मिल रहे हैं ये संकेत तो आपको होने वाला है डायबिटीज़

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डायबिटीज़ की बीमारी में शरीर इंसुलिन बनाने की क्षमता खो देता है या फिर इंसुलिन नामक हार्मोन को प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है। इस वजह से मेटाबॉलिज्‍म खाने को पचा नहीं पाता है और रक्‍त में ग्‍लूकोज़ का स्‍तर बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है। डायबिटीज़ की वजह से शरीर की कई क्रियाएं और अंग बिगड़ने लगते हैं।

कोई भी बीमारी होने से पहले आपको अपने शरीर में कुछ बदलाव या यूं कहें कि उसके लक्षण दिखाई देते हैं। अगर आप इन लक्षणों को शुरुआत में ही पहचान लेते हैं तो आप उस बीमारी को बढ़ने से रोक सकते हैं और समय पर उसका उपचार हो सकता है।

आइए जानते हैं कि मधुमेह की बीमारी होने से पहले किस तरह के संकेत मिलते हैं।

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  • मधुमेह के शुरुआती लक्षणों में से एक है ब्‍लड शुगर के स्‍तर का बढ़ना और यूरिन में ग्‍लूकोज़ का घटना। यूरिन में ग्‍लूकोज़ की उच्‍च मात्रा होने के कारण बार-बार पेशाब आने लगता है जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है।
  • डिहाइड्रेशन की वजह से प्‍यास ज्‍यादा लगने लगती है और ज्‍यादा पानी पीते हैं।
  • इंसुलिन के कम होने या असंतुलन होने पर वजन कम होने लगता है।
  • भूख ज्‍यादा लगने के बावजूद भी मधुमेह में वजन घटने लगता है।
  • कुछ मधुमेह से ग्रस्‍त लोगों ने बहुत जल्‍दी थकावट म‍हसूस होने की शिकायत भी की है। अगर आपको भी बहुत ज्‍यादा थकान महसूस होती है तो हो सकता है कि आपको डायबिटीज़ हो गई है।
  • अगर समय पर डायबिटीज़ का ईलाज ना किया जाए तो ऐसे में व्‍यक्‍ति को जी मितली या उल्‍टी होने की समस्‍या का सामना करना पड़ता है।
  • मधुमेह के कारण मूत्राशय, त्‍वचा और जनांगों जैसी जगहों पर संक्रमण जल्‍दी फैलने लगता है।
  • रक्‍त शर्करा की अस्थिरता की वजह से आंखों की रोशनी कमज़ोर होने लगती है। अगर अचानक से आपकी आंखों की रोशनी कम हो गई है तो ये मधुमेह का संकेत हो सकता है।
  • ग्‍लूकोज़ लेवल के बढ़ने पर आलस महसूस होता है और ग्‍लूकोज़ के स्‍तर के बढ़ने की वजह से व्‍यक्‍ति कोमा में भी जा सकता है।

खुद कैसे करें पता

  • कई लोगों को पता नहीं होता कि उन्‍हें मधुमेह की बीमारी है। ऐसा डायबिटीज़ के शुरुआती स्‍तर में ज्‍यादा होता है जब लक्षण साफ दिखाई नहीं देते हैं।
  • ब्‍लड टेस्‍ट करवाने के अलावा ऐसा कोई और तरीका नहीं है जिससे आप डायबिटीज़ की बीमारी का पता लगा सकें। ब्‍लड टेस्‍ट के ज़रिए ब्‍लड ग्‍लूकोज़ के स्‍तर की जांच की जाती है जिससे पता चलता है कि आपको डायबिटीज़ है या नहीं।
  • अगर आपको उपरोक्‍त बताए गए कोई भी लक्षण स्‍वयं में दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें वरना ये बीमारी बिना ईलाज के और भी घातक हो सकती है।

किस वजह से होता है डा‍यबिटीज़

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टाइप 1 डायबिटीज़ की तुलना में टाइप 2 डायबिटीज़ के कारणों का ज्‍यादा अच्‍छे तरीके से पता लगाया गया है। टाइप 1 डायबिटीज़ के कारण पूरी तरह से अब तक स्‍पष्‍ट नहीं हो पाए हैं। परिवार में किसी सदस्‍य के मधुमेह से ग्रस्‍त होने पर टाइप 1 डायबिटीज़ का खतरा रहता है। इसके अलावा अग्‍नाशय में किसी प्रकार का संक्रमण या रोग भी इसका कारण हो सकता है।

टाइप 2 डायबिटीज़ और प्री डायबिटीज़ होने के कई कारण हैं। जानिए कि किन खास वजहों से टाइप 2 डायबिटीज़ होने का खतरा रहता है।

  • अधिक वजन और ओवरवेट होने पर।
  • एक रिसर्च के अनुसार ज्‍यादा माउथवॉश के प्रयोग से भी मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।
  • उच्‍च रक्‍तचाप
  • टाईग्‍लिसराइड के बढ़ने और एचडीएल यानि गुड कोलेस्‍ट्रॉल के घटने पर
  • आधुनिक और अनियमित जीवनशैली
  • कम नींद लेने की वजह से
  • आनुवांशिक बीमारी
  • बढ़ती उम्र
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम
  • ग्‍लूकोज़ की सहनशीलता में कमी
  • इंसुलिन की असंवेदनशीलता
  • गर्भावस्‍था के दौरान गर्भकालीन मधुमेह
  • अत्‍यधिक धूम्रपान करने के कारण

कैसे बच सकते हैं

मधुमेह हो गया है या इससे बचने के लिए अपने आहार में साबुत अनाज शामिल करें और रोज़ बादाम का सेवन करें। डायबिटीज़ के मरीज़ों को चाय पीने से भी फायदा होता है और सबसे जरूरी बात इन्‍हें नियमित व्‍यायाम और योग करना चाहिए।

आपको बता दें कि मधुमेह में डिप्रेशन भी होने लगता है। इसके अलावा दिमाग को स्‍वस्‍थ रखने के लिए मधुमेह रोगी कुछ सुपरफूड भी खा सकते हैं जिनमें मेथीदाना, करेला, जामुन, अमरूद और हल्‍दी शामिल है।

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