डायबिटीज़ के मरीज़ों को बिना किसी नुकसान के इन चीज़ों से मिल सकता है प्रोटीन

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जर्नल नेचर में हाल ही में प्रकाशित हुई एक स्‍टडी में पाया गया है कि प्रोटीन की त्रि-आयामी संरचना संभवतः मधुमेह के इलाज में मदद कर सकती है। शोधकर्ताओं के अनुसार एंटी एजिंग प्रोटीन जैसे क्‍लोथो ओबेसिटी और कुछ तरह के कैंसर का ईलाज करने में भी मददगार है।

शरीर के सही तरीके से काम करने में पर्याप्‍त मात्रा में प्रोटीन लेना बहुत जरूरी होता है। प्रोटीन से शरीर में नए टिश्‍यूज बनते हैं और मांसपेशियों को बनने और उनकी मरम्‍मत होने में मदद मिलती है। प्रोटीन युक्‍त आहार लेने से शरीर में ब्‍लड शुगर लेवल और कोलेस्‍ट्रॉल बेहतर होता है। आपको ऐसे प्रोटीन का सेवन करना चाहिए जिसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो और इस तरह आप अपने शरीर में ब्‍लड शुगर के स्‍तर को नियंत्रित कर सकते हैं।

प्रोटीन और डायबिटीज़

शरीर को एनर्जी देने वाले तीन प्रमुख माइक्रो न्‍यूट्रिएंट्स में से एक प्रोटीन भी है। इसके अलावा कार्बोहाइड्रेट और फैट है। प्रोटीन हमारे शरीर की प्रत्येक कोशिका के घटक का एक हिस्सा है और लगभग हमारे शरीर के वजन का एक छठा हिस्सा है।

प्रोटीन और ब्‍लड ग्‍लूकोज़

शरीर के विकास के लिए प्रोटीन ग्‍लूकोज़ में टूट जाता है और एनर्जी के लिए इसका इस्‍तेमाल होता है, इस प्रक्रिया को ग्‍लूकोनिओजेनेसिस कहते हैं। प्रोटीन को शरीर के अंदर ग्लूकोज में तोड़ा जा सकता है और अगर आप कम कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन कर रहे हैं तो इसका प्रभाव अधिक होने की संभावना है। कार्बोहाइड्रेट की तुलना में प्रोटीन थोड़ी धीमी गति से ग्‍लूकोज़ बनाता है। परिणामस्‍वरूप, रक्त ग्लूकोज के स्तर पर प्रोटीन का कोई भी प्रभाव खाने के बाद कुछ घंटों बाद या कई घंटे के बीच होता है।

टाइप 1 डायबिटीज़ या टाइप 2 डायबिटीज़ और इंसुलिन लेने वाले लोग प्रोटीनयुक्‍त भोजन लेते समय इसके प्रभाव के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। बेहतर होगा कि आप जान लें कि इस तरह की डाइट आपके शरीर पर क्‍या असर करेगी ताकि आप सही मात्रा में इंसुलिन ले सकें।

आज हम आपको कुछ ऐसे प्रोटीनयुक्‍त फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिनमें सैचुरेटेड फैट और कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है। इन सुपरफूड्स को डायबिटीज़ के मरीज़ बिना किसी चिंता के खा सकते हैं।

मांस और मछली

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मछली, प्रोटीन का उत्तम स्रोत मानी जाती है खासतौर पर डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए। साल्‍मन में हैल्‍दी ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जोकि आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहतरीन माना जाता है। मछली को मधुमेह मरीज़ों के लिए और ज्‍यादा फायदेमंद बनाने के लिए इसे फ्राई करने की जगब बेक या ग्रिल करके खाएं। सीफूड भी आपके लिए फायदेमंद होता है। इसके फाइबर भी होता है जोकि मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।

डेयरी प्रॉड्क्‍ट्स

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डेयरी प्रॉडक्‍ट्स कैल्शियम और प्रोटीन का उत्तम स्रोत होते हैं। हालांकि, इन्‍हें खाने से पहले आपको इनमें मौजूद कैलोरी और सैचुरेटेड फैट की मात्रा को भी जान लेना चाहिए। हमेशा रिड्यूस्‍ड फैट मिल्‍क और प्‍लेन फैट योगर्ट लें। इनमें थोड़ा बदलाव करके भी ले सकते हैं।

प्‍लांट प्रोटीन

डायबिटीज़ की डाइट में प्‍लांट बेस्‍ड प्रोटीन का सबसे उत्तम स्रोत बींस होते हैं। इसके अलावा दालें, मटर, छोले भी खा सकते हैं।

ध्‍यान रखें

मीट प्रोटीन में कार्बोहाइड्रेट नहीं होता है और इससे आपका ब्‍लड शुगर लेवल नहीं बढ़ेगा लेकिन प्रोटीन के कई स्रोतों में कार्बोहाइड्रेट के साथ-साथ प्रोटीन भी होता है, इस वजह से आपको इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले सोच लेना चाहिए।

जैसे कि दूध, डेयरी प्रोडक्‍ट्स, बींस और दालों और नट्स में प्रोटीन के साथ-साथ कार्बोहाइड्रेट भी होता है। एक मील में आपको 45 ग्राम से 60 ग्राम तक कुल कार्बोहाइड्रेट का सेवन करना चाहिए। प्रोटीन के इन प्रत्‍येक स्रोमत में 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है : एक आधे कप बींस, दो तिहाई कप प्‍लेन नॉन फैट योगर्ट और एक आधा कप दाल में 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। इस प्रत्‍येक प्रोटीन फूड में तीन आउंस कार्बोहाइड्रेट होता है। 1 प्रतिशत कॉटेज चीज़ में 2.3 ग्राम, उबले हरे सोयाबीन में 10 ग्राम और उबले काले चने में 2; ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है।

मधुमेह में रोज़ कितने प्रोटीन की है जरूरत

लगभग 45 से 50 प्रतिशत कैलोरी आपको कार्बोहाइड्रेट युक्‍त फूड्स खाने से मिल जाती है और बाकी फैट से मिलती है। एक व्‍यक्‍ति को दिन में 2,000 कैलोरी और 75 से 100 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।

किसे कितने प्रोटीन की है जरूरत

1 से 3 साल : 15 ग्राम

4 से 6 साल : 20 ग्राम

7 से 10 साल : 28 ग्राम

11 से 14 साल : 42 ग्राम

15 से 18 साल : 55 ग्राम

19 से 50 साल : 55 ग्राम

50 साल से ऊपर : 53 ग्राम

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