मधुमेह से बचने का ये है सबसे बेहतरीन उपाय, अब बच जाएगा मधुमेह का भविष्‍य

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कार्डियोग्राम बनाने वाले मेकर्स का कहना है कि उनकी ऐप हार्ट रेट डाटा को एनालाइज़ कर डायबिटीज़ और प्री डायबिटीज़ की शुरुआत में ही इसका पता लगा सकती है।

आमतौर पर कहा जाता है कि किसी व्‍यक्‍ति आदतों और उसके खानपान से ही उसके डायबिटीक होने का अंदाज़ा लगाया जा सकता है लेकिन ये इतना आसान नहीं है।

आपकी उम्र, वजन और डाइट से या इन तीनों चीज़ों को मिलाकर भी प्री डायबिटीज़ और डायबिटीज़ होने के बारे में पहले से ही नहीं बताया जा सकता है।

लेकिन आपके दिल की धड़कन आपके शरीर और संपूर्ण सेहत के बारे में जानकारी दे सकती है वरना डॉक्‍टर को तो डा‍यबिटीज़ और प्री डायबिटीज़ के बारे में जानने में सालों का समय लग सकता है।

क्‍या है डायबिटीज़ और प्री डायबिटीज़

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खाना खाने पर शरीर उस खाने को शुगर और ग्‍लूकोज़ में बदल देता है। इस समय अग्‍नाशय को इंसुलिन रिलीज़ करना होता है। कोशिकाओं को खोलने, ग्‍लूकोज़ के प्रवेश और ऊर्जा के लिए ग्‍लूकोज़ का प्रयोग करने में इंसुलिन अहम भूमिका निभाता है लेकिन डायबिटीज़ में ये क्रिया बाधित हो जाती है।

प्री डायबिटीज़

आमतौर पर शरीर में इंसुलिन नामक एक हार्मोन बनता है जोकि रक्‍त शर्करा को नियंत्रित रखने में मदद करता है। प्री डायबिटीज़ में ये क्रिया बाधित हो जाती है। इसमें खाना खाने के बाद भोजन शरीर में इंसुलिन नहीं बना पाता है या शरीर इंसुलिन को ठीक तरह से प्रतिक्रिया नहीं दे पाता है। प्री डायबिटीज़ की वजह से ह्रदय रोग और स्‍ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन जीवनशैली में कुछ बदलाव कर आप इस खतरे को कम कर सकते हैं।

ऐप की खूबी

एक दिन में दिल 102, 000 बार धड़कता है और ये आपके जीवन की हर चीज़ पर प्रतिक्रिया करता है – आप क्‍या खा रहे हैं, क्‍या एक्‍सरसाइज़ कर रहे हैं, तनाव है या खुश हैं। ये सब कुछ एक नई वीयरएबल टेक्‍नोलॉजी डिवाइस कार्डियोग्राम से पता लगाया जा सकता है।

गूगल टेक के पूर्व प्रमुख और कार्डियोग्राम के सह संस्‍थापक जॉनसन सियेह और ब्रैंडन बैलिंगर का कहना है कि ये ऐप आपके दिल की धड़कन के ज़रिए आपके संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में पूरी जानकारी दे सकती है। कंपनी के संस्‍थापक ने कहा कि हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि इस ऐप के ज़रिए मधुमेह के भविष्‍य को बदला जा सकता है।

कार्डियोग्राम, सैन फ्रांसिस्‍को और कैलिफोर्निया की यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 14,011 लोगों जिनमें डायबिटीज़ के मरीज़ और स्‍वस्‍थ लोगों की 200 मिलियन से भी ज्‍यादा हार्ट रेट को वर्तमान की फिटनेस ट्रैकिंग टेक्‍नोलॉजी जैसे कि फिटबिट और एप्‍पल वॉच के ज़रिए आंका।

ये ऐप कैसे करती है काम

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ये ऐप एल्‍गोरिदम की कॉम्‍प्‍लेक्‍स सीरीज़ का प्रयोग करती है। ये फिटबिट और अन्‍य फिटनेस ट्रैकिंग गैजेट से हार्ट बीट का डाटा लेकर आपकी सेहत के बारे में पूरी जानकारी देती है।

किसी भी बीमारी खासतौर पर डायबिटीज़ में ह्रदय की धड़कनें अहम भूमिका निभाती हैं। ब्‍लड शुगर के बढ़ने और डायबिटीज़ का पता चलने से पहले ही आपकी दिल की धड़कने से इस बीमारी का पूर्वानुमान किया जा सकता है। ह्रदय आपके पैंक्रियाज़ से ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्‍टम के ज़रिए जुड़ा होता है। जब कोई व्‍यक्‍ति डायबिटीज़ के शुरुआती चरण में होता है तो उसके हार्ट रेट में बदलाव आने लगता है।

हार्ट रेट में इसी बदलाव से आप व्‍यक्‍ति को होने वाली बीमारी के खतरे का पूर्वानुमान लगा सकते हैं।

हालांकि कार्डियोग्राम प्रीडिक्‍शन टेक्‍नोलॉजी पूरी तरह से ठीक नहीं है। ये मधुमेह के बारे में पूर्वानुमान लगाने में 85 प्रतिशत ही सक्षम है यानि की 15 प्रतिशत ये गलत हो सकती है।

इस ऐप के ज़रिए व्‍यक्‍ति को पहले से ही पता चल सकता है कि वो मधुमेह के खतरे पर है और इस तरह वो टाइप 2 डायबिटीज़ को बढ़ने या इसे होने से रोक सकते हैं।

मधुमेह की बीमारी का पता ना चल पाने की स्थि‍ति में ये बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और ऐसे में मरीज़ को रेटिनोपैथी तक हो सकती है। कार्डियोग्रमा ऐप बहुत पहले ही व्‍यक्‍ति को उसकी सेहत के बारे में सूचना दे देती है और इसके बारे में पता लगने के बाद आप सही समय पर ईलाज ले सकते हैं। ये ऐप हाइपरटेंशन, स्‍लीप एप्‍निया, हाई कोलेस्‍ट्रॉल में भी कारगर साबित होगी।

पहले ही डायबिटीज़ का पता लगने से इंसान लंबा और स्‍वस्‍थ जीवन जी सकता है।

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