डायबिटीज़ से बचना है तो लाइफस्‍टाइल में करें ये जरूरी बदलाव

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शरीर में रक्‍त शर्करा के स्‍तर के बढ़ जाने से अनेक तरह की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं जन्‍म लेने लगती हैं। इस वजह से सबसे ज्‍यादा डायबिटीज़ का खतरा रहता है। आजकल लोगों को 20 की उम्र में ही मधुमेह की बीमारी अपना शिकार बना रही हैं। इतनी कम उम्र में डायबिटीज़ का प्रमुख कारण मॉडर्न लाइफस्‍टाइल है। मॉडर्न लाइफस्‍टाइल में लोग फास्‍टफूड ज्‍यादा खाते हैं और शारीरिक व्‍यायाम ना के बराबर करते हैं।

मॉडर्न जीवनशैली को हम घर से लेकर ऑफिस तक में फॉलो करते हैं जबकि इसके कई नुकसान हमारी सेहत को भुगतने पड़ रहे हैं जिन्‍हें नज़रअंदाज़ करना बेहद खतरनाक है।

बेहतर होगा कि परिस्थिति के बिगड़ने स पहले आप अपने शरीर में ग्‍लूकोज़ के स्‍तर को संतुलिन रखना शुरु कर दें। मधुमेह से बचने के लिए अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव लाने की जरूरत है। इनका फायदा ना आपको केवल मधुमेह से बचने में होगा बल्कि पूरी तरह से आप स्‍वस्‍थ जीवन जी पाएंगें।

तो चलिए जानते हैं कि मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारी से बचने के लिए आपको जीवनशैली में क्‍या बदलाव करने चाहिए।

वजन करें कंट्रोल

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डायबिटीज़ से बचने के लिए शरीर पर जमी अतिरिक्‍त चर्बी को घटाने की जरूरत है। वजन घटाने से रक्‍त शर्करा के स्‍तर को घटाने में मदद मिलती है। डाय‍टीशियन या फिटनेस ट्रेनर की मदद से आप कम समय में अपना मोटापा कम कर सकते हैं। अगर आप वजन कम कर रहे हैं या डायबिटीज़ को कंट्रोल रखने की कोशिश कर रहे हैं तो ऐसे में आपको फाइबर की बहुत जरूरत होती है।

काम करते रहें

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आधुनिक जीवनशैली की देन है टाइप 2 डायबिटीज़। मांसपेशियों की कसरत करने या उनसे ज्‍यादा मेहनत करवाने से उनकी इंसुलिन प्रयोग करने की क्षमता बेहतर हो पाती है और वो ग्‍लूकोज़ बना पाती हैं। इससे इंसुलिन उत्‍पादन वाली कोशिकाओं पर कम दबाव पड़ता है। फिट रहने के लिए नियमित व्‍यायाम जरूरी है।

ग्‍लूकोज़ लेवल की जांच करते रहें

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व्रत के दौरान ब्‍लड शुगर लेवल अपने आप ही 100 तक पहुंच जाता है। ऐसे में आपको डॉक्‍टर द्वारा बताई गई रेंज में ब्‍लड शुगर लेवल को रखना है। अपने ब्‍लड शुगर लेवल की जांच करते रहें और इसके बढ़ने और घटने का भी रिकॉर्ड रखें।

डाइट से परिष्‍कृत कार्बोहाइड्रेट और शुगर को हटाएं

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चीनीयुक्‍त खाद्य और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से आप मधुमेह के शिकंजे में आ सकते हैं। आपका शरीर बहुत जल्‍दी इन खाद्यों को ग्‍लूकोज़ में बदल देता है जोकि बाद में रक्‍त में घुल जाता है। इस वजह से तुरंत ब्‍लड शुगर का स्‍तर बढ़ जाता है। बाद में ग्‍लूकोज़ अग्‍नाश्‍य को इंसुलिन बनाने का संकेत देता है। इंसुलिन शुगर को अवशोषित करने वाला हार्मोन है। अपने आहार से परिष्‍कृत कार्बोहाइड्रेट और शुगर युक्‍त खाद्यों को हटाएं और उसमें फाइबरयुक्‍त चीज़ों को शामिल करें।

बेहतर नींद भी है जरूरी

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अनिद्रा या बेहतर नींद ना ले पाने की स्थिति में भूख ज्‍यादा लगने लगती है और इस वजह से आपका वजन बढ़ सकता है या अन्‍य कोई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या हो सकती है। मधुमेह से ग्रस्‍त रोगियों को रोज़ बेहतर नींद लेनी चाहिए और संतुलित ग्‍लूकोज़ लेवल को बनाए रखने की कोशिश करें। हाल ही में हुए एक अध्‍ययन में यह बात सामने आई है कि निर्धारित एवं सही समय पर सोने का सेहत पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है। जो लोग रातभर जागते हैं या रात को देर से सोते हैं उन्‍हें सुबह जल्‍दी उठने वाले लोगों की तुलना में सेहत संबंधित परेशानियां ज्‍यादा रहती हैं।

तनाव रखें दूर

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तनाव और मधुमेह, ये दोनों अगर एकसाथ मिल जाएं तो व्‍यक्‍ति को मौत तक पहुंचा सकते हैं। बहुत ज्‍यादा तनाव लेने से ग्‍लूकोज़ का स्‍तर बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है। 15 मिनट तक रिलैक्‍स हाकर बैठ जाएं। इससे तनाव के स्‍तर में कमी आती है। ध्‍यान और योग से भी लाभ होगा। संतुलित आहार और शांत दिमाग और क्रियाशील जीवनशैली से मधुमेह जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।

धूम्रपान से रहें दूर

SYDNEY, AUSTRALIA - AUGUST 01: In this photo illustration a man smokes on August 1, 2013 in Sydney, Australia. In a plan announced today, the government will increase the excise on tobacco by 12.5 per cent annually over the next four years, raising over AUD$5 billion. The hike is estimated to increase the cost of cigarettes by AUD$5 by 2016, and is the first increase in the tobacco excise since 2010. (Photo by Cameron Spencer/Getty Images)

धूम्रपान का असर कार्डियोवस्‍कुलर और हार्मोंस के स्‍त्राव पर पड़ता है जिसके परिणामस्‍वरूप मधुमेह का खतरा काफी ज्‍यादा बढ़ जाता है। धूम्रपान छोड़कर मधुमेह के खतरे को तो कम किया जा ही सकता है साथ ही इससे आप स्‍वस्‍थ भी रहते हैं इसलिए धूम्रपान किसी भी तरह से सेहत के लिए फायदेमंद नहीं है।

अगर आप अपने मॉडर्न लाइफस्‍टाइल में इन बातों का ध्‍यान रखें तो आप केवल डायबिटीज़ ही नहीं बल्कि इसके जैसी अनेक घातक बीमारियों से बच सकते हैं। तो कल से नहीं बल्कि आज से ही अपने लाइफस्‍टाइल में उपरोक्‍त बताए गए बदलाव की शुरुआत कर दें ताकि जितना जल्‍दी हो सके आपको ऐसी जानलेवा बीमारियों से निजात मिल सके।

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