मधुमेह से बचने के लिए ध्‍यान में रखें ये छोटी-छोटी बातें

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मधुमेह एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जो अगर एक बार हो गई जो हमेशा आपके जीवन पर संकट बनकर मंडराती रहती है। टाइप 1 डायबिटीज़ हो या टाइप 2 डायबिटीज़, दोनों ही इंसान के लिए घातक होती हैं। स्‍वस्‍थ जीवन की कामना रखते हैं तो आपको मधुमेह से दूरी बनाकर रखनी चा‍हिए।

जानिए क्‍या है मधुमेह

मधुमेह को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। य‍ह मुख्‍यत: मेटाबॉलिज्‍म में विकार के कारण होती है। जब हम भोजन करते हैं तो इससे हमारे शरीर में अग्‍नाश्‍य अपने आप पर्याप्‍त मात्रा में इंसुलिन बनाने लगता है। इंसुलिन ग्‍लूकोज़ को कोशिकाओं में लेकर जाता है। मधुमेह की बीमारी में या तो इंसुलिन बन नहीं पाता है या बहुत कम मात्रा में बनता है।

भारत में 30 मिलियन से भी ज्‍यादा लोगों को डायबिटीज़ की बीमारी है। भारत के शहरी इलाकों में सीपीआर (क्रूड प्रेवलेंस रेट) 9 प्रतिशत माना जाता है। ग्रामीण इलाकों में कुल आबादी का सीपीआर लगभग 3 प्रतिशत है।

वर्तमान समय में भारत की कुल आबादी 1000 मिलियन से भी ज्‍यादा हो चुकी है और आबादी बढ़ने के साथ-साथ मधुमेह की समस्‍या भी बढ़ती जा रही है।

रिसर्च की मानें तो भारत में मधुमेह के मरीज़ों की संख्‍या हर मिनट बड़ी तेजी से बढ़ रही है और इसका सबूत है देश में बढ़ रही मधुमेह की एंटीडायबिटीक दवाओं की बिक्री। मधुमेह की बीमारी होने के बाद इसका ध्‍यान रखने या इसे नियंत्रित करने से बेहतर है कि आप पहले ही शरीर पर इसके हमले को रोकने का काम करें।

मधुमेह की बीमारी से बचने के लिए कुछ बातों का ध्‍यान रखना चाहिए। अगर आप अपनी जीवनशैली में इन छोटी-छोटी बातों का ध्‍यान रखेंगें तो आपको डायबिटीज़ तो क्‍या अन्‍य कोई और बीमारी भी नहीं होगी।

तो चलिए जानते हैं कि किन बातों को ध्‍यान में रखकर आप मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारी से बच सकते हैं।

प्रोटीनयुक्‍त फूड

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जिन लोगों को मधुमेह का खतरा रहता है उन्‍हें प्रोटीनयुक्‍त आहार लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे लोगों को अपनी डाइट में ज्‍यादा से ज्‍यादा प्रोटीनयुक्‍त चीज़ें शामिल करनी चाहिए और उन चीज़ों से दूर रहना चाहिए जिनमें वसा और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। प्रोटीनयुक्‍त डाइट से एनर्जी का स्‍तर बना रहता है और शरीर में मेटाबॉलिक रेट भी संतुलित रहता है।

धूम्रपान छोड़ें

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धूम्रपान का असर कार्डियोवस्‍कुलर और हार्मोंस के स्‍त्राव पर पड़ता है जिसके परिणामस्‍वरूप मधुमेह का खतरा काफी ज्‍यादा बढ़ जाता है। धूम्रपान छोड़कर मधुमेह के खतरे को तो कम किया जा ही सकता है साथ ही इससे आप स्‍वस्‍थ भी रहते हैं इसलिए धूम्रपान किसी भी तरह से सेहत के लिए फायदेमंद नहीं है।

ज्‍यादा पानी पीएं

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शरीर का सबसे महत्‍वपूर्ण तत्‍व है पानी जोकि रक्‍त में शर्करा की उच्‍च मात्रा को संगठित कर उसे बढ़ने से रोकती है। दिनभर में पर्याप्‍त पानी का सेवन करने से ना केवल शरीर के सभी अंग ठीक तरह से काम कर पाते हैं बल्कि इससे कार्डियोवस्‍कुलर और मधुमेह से संबंधित समस्‍याओं से भी छुटकारा मिल जाता है। मधुमेह में चाय भी फायदेमंद होती है। 

बेहतर नींद लें

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हाल ही में हुए कई अध्‍ययनों में यह बात सामने आई है कि किशोरावस्‍था में 7 से 8 घंटे की नींद लेने से डायबिटीज़ का खतरा कम हो जाता है जबकि जो लोग इससे कम घंटे की नींद लेते हैं उनमें मधुमेह का खतरा ज्‍यादा रहता है। कम नींद की वजह से शरीर में हार्मोंस की क्रिया बिगड़ जाती है जोकि मधुमेह का प्रमुख कारण है।

व्‍यायाम

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स्‍वस्‍थ जीवनशैली में नियमित शारीरिक क्रिया शामिल होती है। योग और व्‍यायाम से मधुमेह के खतरे से बचा जा सकता है। मधुमेह के साथ-साथ कई अन्‍य बीमारियों से बचने का ये सबसे असरकारी और आसान उपाय है। साइक्‍लिंग या जॉगिंग से आप इसकी शुरुआत कर सकते हैं।

फाइबर

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फाइबर युक्‍त आहार लेने से रक्‍त में शुगर आसानी से अवशोषित हो जाती है और इससे शरीर में इंसुलिन का स्राव सामान्‍य रहता है। अपने आहार में साबुत अनाज और मल्‍टी ग्रेन को शामिल कर बड़ी आसानी से मधुमेह से बचा जा सकता है। इसके अलावा अन्‍य फाइबरयुक्‍त खाद्यों का भी प्रयोग किया जा सकता है।

नियमित जांच है जरूरी

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मधुमेह से बचने का सबसे बेहतरीन तरीका है कि आप नियमित अपने ब्‍लड ग्‍लूकोज़़ की जांच करवाते रहें। 45 साल और इससे अधिक उम्र के लोग तीन साल में एक बार मधुमेह की जांच करवाते रहें। हालांकि, अगर आपका वजन बहुत ज्‍यादा है या आपको उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या है तो आपको तीन साल से भी कम समय के अंतराल में जांच करवाते रहना चाहिए। 

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