डायबिटीज़ में ब्‍लड शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं ऑनलाइन गेम

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कुछ समय पहले हुई एक रिसर्च में ये खुलासा हुआ है कि ऑनलाइन गेम खेलने से मधुमेह के मरीज़ों में रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

इस अध्‍ययन में डायबिटीज़ से ग्रस्‍त 456 उन मरीज़ों को शामिल किया गया था जिनमें दवाओं के सेवन के बावजूद ब्‍लड शुगर का स्‍तर असंतुलित था। इनमें से आधे लोगों को 6 महीने तक ऑनलाइन डायबिटीज़ एजुकेशन गेम खेलने को कहा गया। अन्‍य लोगों को नागरिक शिक्षा एजुकेशन गेम खेलने के लिए कहा गया।

बॉस्‍टन के ब्रिगह्म एंड वुमेंस हॉस्‍पीटल के डॉक्‍टर बी प्राइस केरफूट ने बताया कि इस गेम के अंतर्गत मरीज़ों को दिनभर में थोड़ा समय ऑनलाइन गेम खेलने के लिए कहा गया। इसका प्रतिभागियों की सेहत पर अनुकूल प्रभाव पड़ा।

डायबिटीज़ गेम में ब्‍लड शुगर कंट्रोल, एक्‍सरसाइज़, लंबे समय तक रहने वाली समस्‍याओं, दवाओं और न्‍यूट्रीशियन के बारे में सवाल पूछ गए। सप्‍ताह में दो बार प्रतिभागियों को ईमेल और मोबाइल एप के ज़रिए सवाल पूछे जाते थे।

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इन सवालों का जवाब देने के बाद मरीज़ों को सही जवाब और उसका विवरण दिया गया। सही जवाब के लिए प्रतिभागियों को प्‍वाइंट मिलते थे और उनकी लोकेशन के अनुसार ही उन्‍हें टीम में बांटा गया था। लीडर बोर्ड पर प्रति व्‍यक्‍ति और टीम का स्‍कोर लिखा जाता था।

इस स्‍टडी के शुरु होने से पहले प्रतिभागियों के एचबीए1सी के स्‍तर की जांच की गई और फिर 6 से 12 महीने के बाद दोबारा ये जांच की गई।

गेम ग्रुप के लोगों का एचबीए1सी लेवल 0.74 प्रतिशत था जबकि कंट्रोल ग्रुप का लेवल 0.44 था।

एक साल के अंतर्गत जिन मरीज़ों के एचबीए1सी लेवल ज्‍यादा था उनमें एक साल के बाद इसके स्‍तर में कमी दर्ज की गई। जिन मरीज़ों में डायबिटीज़ अनियंत्रित थी उनमें एचबीए1सी के स्‍तर में कमी पाई गई।

इसके बावजूद तय की गई सीमा से ब्‍लड शुगर लेवल नहीं पहुंच पाया था। शोधकर्ता ने बताया कि ब्‍लड शुगर के लेवल को संतुलित करने के लिए मरीज़ों को खुद कोई मजबूत कदम उठाना पड़ेगा जिससे लंबे समय तक उन्‍हें फायदा मिल सके।

मधुमेह की बीमारी में ब्‍लड शुगर का स्‍तर असंतुलित और अनियंत्रित रहता है। हालांकि, जीवनशैली में कुछ बदलाव और आहार में कुछ चीज़ों को शामिल कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

आइए जानते हैं कि ब्‍लड शुगर के स्‍तर को संतुलित रखने के लिए आपको कैसी डाइट लेनी चाहिए।

कच्‍चा, पका हुआ और रोस्‍टेड सब्जियां

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लो कार्ब सब्जियां जैसे मशरूम, प्‍याज़, टमाटर, स्‍प्राउट्स और लो कार्ब स्‍क्वैश जैसे जुकिनी आदि का सेवन करें।

हरी सब्जियां

सामान्‍य सलाद की जगह पालक और चर्ड आदि का सैलेड खाएं। ये ज्‍यादा स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक, स्‍वादिष्‍ट और लो कार्ब होती हैं। ओवन में ऑलिव ऑयल के साथ रोस्‍ट केल की पत्तियां खा सकते हैं। इसमें आप और कई तरह की हरी सब्जियां भी डाल सकते हैं। इसे साल्‍मन फिश के साथ खाया जा सकता है।

लो कैलोरी ड्रिंक

वैसे तो सादा पानी सबसे बेहतर रहता है लेकिन आप फलों और सब्जियों का रस भी पी सकते हैं। पानी में नीबू और खीरा काटकर डालें और इसमें बर्फ के कुछ टुकड़े डालें। इससे एक नया फ्लेवर बनकर तैयार होगा। अगर आपको गर्म चाय पसंद नहीं है तो आपको कोल्‍ड टी और लेमन या दालचीनी की चाय पी सकते हैं। ये ना केवल लो कार्ब हैं बल्कि इन्‍हें पीने से आप अपनी भूख पर भी लगाम लगा सकेंगें।

साबुत अनाज और फाइबर्स

रोज़ साबुत अनाज युक्‍त खाद्यों जैसे जौ, ब्राउन राइस, बाजरा, दलिया और राई का सेवन करने से वजन कम होता है और इसके साथ ही ह्रदय रोग और मधुमेह का खतरा भी कम रहता है। आपको अपने आहार में फाइबरयुक्‍त चीज़ें भी शामिल करनी चाहिए। मधुमेह से बचने और वजन को कम करने के लिए लोगों को अपने आहार में साबुत अनाज को शामिल करना चाहिए। जिन लोगों में कार्डियोवस्‍कुलर रोग और टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा ज्‍यादा हो उन्‍हें इस आहार का सेवन जरूर करना चाहिए।

अगर मधुमेह के रोगी फल-सब्जियों का सही मात्रा में सेवन करें और अपनी जीवनशैली में शारीरिक व्‍यायाम को शामिल करें तो वो बड़ी आसानी से टाइप 1 डायबिटीज़ और टाइप 2 को मात दे सकते हैं। काफी हद तक डाइट का मधुमेह से संबंध है। कुछ चीज़ें मधुमेह में फायदा पहुंचाती हैं तो कुछ नुकसान देती हैं। इसलिए डॉक्‍टर से सलाह लेने के बाद ही मधुमेह मरीज़ों को अपना डाइट चार्ट बनाना चाहिए।

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