मेथी के लड्डुओं से डायबिटीज़ के मरीज़ों को होते हैं ये चमत्‍कारिक फायदे

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भारत में हर घर की रसोई में मेथीदाना जरूर होता है। सदियों से इसका प्रयोग खाने और घरेलू नुस्‍खों में किया जाता रहा है। कुछ लोग मेथीदाने का प्रयोग इसके औषधीय गुणों के कारण करते हैं तो कुछ अपने खाने में स्‍वाद बढ़ाने के लिए मेथीदाना डालते हैं। हर मौसम में शरीर को मेथी के प्रयोग से लाभ मिलता है।

वैसे तो मेथी के कई लाभ हैं किंतु इसका सबसे महत्‍वपूर्ण फायदा है कि ये मधुमेह रोगियों में ब्‍लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने की क्षमता रखती है। मेथी के लड्डू खाने से रक्‍त शर्करा का स्‍तर नियंत्रित रहता है। इसके अलावा यह शरीर का पर्याप्‍त मात्रा में एनर्जी भी प्रदान करता है जिससे आप पूरा दिन आराम से काम कर सकें।

मेथी मधुमेह से ग्रस्‍त लोगों के लिए वरदान स्‍वरूप है। मेथी में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, नियासिन, पोटाशियम, आयरन और एल्‍कालॉयड होते हैं। मेथी स्‍वाद में थोड़ी कड़वी होती है इसलिए लड्डू के रूप में इसे खाने से इसका कड़वापन थोड़ा कम हो जाता है और इस तरह इसे खाने में भी आसानी होती है।

कैसे करता है मदद

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मेथी के लड्डू में घुलनशील फाइबर की उच्‍च मात्रा होती है जोकि रक्‍त कोशिकाओं में शुगर के घुलने की गति को धीमा कर देती है। मेथी में अमीनो एसिड की प्रचुरता होती है जोकि शरीर में इंसुलिन का उत्‍पादन बढ़ा देता है। इस वजह से मधुमेह नियंत्रण में रहता है। इसके अलावा योग और व्‍यायाम से भी इस बीमारी को कंट्रोल िकिया जा सकता है।

हालांकि, मधुमेह अगर गंभीर अवस्‍था में पहुंच गया है तो आपको मेथी के लड्डू नहीं खाने चाहिए क्‍योंकि इसमें शुगर भी होता है। अगर डायबिटीज़ नियंत्रित है तो आप एक दिन में एक लड्डू खा सकते हैं।

सेहतवर्द्धक मेथी के लड्डू बनाने की विधि

सामग्री : मेथीदाना : 50 ग्राम, चोकरयुक्‍त गेहूं का आटा : 250 ग्राम, एडिबल गम : 1 टेबलस्‍पून, गुड़ : 200 ग्राम, घी : 1 टेबलस्‍पून

विधि : मेथी को मध्‍यम आंच पर हल्‍का भूरा होने तक भून लें। अब चोकरयुक्‍त गेहूं के आटे में घी डालें और इसे हल्‍का भूरा होने तक भूनें। अब घी में एडिबल गम मिलाएं और तेज आंच पर गर्म करें। इसके बाद इसे ठंडा होने दें। अब इस मिश्रण को गोल यानि लड्डू का आकार दें। आप चाहें तो इसमें बादाम भी मिला सकते हैं।

इस बात का रखें ध्‍यान

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गर्भावधि मधुमेह या गर्भावस्‍था के दौरान अनियंत्रित डायबिटीज़ की अवस्‍था में मेथी के लड्डू नहीं खाने चाहिए। स्‍तनपान करवाने वाली महिलाओं को भी एक दिन में दो से ज्‍यादा लड्डू नहीं खाने चाहिए। मेथी के लड्डू खाने से महिलाओं के शरीर में दूध अधिक बनने लगेगा। अनियंत्रित डायबिटीज़ में भिगोये हुए मेथीदाने का प्रयोग कर सकते हैं। अगर आपका डायबिटीज़ अनियंत्रित है तो आपको डॉक्‍टर द्वारा बताए गए व्‍यायाम और योगासन जरूर करने चाहिए।

मेथी के लड्डू के अन्‍य फायदे

  • मेथी के लड्डू खाने से कार्डियोवस्‍कुलर बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है।
  • वजन कम करने में मदद मिलती है।
  • प्रसव प्रक्रिया में आसानी होती है इसलिए गर्भावस्‍था में महिलाएं मेथी के लड्डू खा सकती हैं।
  • कब्‍ज की परेशानी से निजात मिलती है।
  • एक्‍ने जैसी त्‍वचा संबंधित समस्‍याओं से मुक्‍ति मिलती है।
  • कैंसर का खतरा कम रहता है।
  • बालों के झड़ने की शिकायत नहीं रहती।

मेथी के दानों में गैलाक्‍टोमेनन होता है, जिस वजह से ये दिल का दौरा पड़ने के खतरे को कम करने में मदद करता है। पोटाशियम का मेथी सबसे बढिया स्रोत है जो सोडियम के प्रभाव को ककम करके ह्रदय गति और रक्‍तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।

मेथी का सेवन करने से शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर भी कम रहता है। मेथी शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को निकालने में मदद करता है। मेथी का फाइबर शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इस प्रक्रिया के द्वारा वह कैंसर से कोलोन के म्‍युकस मेमब्रेन की रखा करता है। गठिया और जोड़ों की बीमारी में भी मेथी किसी चमत्‍कारिक औषधि से कम नहीं है।

इस बात से पता चलता है कि मेथी के लड्डू खाने से ना केवल डायबिटीज नियंत्रिण में रहता है बल्कि इससे अन्‍य रोगों से भी सुरक्षा मिलती है। मेथी के लड्डुओं का सेवन टाइप 1 डायबिटीज़ और टाइप 2 डाय‍बिटीज़ दोनों के मरीज़ कर सकते हैं।

अगर आप मीठे के शौकीन हैं और लड्डू खाना आपको पसंद है लेकिन मधुमेह की वजह से आप ऐसा नहीं कर पाते हैं तो मेथी के लड्डू आपकी ये इच्‍छा पूरी कर सकते हैं। मेथी के लड्डू आपको मीठे का स्‍वाद तो देंगें ही साथ ही ब्‍लड शुगर को भी नियंत्रण में रखेंगें।

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