डायबिटीज़ की वजह से दांतों पर पड़ रहे नुकसान को ऐसे पहचानें

oral

image source

मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जिसका दुष्‍प्रभाव पूरे शरीर को झेलना पड़ता है। मधुमेह का असर आंखों की रोशनी पर पड़ता है तो वहीं इससे डिप्रेशन और अन्‍य कई तरह की बीमारियां होने का भी खतरा बढ़ जाता है।

आपने अब तक मधुमेह से ह्रदय रोग, अवसाद, घाव होने और आंखों की रोशनी के कमज़ोर होने के बारे में ही सुना होगा लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि डायबिटीज़ का असर दांतों की सेहत पर भी पड़ता है। जी हां, ये सच है कि मधुमेह अपना असर शरीर के बाकी हिस्‍सों पर तो डालता है लेकिन दांतों को भी ये नुकसान पहुंचाता है।

मधुमेह में दांतों से संबंधित रोग या मुंह में किसी अन्‍य तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। यहां तक कि 10 में से 5 मामलों में टाइप 2 डायबिटीज़ की वजह से मरीज़ को अपने सारे दांत ही खोने पड़े हैं। बच्‍चों में टाइप 1 डायबिटीज़ होता है और इस उम्र में दांतों से संबंधित परेशानियां अधिक रहती हैं।

अगर आप मधुमेह जैसे साइलेंट किलर से बचना चाहते हैं तो अपनी जीवनशैली में योग और व्‍यायाम को शामिल करें। डायबिटीज़ हो भी गया है तो इससे दांतों को बचाने के लिए अपने ब्‍लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखें, दांतों की नियमित सफाई का ध्‍यान रखें और नियमित डेंटिस्‍ट के पास जांच के लिए जाते रहें।

जैसा कि हमने पहले भी बताया कि मधुमेह शरीर के बाकी हिस्‍सों की तरह मुंह की सेहत को भी नुकसान पहुंचाती है। इसकी वजह से दांतों से संबंधित कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।

आइए जानते हैं कि मधुमेह के कारण दांतों से संबंधित किस तरह की बीमारियां होने का खतरा रहता है।

मसूड़ों की बीमारी

1

image source 2

ब्रश करते समय दांतों से खून आना मसूड़ों से संबंधित बीमारी का पहला संकेत है। इस समस्‍या के अधिक गंभीर होने पर दांतों को सपोर्ट करने वाली हड्डी टूट सकती है और इस वजह से पूरा दांत ही खराब हो सकता है। ठीक तरह से दांतों को साफ कर, ब्रश और फ्लॉसिंग के साथ-साथ डाइट और फल-सब्जियों के सेवन से इस समस्‍या को ठीक किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि रक्‍त शर्करा के स्‍तर के अनियंत्रित होने पर मसूड़ों के रोग की स्थिति और भी ज्‍यादा बदतर हो सकती है। इसलिए जितना हो सके दांतों की नियमित सफाई रखें और ब्‍लड शुगर की जांच करवाते रहें।

मुंह में सूखापन

2

image source 3

कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि मधुमेह में मुंह में सलाईवा कम बनता है और इस वजह से ज्‍यादा प्‍यास लगने लगती है। मधुमेह के एक लक्षण में ज्‍यादा प्‍यास लगना भी शामिल है। दवाओं और ब्‍लड शुगर लेवल के बढ़ने की वजह से भी प्‍यास ज्‍यादा लगती है। फलों के रस और पानी का सेवन कर मुंह में सूखेपन की समस्‍या से निपटा जा सकता है। आप शुगर रहित गम या कोई भी सेहतवर्द्धक चीज़ खा सकते हैं जिससे मुंह में सलाईवा बनता रहे। कुछ भी खाने के बाद कुल्‍ला करना ना भूलें वरना इससे दांतों में कैविटी हो जाएगी।

स्‍वाद में बदलाव

3

image source 4

मधुमेह के कारण हो सकता है कि आपको अपनी पसंदीदा चीज़ों का पहले जैसा स्‍वाद ना आता हो। अगर आपको ऐसा ल रहा है तो अलग-अलग स्‍वाद वाली चीज़ों का टेस्‍ट करें। अपने पसंदीदा खाने में कुछ बदलाव कर या उसे मसालेदार बनाकर टेस्‍ट करें। बस,  अपने खाने में चीनी की मात्रा कम रखें। इससे ना केवल आपकी डाइट की क्‍वालिटी खराब होगी बल्कि दांतों में भी कैविटी हो जाएगी। अगर आपको किसी खाने का पहले जैसा स्‍वाद नहीं आ रहा है तो दंत विशेषज्ञ या डॉक्‍टर से संपर्क करें।

संक्रमण

मधुमेह का असर आपके प्रतिरक्षा तंत्र पर भी पड़ता है और इस वजह से आप जल्‍दी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। मधुमेह रोगियों में दांतों के रोगों में सबसे सामान्‍य है यीस्‍ट इंफेक्‍शन या ओरल थ्रश। इसमें मुंह के सलाईवा में शुगर की मात्रा अधिक पाई जाती है और इस वजह से जीभ और गालों के अंदर सफेद रंग की एक परत सी चढ़ जाती है। मुधमेह की बीमारी में बादाम का सेवन करना भी लाभकारी रहता है। अगर आपने दांतों में तार पहना हुआ है या आपको बैड टेस्‍ट की दिक्‍कत है तो आपको संक्रमण होने का खतरा ज्‍यादा है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें।

घाव का धीरे से भरना

5

image source 6

मधुमेह के कारण मुंह के अंदर अपने आप कहीं कट लग सकता है। यह भी मधुमेह का एक लक्षण है। ब्‍लड शुगर को कंट्रोल ना करने से ऐसे घाव जल्‍दी और ठीक तरह से भर सकते हैं। अगर आपको मुंह के अंदर ऐसा कुछ लग रहा है तो बिना कोई देर किए दंत विशेषज्ञ से सलाह लें। ऐसी स्थिति में अपनी डाइट में साबुत अनाज शामिल करें।

Read Source

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *