साबुत अनाज से घट सकता है डायबिटीज़ का खतरा

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साबुत अनाज अर्थात् दानों के तीनों भागों को खाया जाता है जिसमें रेशा युक्‍त बाहरी सतह और पोषकता से भरपूर बीज भी शमिल हैं। साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थों में एक बाहरी खोल, चोकर, भूसी, बीज और मुलायम एंडोस्‍पर्म होता है।

हाल ही में हुए एक अध्‍ययन में ये बात सामने आई है कि रोज़ साबुत अनाज युक्‍त खाद्यों जैसे जौ, ब्राउन राइस, बाजरा, दलिया और राई का सेवन करने से वजन कम होता है और इसके साथ ही ह्रदय रोग और मधुमेह का खतरा भी कम रहता है।

शोध के निष्‍कर्षों के अनुसार अधिक वजन वाले जो प्रतिभागी अनाज खाते थे उनमें सूजन के कम संकेत पाए गए। इसे टाइप 2 मधुमेह के विकास के जोखिम को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। रिसर्च में पाया गया कि परिष्‍कृत अनाज लेने वालों की तुलना में साबुत अनाज की डाइट से वजन में कमी आई। रिफाइंड अनाज अधिक स्‍टार्च युक्‍त आहार, ग्‍लूटन और प्राकृतिक फाइबर से रहित होता है। प्रतिभागियों को रिफाइंड अनाज की जगह साबुत अनाज का सेवन करने को कहा गया था।

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डेनमार्क की टेक्‍निकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर टाइन रास्‍क लिच्‍ट का कहना है कि इस अध्‍ययन के दौरान उन्‍हें पता चला कि मधुमेह से बचने और वजन को कम करने के लिए लोगों को अपने आहार में साबुत अनाज को शामिल करना चाहिए। जिन लोगों में कार्डियोवस्‍कुलर रोग और टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा ज्‍यादा हो उन्‍हें इस आहार का सेवन जरूर करना चाहिए।

इस अध्‍ययन में कार्डियोवस्‍कुलर रोग और टाइप 2 डायबिटीज़ होने की संभावना वाले लोगों को शामिल किया गया था। सभी प्रतिभागियों को दो समूह में बांटा गया जिनमें से एक समूह के प्रतिभागियों को आठ सप्‍ताह तक साबुत अनाज की डाइट दी गई और दूसरे समूह को रिफाइंड वैरायटी की डाइट दी गई।

शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों के मल के नमूनों का विश्लेषण करने के लिए डीएनए अनुक्रमण का परीक्षण किया जिससे ये पता लगाया जा सकता था कि इस अलग-अलग डाइट का प्रतिभागियों के पेट पर क्‍या असर पड़ रहा है। विश्लेषण में पेट के बैक्टीरिया की संरचना पर आहार संबंधी अनाज उत्पादों के प्रमुख प्रभाव नहीं पाए गए।

हालांकि विश्लेषण में साबुत अनाज के सेवन के बाद औसत आंत माइक्रोबायोटा में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखे गए।

साबुत अनाज के सेवन से वजन को कम किया जा सकता है और ये ओबेसिटी यानि मोटापे का रामबाण ईलाज है। साबुत अनाज ना केवल ऊर्जा प्रदान करते हैं बल्कि ये महत्‍वपूर्ण पोषण का प्रमुख स्रोत भी है। सफेद चावलों की जगह ब्राउन राइस, बाजरा, रागी और मक्‍के का सेवन करना चाहिए।

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