इस तरह मधुमेह की बीमारी में भी पी सकते हैं प्रोटीन शेक

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मधुमेह को डायबिटीज़ मेलिटस भी कहा जाता है। आजकल सेहत संबंधी समस्‍याओं में मधुमेह सबसे आम बीमारी बनती जा रही है। मधुमेह के मुख्‍य रूप से दो प्रकार हैं जिसमें एक है टाइप 1 डायबिटीज़, इसमें शरीर में इंसुलिन का उत्‍पादन करने वाली प्रक्रिया बाधित होती है और दूसरा है टाइप 2 डायबिटीज़ जिसमें शरीर में पर्याप्‍त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता है या जो इंसुलिन बनता है वो ठीक तरह से काम नहीं कर पाता है।

मधुमेह के सबसे सामान्‍य लक्षणों में थकान लगना, वजन में कमी आना, बार-बार प्‍यास लगना, बार-बार मूत्र लगना, आंखों में कमज़ोरी आना या घाव होकर ठीक हो जाना आदि शामिल हैं।

आप जो भी खाते हैं उसका सीधा असर आपके ब्‍लड शुगर के स्‍तर पर पड़ता है। खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट ब्‍लड शुगर के लेवल को बढ़ा सकता है। जो फूड पचने में समय लगाते हैं उनसे ब्‍लड शुगर का स्‍तर धीमी गति से बढ़ता है जोकि मधुमेह के रोगियों के लिए मददगार साबित होता है। कार्बोहाइड्रेट की जगह डायबिटीज़ के मरीज़ों को फाइबरयुक्‍त आहार लेना चाहिए।

कुछ लोग मधुमेह की बीमारी से बचने या इसे नियंत्रित करने के लिए शारीरिक व्‍यायाम करते हैं और इसके बाद उन्‍हें प्रोटीन शेक की जरूरत होती है लेकिन क्‍या आपको पता है कि प्रोटीन शेक कितने प्रकार के होते हैं और इनमें से कौन सा प्रोटीन शेक आपके लिए फायदेमंद है।

तो चलिए जानते हैं प्रोटीन शेक के बारे में…

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प्रोटीन पाउडर बेस्‍ड शेक

अगर आप मधुमेह की बीमारी में प्रोटीन शेक पीना चाहते हैं तो सबसे बेहतर होगा कि आप घर पर बना प्रोटीन शेक ही पीएं। घर पर बने बेवरेज ही सबसे बेहतर माने जाते हैं। बाज़ार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर में आर्टिफिशियल स्‍वीटनर और अनावश्‍यक केमिकल्‍स होते हैं। इससे बचने के लिए पहले प्रोटीन पाउडर का लेबल जरूर देख लें।

रेडी टू ड्रिंक प्रोटीन शेक

मधुमेह के मरीज़ों के लिए बेहतर रेडी टू ड्रिंक प्रोटीन शेक चुनने के लि सबसे पहले उसमें शुगर की मात्रा पर ध्‍यान दें। ऐसा प्रोटीन शेक ना चुनें जिसमें एडेड शुगर हो। कुछ रेडी टू ड्रिंक शेक में 30 और इससे ज्‍यादा ग्राम की मात्रा में एडेड शुगर होता है।

मधुमेह के मरीज़ों को हमेशा अपने ड्रिंक में अपना स्‍वीटनर मिलाना चाहिए ताकि ये उनके शरीर में शुगर की मात्रा को बढ़ने ना दे। मधुमेह के मरीज़ों को अपने लिए शेक चुनते समय उसमें प्रयोग की गई सामग्री पर जरूर ध्‍यान दें। कई प्रोटीन शेक में आर्टिफिशियल स्‍वीटनर, रिफाइंड ऑयल, आर्टिफिशियल कलर और फ्लेवर होते हैं। ऐसी चीज़ों से बना प्रोटीन शेक बिलकुल ना लें।

इस बात का रखें ध्‍यान pro 3

अगर किसी डायबिटीज़ के मरीज़ को किडनी की प्रॉब्‍लम भी है तो आपको अपने खाने में प्रोटीन की मात्रा को सीमित कर देना चाहिए।

किडनी संबंधी किसी समस्‍या से  ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति को अपने शरीर के भार के अनुसार एक दिन में प्रति किलोग्राम का 2 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। इसका शरीर पर कोई हानिकारक असर नहीं होता है। हालांकि, 2.5 ग्राम या इससे ज्‍यादा मात्रा में प्रोटीन आपके शरीर को निम्‍न नुकसान पहुंचा सकता है :

  • डिहाइड्रेशन
  • थकान
  • कैलोरी की मात्रा का बढ़ना
  • यूरिन में कैल्शियम ज्‍यादा आना

कितनी मात्रा में है प्रोटीन की जरूरत

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एक दिन में महिलाओं को 46 ग्राम और पुरुषों को 56 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन शेक पीना ज्‍यादा आसान होता है लेकिन मधुमेह के मरीज़ों के लिए हमेशा प्रोटीन शेक का सेवन स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसकी जगह आप कुछ फलों के रस का सेवन कर सकते हैं।

खुद बनाएं ये प्रोटीन शेक

आप खुद घर पर ही प्रोटीन शेक बना सकते हैं जैसे कि, एक केले को ब्‍लेंड कर लें और आधा कप स्‍ट्रॉबेरी, बादाम, आधा कप टोफू और 1 कप नॉन फैट मिल्‍क और आईस लें। इस शेक में 15 ग्राम प्रोटीन, 35 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 255 कैलोरी होगी। इसमें थोड़ा फैट मिलाने के लिए आप इस शेक में पीनट बटर भी डाल सकते है। इससे शेक को पचाने में आसानी होती है और आपका ब्‍लड शुगर का स्‍तर भी बेहतर होगा।

पीनट बटर और जैली प्रोटीन शेक

रेगुलर पीनट बटर और जैली मधुमेह मरीज़ों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। सैंडविच में इसका प्रयोग करने की जगह आप इसे प्रोटीन शेक में मिलाकर पी सकते हैं। इसे प्रोटीन का ट्रिपल डोज़ देता है।

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