नहीं होती है। इसकी जगह शरीर में पर्याप्‍त इंसुलिन नहीं बन पाता है और कोशिकाएं बनने वाले इंसुलिन के प्रति संवेदनशील हो जाती हैं।

अगर इसे सही तरीके से नियंत्रित ना किया जाए तो इसकी वजह से हाई कार्ब फूड खाने पर ब्‍लड शुगर का स्‍तर बढ़ सकता है जोकि आपकी सेहत के लिए एक बड़ा खतरा साबित होगा।

केले में 93 प्रतिशत कैलोरी कार्ब से आती है। ये कार्ब शुगर, स्‍टार्च या फाइबर के रूप में हो सकता है।

एक मध्‍यम आकार के केले में 14 ग्राम शुगर और 6 ग्राम स्‍टार्च होता है।

पके केले से भी पड़ता है फर्क

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केला कितना पका हुआ है, इस बात पर केले में कार्ब का प्रकार निर्भर करता है। हरे और अधपके केले में कम शुगर होती है और इसमें ज्‍यादा रेसिस्‍टेंट स्‍टार्च होता है।

साइज़ से भी पड़ता है फर्क

केले के पके होने के अलावा उसके साइज़ भी शुगर की मात्रा निर्भर करती है। केला जितना बड़ा होगा उसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी उतनी ही ज्‍यादा होगी। इसका मतलब है कि बड़ा केला आपके ब्‍लड शुगर के लेवल पर ज्‍यादा असर करेगा।

  • ज्‍यादा छोटे केले (6 ईंच से कम) में 18.5 ग्राम कार्ब
  • छोटे केले (6 – 6.9 ईंच से लंबा) में 23 ग्राम कार्ब
  • मध्‍यम आकार (7-7.9 ईंच से लंबा) के केले में 27 ग्राम
  • बड़े केले (8-8.9 ईंच से लंबा) में 31 ग्राम
  • ज्‍यादा बड़े केले (9 ईंच से ज्‍यादा लंबा) में 35 ग्राम कार्ब होता है।

मधुमेह मरीज़ों के लिए केला सुरक्षित है ?

विशेषज्ञ डायबिटीज़ के मरीज़ों को फलों से युक्‍त डाइट लेने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि फल-सब्जियां सेहत के लिए अच्‍छी होती हैं और ये कैंसर और ह्रदय रोगों का खतरा कम करने में मदद करती हैं। मधुमेह के मरीज़ों में इन बीमारियों का खतरा ज्‍यादा होता है इसलिए उन्‍हें ज्‍यादा से ज्‍यादा अपनी डाइट में फल-सब्जियों को शामिल करना चाहिए।

केले में फाइबर, पोटाशियम, विटामिन बी6 और विटामिन सी होता है। साथ ही इसमें कुछ एंटीऑक्‍सीडेंट्स भी होते हैं।

लो कार्ब डाइट से मधुमेह को कंट्रोल किया जा सकता है। एक छोटे केले में भी लगभग 22 ग्राम कार्ब होता है जोकि आपके डाइट प्‍लान के लिए बहुत ज्‍यादा है। अगर आप केला खाना चाहते हैं तो इसके पके होने और साइज़ पर भी ध्‍यान दें। ये आपके ब्‍लड शुगर के स्‍तर पर पड़ने वाले प्रभाव को कम कर सकता है।

ईलायची और येलाकी केला

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आकार के कारण इस तरह के केलों को ईलायची का नाम दिया गया है। ऐसा नहीं है कि इस नाम वाले केलों में ईलायची का फ्लेवर होता है। ये स्‍वाद में सामान्‍य केलों की तुलना में ज्‍यादा मीठे होते हैं लेकिन इनका आकार हथेली से ज्‍यादा बड़ा नहीं होता है। सामान्‍य केलों की तुलना में आप ईलायची बनाना खा सकते हैं क्‍योंकि इसका साइज़ छोटा होता है और जैसा कि हमने पहले भी बताय कि केले के साइज़ से इसमें कार्ब की मात्रा भिन्‍न हो जाती है।

डायबिटीज़ में कैसे खाएं केला

  • मधुमेह के मरीज़ भी केले जैसे फल को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इन टिप्‍स को ध्‍यान में रखें :
  • शुगर की मात्रा कम रखने के लिए छोटे केले का सेवन करें।
  • पूरी तरह से पके हुए केले का सेवन ना करें क्‍योंकि इसमें शुगर की मात्रा थोड़ी कम होती है।
  • नट्स या फुल फैट योगर्ट के साथ केला खाना ज्‍यादा फायदेमंद रहता है क्‍योंकि ये पाचन को और शुगर के अवशोषण को धीमा कर देता है।

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